भारत का पहला नेशनलिस्ट लाइफस्टाइल ब्रांड ‘लव माय इंडिया’ हुआ लॉन्च हर दिन इंडिया को सेलिब्रेट करने के मिशन के साथ
दिल्ली (अमन इंडिया) । भारत एक ऐसी विरासत लेकरचलता है जो हज़ारों साल पुरानी है - ज़्यादातर देशों से पुरानी औरकई सभ्यताओं से ज़्यादा समृद्ध। इसकी कहानी साहस, क्रिएटिविटीऔर इनोवेशन से लिखी गई है। फिर भी, लंबे समय तक यह गहरीपहचान सिर्फ़ कुछ खास मौकों तक ही सीमित रही। देशभक्तिचुनिंदा दिनों में सेलिब्रेट किया गया, कल्चर को कुछ पलों में सराहागया, और रोज़ाना लाइफस्टाइल धीरे-धीरे विदेशी ट्रेंड्स की ओरझुकी रही।
आज जब इंडिया इकॉनॉमिक, कल्चरल और क्रिएटिव रूप सेग्लोबल स्टेज पर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है, तबयह अंतर और भी साफ़ नज़र आने लगा। वैश्विक मान्यता बढ़ रहीथी, लेकिन रोज़मर्रा की ज़िंदगी में अपनी पहचान को जीने काआत्मविश्वास कहीं खो गया था। इस कमी को पूरी करने के लिएबना ‘लव माय इंडिया’ इंडिया का पहला नेशनलिस्टलाइफस्टाइल ब्रांड, जो सिर्फ़ मर्चेंडाइज़ या फैशन नहीं, बल्कि एकपहल है।
लव माई इंडिया का मूल विश्वास सरल है: देशभक्ति जोर-शोर याखास अवसरों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। यह स्वाभाविक, आधुनिक और हर दिन की जिंदगी का हिस्सा हो सकती है। यह ब्रांडभारतीयों को प्रोत्साहित करता है कि वे अपने गर्व को पहनें, अपनीजड़ों से जुड़े रहें और अपनी पहचान को हर दिन आत्मविश्वास केसाथ व्यक्त करें।
ब्रांड की कल्पना वंदना सेठी से हुई, जो विज्ञापन और कहानी कहनेकी दुनिया में दशकों का अनुभव रखती हैं। वे कहती हैं,
“मैंने कुछ ऐसा बनाना चाहा, जहां हमारे देश के प्रति गर्वकेवल अवसरों तक सीमित न रहे। यह हमारी रोजमर्रा कीजिंदगी का हिस्सा बने। आत्मविश्वास जड़ों से आए, मान्यता से नहीं, और पहचान स्वाभाविक रूप से मनाईजाए।
लव माय इंडिया को ऑफिशियली एक डिजिटल-फर्स्ट, डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया गया है, जहाँ खादीफ्लैग्स, अपैरल्स, पैट्रियोटिक पर्सनल एक्सेसरीज़ और नेशनलिस्टहोम आर्ट उपलब्ध हैं। इसका उद्देश्य स्पष्ट है: देशभक्ति को रोजमर्राकी जीवनशैली का हिस्सा बनाना, न कि केवल एक या दो दिन काउत्सव।
आज हम लीड करते हैं, जहाँ कभी फॉलो करते थे,” सेठी कहती हैं। हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है, हमारी सेना दुनिया की सबसेतेज़ी से बढ़ती सेनाओं में से एक है। हमारी टेक्नोलॉजी ग्लोबलीइंडस्ट्रीज़ को नया रूप दे रही है। हमारी संस्कृति, योग, आयुर्वेद, मूवीज़ और सोच को दुनिया अपना रही है। फिर भी, ज़्यादातर दिनोंमें हम ऐसे पहनावे को अपनाते हैं जैसे हम इस सबका हिस्सा ही नहींहैं। यह कमी गलत लगती है। पहली बार इंडियंस के पास ऐसाप्लेटफॉर्म है जहाँ वे हर दिन देशभक्ति दिखा सकते हैं।