भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर मंत्रालय का संवाद, EPCH ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे
नोएडा /दिल्ली (अमन इंडिया) । वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के हस्ताक्षर के अवसर पर भारत मंडपम में व्यापार एवं उद्योग संगठनों, एसोसिएशनों चैंबर्स और EPCs के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया।
इस कार्यक्रम में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) की ओर से आर. के. पासी, पूर्व अध्यक्ष एवं सदस्य CoA वरुण शर्मा, सदस्य CoA तथा राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक ने प्रतिनिधित्व किया।
बैठक की अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड के मिनिस्टर ऑफ़ ट्रेड & इन्वेस्टमेंट टॉड मैक्ले ने की। दोनों देशों ने FTA से जुड़े विभिन्न व्यापारिक मुद्दों और अवसरों पर अपने विचार साझा किए।
EPCH ने मंत्री के समक्ष उठाए प्रमुख मुद्दे एक‑से‑एक संवाद के दौरान EPCH ने हैंडीक्राफ्ट सेक्टर से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें शामिल हैं।
• ऊर्जा एवं गैस आपूर्ति संकट
• Retrospective Emergency Conflict Surcharge (ECS)
• MEIS स्क्रिप मूल्यों और वास्तविक पात्रता में अंतर
• VRIKSH को TRACE Scheme में शामिल करने का अनुरोध
• ECGC प्रीमियम पर सहयोग
EPCH ने कहा कि इन मुद्दों के समाधान से निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत होगी।
MHEA अध्यक्ष जनाब नवेद‑उर‑रहमान के विचार मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (MHEA) के अध्यक्ष जनाब नवेद‑उर‑रहमान ने इस पहल को निर्यातकों के लिए अत्यंत सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा“भारत–न्यूज़ीलैंड FTA के संदर्भ में मंत्रालय द्वारा उद्योग जगत को सीधे संवाद का अवसर देना स्वागतयोग्य कदम है। EPCH ने जो मुद्दे उठाए हैं, वे पूरे हैंडीक्राफ्ट उद्योग की वास्तविक चुनौतियों को दर्शाते हैं। यदि इन पर ठोस कार्रवाई होती है, तो निर्यातकों को तत्काल राहत मिलेगी।
उन्होंने आगे कहा मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट उद्योग विश्वभर में अपनी गुणवत्ता और डिज़ाइन के लिए जाना जाता है। FTA जैसे समझौते हमारे लिए नए बाज़ार खोल सकते हैं, बशर्ते सरकार ऊर्जा लागत, लॉजिस्टिक चुनौतियों और प्रोत्साहन योजनाओं में स्थिरता सुनिश्चित करे। हम आशा करते हैं कि मंत्रालय EPCH के सुझावों पर सकारात्मक निर्णय लेगा।