आशीर्वाद ने आटे के लिए ग्राहकों को दिया ‘क्‍वॉलिटी सर्टिफिकेट’



‘लिख के ले लो’ अभियान इस श्रेणी में लॉन्च किया गया क्‍वॉलिटी का एक अनूठा मानक है



दिल्ली (अमन इंडिया ) । भारत के नंबर 1 आटा ब्राण्ड आशीर्वाद ने एक महत्वपूर्ण और अनूठा कदम उठाते हुए अपना एक नया कैम्पेन ‘लिख के ले लो’ लॉन्च किया है। इसका मकसद ग्राहकों को आटे के जरूरी गुणवत्ता मानकों की जानकारी से लैस करना है। ऐसी उम्मीद की जा रही है इससे उन्हें सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। 


आज के दौर में ग्राहक भोजन में इस्तेमाल किए जाने वाले खाद्य पदार्थों को लेकर काफी सजग हो गए हैं और अक्सर उनकी गुणवत्ता जांचने के लिए उसकी सामग्रियों, स्रोत जैसी जानकारियां पाने की कोशिश करते  हैं। आटा जैसी खाद्य श्रेणी, जहां ज्यादातर लोग अभी भी अनब्राण्‍डेड प्रारूपों का इस्तेमाल कर रहे हैं, ऐसे में आशीर्वाद पहली बार इस क्षेत्र में एक पहल लेकर आया है। इस पहल के माध्यम से आशीर्वाद ग्राहकों में आत्मविश्वास लाना चाहता और उनके मन से हर डर को दूर करना चाहता है। जैसे इस्‍तेमाल किए जाने वाले गेहूं की गुणवत्ता संबंधी संदेह, कैसे उसे साफ किया गया होगा, उसे पीसा गया होगा या फिर क्या उसमें मैदा मिलाया गया है।


ब्राण्डेड आटा सेगमेंट में एक जिम्मेदार लीडर के तौर पर, आशीर्वाद पारदर्शिता और भरोसे को बढ़ावा देने के लिए पर्सनलाइज्‍ड ‘क्‍वॉलिटी सर्टिफिकेट’ लेकर आया है। आशीर्वाद शुद्ध चक्की आटे का हर पैक क्यूआर कोड के साथ आता है जिससे ग्राहकों को अपने आटे के बारे में जानकारी मिलेगी। साथ ही बेजोड़ क्‍वॉलिटी देने का ब्राण्ड का संकल्प भी मजबूत होगा।


इस सर्टिफिकेट में गेहूं से आटा बनने के उत्कृष्ट सफर की पूरी जानकारी दी गई है- 


सोर्सिंग: आशीर्वाद आटा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों के चुनिंदा गेहूं से तैयार किया जाता है। इसके बाद यह 40+ क्‍वॉलिटी कंट्रोल परीक्षणों से होकर गुजरता है।


पिसाई: गेहूं में किसी भी प्रकार की अशुद्धि ना रह जाए, इसके लिए तीन चरणों वाली प्रक्रिया से सफाई की जाती है। इसके बाद पारंपरिक तरीके के जैसीपत्थर की चक्की में उन्हें पीसा जाता है। इस प्रक्रिया से आटा ज्यादा पानी सोखता है और रोटियां बेहद नरम बनती हैं।शुद्धता: आशीर्वाद 100% आटा और 0% मैदा के वादे की शुद्धता के साथ आता है।

स्वच्छता: अनछुआ आशीर्वाद आटा सबसे स्वच्छ तरीके से पैक किया जाता है। इससे नमी के नियंत्रण के साथ, तीन महीनों की शेल्फ लाइफ मिलती है। 

इस कैम्पेन पर अपनी राय देते हुए, अनुज कुमार रुस्तगी, सीओओ, स्टेपल्‍स एवं एडजैसेंसीज, आईटीसी फूड्स, का कहना है, “लिख के ले लो’ कैम्पेन, आशीर्वाद की गुणवत्ता तथा शुद्धता की परंपरा में बहुत बड़ा कदम है। यह कैम्पेन सर्वोच्‍च मानक का गेहूं का आटा देने की हमारी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सर्टिफिकेट ना केवल हर कदम पर हमारे गुणवत्ता मानकों का आश्वासन देता है, बल्कि ग्राहकों को अपने मौजूदा विकल्पों से जुड़ी जानकारी पाने के लिए प्रेरित करता है। हमारा मानना है यह पहल ग्राहकों की अपेक्षाओं को नए सिरे से परिभाषित करेगी और इंडस्ट्री के लिए नए मानक तय करेगा।

इस कैम्पेन को मजबूती देने और ग्राहकों तक इस संदेश को प्रभावी तरीके से पहुंचने के लिए आशीर्वाद ने जानी-मानी टीवी अभिनेत्री रूपाली गांगुली को लेकर एक टीवी विज्ञापन कैम्पेन तैयार किया है। जहां वे आशीर्वाद आटा के ‘क्‍वॉलिटी सर्टिफिकेट’ फीचर का आकलन करती नजर आएंगी।


आशीर्वाद के साथ जुड़ने के बारे में रूपाली गांगुली कहती हैं, “भारत के लाखों घरों की तरह, आशीर्वाद भी वर्षों से हमारे घर का हिस्सा रहा है मैं ब्राण्ड के बेहतर क्‍वॉलिटी के प्रोडक्ट्स देने और ग्राहकों को बेहतर खाने के लिए प्रोत्साहित के संकल्प करने की सराहना करती हूं। ‘लिख के ले लो’ कैम्पेन, ग्राहकों को अपने और अपने परिवारों के लिए सबसे बेहतर का चुनाव करने का आशीर्वाद का एक और अनूठा प्रयास है। ग्राहकों को सजग व जागरूक करने के इस सफर में आशीर्वाद के साथ जुड़कर बहुत खुशी महसूस हो रही है।


आशीर्वाद का ‘क्‍वॉलिटी सर्टिफेकेट’ पाने के चरण - 

- पैक पर बने क्यूआर कोड को स्कैन करें

- इसके बाद ग्राहक वॉट्सअप के चैटबोट पर पहुंच जाएंगे

- पैक के अनूठे आइडेंटिफकेशन कोड को शेयर करें और ‘क्‍वॉलिटी सर्टिफकेट’ को डाउनलोड करें