छठव्रतियों ने अंतिम दिन उदीयमान भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान किया


नोएडा (अमन इंडिया) । अखिल भारत हिन्दू महासभा एवं अखिल भारतीय प्रवासी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ॰मुन्ना कुमार शर्मा ने बताया कि  चैत्र शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को चैती छठ के अवसर पर प्रातःकाल उदीयमान भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया गया।छठव्रतियों ने आज छठ महापर्व के चौथे दिन नारियल,पकवान,लड़ुआ, बताशा, ईख,बद्धी,अगरबत्ती,सिंदूर और सभी प्रकार के फलों को सूप में रखकर और सूप को हाथ में उठाकर भगवान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित किया।इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं और परिवार के सदस्यों ने जल और दूध द्वारा अर्घ्य अर्पित किया।अर्घ्य के उपरांत छठव्रतियों ने सुसुप्ता (सूर्यपिंड) की पूजा कीं।उसके उपरांत स्वयं प्रसाद ग्रहण किया और परिवार के सभी सदस्यों और सभी उपस्थितजनों को भी छठ माता का प्रसाद वितरित किया।इसी के साथ चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो गया।

 शर्मा ने बताया कि भगवान सूर्य की उपासना का महान छठ महापर्व वर्ष में दो बार,चैत्र और कार्तिक महीने में धूमधाम से मनाया जाता है।छठव्रतियों द्वारा अर्घ्य नदी,तालाब,कृत्रिम तालाब में प्रवेश कर अर्पित किया जाता है।यह बिहार,पूर्वांचल,झारखंड, पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न शहरों में पूर्वांचल के निवासियों द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है।दिल्ली-एनसीआर में लाखों छठव्रती और श्रद्धालु भगवान सूर्य देव की उपासना का छठ महापर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।विदेशों में भी बिहार-पूर्वांचल के लोग बड़ी संख्या में इस पर्व को श्रद्धा के साथ मनाते हैं।उन्होंने बताया कि कार्तिक छठ को ज्यादा लोग मनाते हैं।