भारतीय हस्तकला उत्सव का भव्य शुभारंभ नवेद उर रहमान ने मुरादाबाद के शिल्पकारों का मनोबल बढ़ाया


दिल्ली (अमन इंडिया) । एक्रोपोलिस मॉल कोलकाता में आज भारतीय हस्तकला उत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। यह विशेष आयोजन भारत की प्रामाणिक GI-टैग्ड हस्तकलाओं को समर्पित है। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन डॉ. सम्पथ कुमार, अतिरिक्त महानिदेशक, डीजीएफटी, कोलकाता, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे। जिनमें ओ. पी. प्रहलाडका, पूर्व चेयरमैन एवं पूर्वी क्षेत्रीय संयोजक, EPCH नवेद उर रहमान, COA सदस्य, मुरादाबाद, EPCH संदीप कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय राजेश रावत, कार्यकारी निदेशक, EPCH; तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग प्रतिनिधि शामिल थे।

 नवेद उर रहमान की सक्रिय भूमिका रही केंद्र में उद्घाटन समारोह के दौरान श्री नवेद उर रहमान ने मोरादाबाद सहित देशभर से आए शिल्पकारों से विस्तृत संवाद किया। उन्होंने:


• GI-टैग्ड उत्पादों के महत्व और वैश्विक बाज़ार में उनकी बढ़ती मांग पर प्रकाश डाला

• शिल्पकारों को डिज़ाइन नवाचार, गुणवत्ता मानकों और निर्यात संभावनाओं पर मार्गदर्शन दिया

•मुरादाबाद के धातु शिल्प की विशिष्टता और अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया

• युवा कारीगरों को आधुनिक बाज़ार की मांगों के अनुरूप प्रशिक्षण और तकनीकी उन्नयन के लिए प्रेरित किया


उनकी उपस्थिति ने न केवल मुरादाबाद के प्रतिनिधित्व को सशक्त बनाया, बल्कि पूर्वी भारत में आयोजित इस महत्वपूर्ण आयोजन में एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण भी जोड़ा।

शिल्पकारों से संवाद और प्रदर्शनी का अवलोकन उद्घाटन के बाद मुख्य अतिथि एवं सभी गणमान्य व्यक्तियों ने प्रदर्शनी का भ्रमण किया और देशभर से आए 50 से अधिक शिल्पकारों से मुलाकात की। उन्होंने विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कलाओं—धातु शिल्प, वस्त्र कला, प्राकृतिक फाइबर उत्पाद, लकड़ी की नक्काशी, ज्वेलरी, टेराकोटा आदि की सराहना की।

 नवेद उर रहमान ने विशेष रूप से उन कारीगरों को प्रोत्साहित किया जो पहली बार कोलकाता में अपने GI-टैग्ड उत्पाद प्रदर्शित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से “भारतीय शिल्प की असली पहचान उपभोक्ताओं तक सीधे पहुँचती है और कारीगरों को सम्मानजनक बाज़ार मिलता है।

उत्सव की उत्साहपूर्ण शुरुआत कार्यक्रम का समापन सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह के साथ हुआ। उद्घाटन दिवस ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में यह उत्सव बड़ी संख्या में आगंतुकों को आकर्षित करेगा और भारतीय हस्तकला की समृद्ध परंपरा को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।