गलगोटिया विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय टॉयकैथॉन-२०२२ प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ

गौतम बुद्ध नगर (अमन इंडिया)। गलगोटिया विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय टॉयकैथॉन-२०२२ प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ


किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के सलाहकार प्रो० राजेन्द्र बी० काकडे एवम् विशिष्ट अतिथि के रूप में शिक्षा मंत्रालय (इनोवेशन सैल) के सदस्य श्री पंकज पांडेय, श्री अरिन्दम मण्डल ने भाग लेकर सभी प्रतिभागी छात्रों को सम्बोधित किया। प्रो० बी० काकडे ने कहा कि एक समय था जब हम घर में ही खिलौना बना कर खेलते थे। उस समय के खिलौने बिना आवाज़ के होते थे और ज़्यादातर वो लकड़ी के ही बने होते थे। लेकिन आज इस आधुनिक और इनोवेशन के दौर में बोलते और हँसते हुए खिलौने बन रहे हैं। भारत सरकार का प्रयास है कि ऐसे खिलौने बनाये जायें जो हमारी संस्कृति के साथ-साथ हमारे महापुरुषों के जीवन के बारे में बच्चों को जानकारी दी। पंकज पांडेय ने कहा कि टॉयकैथोन माननीय प्रधानमंत्री जी के सपने का वह परिणाम है जो कि भारतीय खिलौनों के विकास में नये से नये आयामों की स्थापना करने जा रहा है। 

अरिन्दम मण्डल ने कहा कि खिलौनों का बाजार विश्व स्तर पर इकॉनॉमि को प्रभावित करता है। खिलौने मात्र खिलौने ही नहीं हैं। ये जीवन में मुस्कान भरते हैं। टॉयकैथोन वो अवसर है जो आपके जीवन को बचपन में लेकर जायेगा। इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र, तमिलनाडू, उडीसा, आन्द्रप्रदेश, मणिपुर, केरला, उत्तराखण्ड सहित देश के आठ राज्यों के शिक्षण संस्थानों की ४२ टीम भाग ले रही है। भाग ले रहे २५० छात्र देश में खिलौने बनाने की तकनीक को और मजबूत एवं सुगम बनाने पर लगातार अगले ७२ घण्टे तक कार्य करेंगें। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक भारतीय खिलौनों की खोजना करना और उन्हें नया स्वरूप देना है। यह टॉयकैथॉन प्रतियोगिता शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के इनोवेशन सेल के संरक्षण में आयोजित की जा रही है। भारत सरकार ने "आत्मनिर्भर भारत अभियान" के तहत टॉयकैथॉन २०२२ की पूरे भारत में नवीन खिलौनों और खेल के विचारों को बढ़ावा देने के लिए एक अवसर के रूप में शुरूआत की है। इस प्रतियोगिता को आयोजित कर गलगोटिया विश्विद्यालय आत्मनिर्भर भारत अभियान में अपना एक बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। गलगोटिया विश्वविद्यालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि मैं टॉयकैथॉन के प्रतिभागियों के लिए एक ऐसे आयोजन की कामना करता हूँ जो भारतीय संस्कृति, भारतीय लोकाचार और समृद्ध सभ्यता को नवीन डिजिटल और कागज आधारित खिलौनों के रूप में सामने लाए और दुनिया के हर हिस्से में खिलौनों के रूप में हमारी संस्कृति को भेजे। और मुझे यकीन है कि अगले 3 दिन इनोवेशन और एक्शन से भरपूर होंगे। और प्रत्येक प्रतिभागी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। खिलौनों के जगत में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिये इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की रूपरेखा को तैयार करने में ए० आई० सी० टी० के चैयरमैन अनिल सहस्रबुद्धे, शिक्षा मंत्रालय में इनोवेशन शैल के निदेशक डा० मोहित गम्भीर और चीफ़ इनोवेशन ऑफ़िसर अनिल जेरे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। 

कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति डा० प्रीति बजाज के संरक्षण में किया जा रहा है। और गलगोटिया विश्वविद्यालय उनके निर्देशन में नवाचार और तकनीकी के क्षेत्र में निरन्तर उन्नति की ओर अग्रसर हो रहा है।

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