भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नेटफ्लिक्स के साथ कौशल पहल ‘इंस्पायरिंग इनोवेटर्स’ पर सहयोग किया
आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप, एक कौशल पहल के तहत बनाई गई आठ लघु फिल्में भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम पर रौशनी डालती हैं
नई दिल्ली (अमन इंडिया) । भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) के कार्यालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी के सहयोग से विकसित कौशल पहल 'इंस्पायरिंग इनोवेटर्स नये भारत की नयी पहचान' का समापन किया। ग्रैफिटी स्टूडियोज के साथ साझेदारी में क्रियान्वित इस पहल ने भारत के इनोवेशन एवं क्रिएटिव इकोसिस्टम को एक साथ लाकर स्टोरीटेलिंग और व्यावहारिक कौशल के माध्यम से सामाजिक रूप से प्रासंगिक नवाचार को बढ़ावा दिया है।
यह पहल पीएसए कार्यालय द्वारा पहचाने गए आठ भारतीय स्टार्ट-अप्स के योगदान को दर्शाती है, जो सामाजिक प्रभाव वाले नवाचार को आगे बढ़ाने में उनके कार्य के लिए चुने गए हैं। इन स्टार्ट-अप्स को भारत के आठ विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा बनाई गई आठ लघु एनिमेटेड फिल्मों के माध्यम से दिखाया गया है, जिसमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, चितकारा विश्वविद्यालय, सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन संस्थान और कई अन्य शामिल हैं। फिल्मों के लिए वॉयसओवर नेटफ्लिक्स द्वारा नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएफडीसी) के सहयोग से चलाई जा रही कौशल पहल वॉयसबॉक्स के प्रतिभागियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए थे।
नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी के तहत स्टोरीटेलिंग और कौशल-आधारित कार्यक्रम के रूप में डिजाइन की गई, यह पहल भारत के विविध हिस्सों से 26 छात्रों के एक समूह को व्यावहारिक रचनात्मक अनुभव प्रदान करती है। प्रतिभागियों में से पचास प्रतिशत महिलाएं थीं, जिसमें कई छात्र टियर-2 शहरों से आए थे। छात्रों को अहमदाबाद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) और ग्रैफिटी स्टूडियोज के विशेषज्ञों द्वारा मेंटर किया गया, जिससे उन्हें उद्योग प्रक्रियाओं का व्यावहारिक, वास्तविक दुनिया का अनुभव प्राप्त हुआ। इस पहल का ओरिजनल एंथम शंकर महादेवन अकादमी के छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया। जो कार्यक्रम में सांस्कृतिक और रचनात्मक आयाम जोड़ता है।
भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा‘‘भारत की पुरानी और समृद्ध कहानी कहने की परंपरा से जुड़े हुए आज हमारे रचनाकारों को भारतीय कहानियां दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाने का अच्छा मौका मिल रहा है। यह सरकार के प्रयासों से समर्थित है, जो बौद्धिक संपदा के नियमों को मजबूत कर रहे हैं और भविष्य के लिए तैयार रचनात्मक वातावरण बना रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, अब भारत में रचना करने और दुनिया के लिए रचना करने का सही समय है। इसमें सामग्री, रचनात्मकता और संस्कृति भारत की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार बन रहे हैं। कहानी कहने का काम अब रचनाकारों और नई तकनीकों से नया रूप ले रहा है। 'इंस्पायरिंग इनोवेटर्स' जैसी योजनाएं दिखाती हैं कि रचनात्मकता को समाज की भलाई के लिए कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है। मैं नेटफ्लिक्स की सराहना करता हूं, जो भारत में सार्थक कहानियां बताने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन नवोन्मेषकों की भी प्रशंसा करता हूं जो इस भावना का उदाहरण पेश कर रहे हैं, जबकि हम सब मिलकर विकसित भारत की ओर बढ़ रहे हैं।
प्रोफेसर अजय कुमार सूद भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार ने कहा“इंस्पायरिंग इनोवेटर्स को समाज से जुड़े नए आविष्कारों को सामने लाने और कौशल तथा ज्ञान बढ़ाने के रास्तों को मजबूत करने के लिए बनाया गया था। स्टार्ट-अप्स और छात्रों को रचनात्मक तरीके से एक साथ जोड़कर, और नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी से मिलने वाले कौशल समर्थन तथा उद्योग के मार्गदर्शन के साथ, यह कार्यक्रम भारत के नवाचार के पूरे सिस्टम को बनाने का एक पूरा तरीका दिखाता है जोकि सरकारी नीतियों के उद्देश्यों को प्रतिभा के विकास और असली दुनिया के उपयोग से जोड़ता है।
संजय जाजू भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव ने कहा ‘‘भारत में बहुत अच्छे नए आविष्कार हो रहे हैं, जो अक्सर समाज के इनोवेटर्स द्वारा रोज की चुनौतियों को हल करने के लिए प्रभावी और उद्देश्य से भरे समाधानों से प्रेरित होते हैं। नेटफ्लिक्स भारत में 10 साल पूरे कर रहा है। ऐसे में, इंस्पायरिंग इनोवेटर्स एक मजबूत उदाहरण है कि कहानी कहने को सिर्फ सामग्री बनाने से आगे बढ़ाकर एक सार्थक कौशल और सशक्तिकरण का मंच बनाया जा सकता है। यह पूरे देश की युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास और पेशेवर तरीके को दिखाता है। यह सच में रचनाकारों और कहानी कहने का दौर है। हम एआई से प्रेरित कहानियों वाले नए युग में कदम रख रहे हैं। इसलिए, नई तकनीकों को अपनाना जरूरी है, जो अगली पीढ़ी के विकास और तरक्की में मदद करें। भारत की उपयोगी और उद्देश्य वाली कहानियों को दूर-दूर तक दर्शकों तक पहुंचाना बहुत प्रोत्साहन देने वाला है।
महिमा कौल नेटफ्लिक्स इंडिया की ग्लोबल अफेयर्स डायरेक्टर ने कहा “नेटफ्लिक्स में हम भारत के युवा और आकर्षक क्रिएटिव इकोसिस्टम की स्किलिंग और अपस्किलिंग के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इंस्पायरिंग इनोवेटर्स वास्तविक सामाजिक मूल्य प्रदान करने वाले नवाचार को मान्यता देने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। स्टोरीटेलिंग को व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़कर, यह पहल सरकार, उद्योग और युवा क्रिएटर्स को एक साथ लाकर भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को आकार देने वाले विचारों को सार्थक और समावेशी तरीके से दिखाती है।
समापन समारोह में सभी आठ फिल्मों का प्रदर्शन, शंकर महादेवन अकादमी के छात्रों द्वारा एंथम की प्रस्तुति, और सरकार तथा साझेदार संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों द्वारा संबोधन शामिल थे। इंस्पायरिंग इनोवेटर्स – नये भारत की नयी पहचान भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने में कथावाचन, कौशल और स्टार्ट-अप्स की भूमिका पर जोर देती है।