मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यात पर खाड़ी संकट का असर पड़ेगा

 मुरादाबाद के हस्तशिल्प निर्यात पर खाड़ी संकट का असर, ₹6,000 करोड़ का बाजार खतरे में


मुरादाबाद (अमन इंडिया ) । उत्तर प्रदेश  पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर युद्ध की आशंका ने मुरादाबाद के पीतल और हस्तशिल्प उद्योग को गंभीर संकट में डाल दिया है। खाड़ी देशों को होने वाले निर्यात में 3–8% तक गिरावट की आशंका जताई जा रही है, जिससे ₹6,000 करोड़ का वार्षिक बाजार प्रभावित हो सकता है।

MHEA अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने कहा “मुरादाबाद का हस्तशिल्प उद्योग अंतरराष्ट्रीय मांग पर निर्भर है। खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता से न केवल ऑर्डर होल्ड पर चले गए हैं, बल्कि नए ऑर्डर भी रुक गए हैं। यदि यह संकट लंबा चला, तो हमारे कारीगरों और निर्यातकों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा। हम सरकार से अपील करते हैं कि वह निर्यातकों को राहत देने के लिए त्वरित कदम उठाए।

वर्तमान हालात में कंटेनर शिपिंग पर आपात surcharges ($2,000–$4,000 प्रति कंटेनर) लगाए जा रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है और प्रतिस्पर्धा घट रही है। मुरादाबाद के अलावा कानपुर-उन्नाव का चमड़ा उद्योग और सहारनपुर का वुडन हैंडीक्राफ्ट सेक्टर भी प्रभावित हो रहा है।

संक्षिप्त प्रभाव का सारांश समुद्री मार्गों पर जोखिम के कारण कंटेनर अटके • खरीदारों ने नए ऑर्डर देने बंद किए

• उत्पादन लागत और बीमा प्रीमियम में वृद्धि

• निर्यात में संभावित 3–8% गिरावट

MHEA ने सभी संबंधित मंत्रालयों से आग्रह किया है कि वे निर्यातकों को लॉजिस्टिक्स, बीमा और ऑर्डर सुरक्षा में सहायता प्रदान करें ताकि भारत का हस्तशिल्प उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाए रख सके।