IMECE इंडिया 2025 भारतीय इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और तकनीकी समुदायों के लिए एक बेहद महत्‍वपूर्ण सम्‍मेलन का आयोजन किया

 आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सरकारों के सहयोग से ASME का IMECE इंडिया 2025, भविष्य के इंजीनियरिंग संवाद के लिए शोध, उद्योग और शिक्षा जगत को एक मंच प्रदान करता है

ASME का उद्घाटन समारोह भारत में स्थिरता, नवाचार, समावेशिता और शिक्षा एवं उद्योग जगत के सहयोग पर जोर देने के साथ-साथ भारत के एमएसएमई, इनोवेशन स्क्वायर में हार्डवेयर-आधारित स्टार्टअप्स और इंजीनियरिंग शिक्षा संगोष्ठी, इंजीनियरिंग में महिला पैनल और एक्सपो शोकेस द्वारा भविष्‍य के लिए तैयार कौशल के बारे में भी बताता है। 

यह कार्यक्रम केरल की ICT अकादमी के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर का गवाह बना और इस कार्यक्रम के मुख्‍य वक्‍ताओं में आंध्र प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री, श्री श्रीनिवास कोंडापल्ली, स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक श्री पवन कुमार चंदाना और आंध्र प्रदेश एमएसएमई विकास निगम के अध्यक्ष श्री तम्मिरेड्डी शिवशंकर राव शामिल थे।

Delhi (अमन इंडिया ) ।  अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स (ASME) ने आज अपना प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय मैकेनिकल इंजीनियरिंग सम्‍मेलन और प्रदर्शनी (IMECE) इंडिया 2025 को जारी रखा। यह दुनिया का सबसे बड़ा मैकेनिकल इंजीनियरिंग सम्मेलन है और हैदराबाद में इसका आयोजन पहली बार किया गया। इस सम्‍मेलन में प्रेरक भाषणों और नीतिगत विचारों द्वारा इंजीनियरिंग और नवाचार में भारत की अग्रणी भूमिका पर प्रकाशा डाला गया । इस सम्‍मेलन में शोध, शिक्षा और उन्नत विनिर्माण में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्‍य से ASME और केरल की ICT अकादमी के बीच एक सहमति ज्ञापन(MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

 इसमें कई जाने-माने नेताओं ने अपने भाषणों द्वारा अपने विचार व्‍यक्‍त किए, जिनमें डॉ. षणमुगा सुंदरम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, IMECE इंडिया 2025; डॉ. लेस्टर के. सु, अध्यक्ष, ASME; श्रीनिवास कोंडापल्ली, मंत्री, MSME,SERP, और NRI अधिकारिता और संबंध, आंध्र प्रदेश सरकार, IMECE 2025, आंध्र प्रदेश MSME विकास निगम के अध्यक्ष तम्मिरेड्डी शिवशंकर राव, और  पवन कुमार चंदाना, सह-संस्थापक, स्काईरूट एयरोस्पेस शामिल थे। IMECE 2025 ने वैश्विक इंजीनियरिंग और नवाचार के क्षेत्र को आगे बढा़ने में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाया।

 मुख्य अतिथि  श्रीनिवास कोंडापल्ली, मंत्री, एमएसएमई, आंध्र प्रदेश सरकार, ने कहा, "मैं ASME के IMECE इंडिया 2025 में शामिल होकर, खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। अपने मज़बूत बुनियादी ढाँचे, क्षेत्रीय पार्कों और नवाचार केंद्रों के साथ, आंध्र प्रदेश विनिर्माण, MSME और निर्यात के केंद्र के रूप में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, यह भारत के कुल निर्यात में लगभग 8% का योगदान देता है। अपनी शानदार नीतियों, निवेश के लिए तैयार औद्योगिक केंद्रों और स्थिरता को मजबूत करके हमारा राज्‍य उद्योगों और स्टार्टअप्स दोनों के लिए बेहतरीन अवसर उपलब्‍ध करा रहा है। IMECE इंडिया भारत को एक नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था बनाने के लिए वैश्विक सहयोग को कार्यान्वित करने, इंजीनियरिंग अनुसंधान को आगे बढ़ाने और शिक्षा-उद्योग साझेदारी को मजबूत करने में मदद कर रहा है। साथ मिलकर, हम एक ऐसे भविष्य की  बुनियाद तैयार कर रहे हैं जहाँ भारत स्थायी नवाचार और औद्योगिक विकास में पूरी दुनिया को राह दिखाएगा। 

स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक पवन कुमार चंदाना ने IMECE 2025 पर खुशी प्रकट करते हुए कहा, "भारत अब केवल उन्नत तकनीकों का उपभोक्ता नहीं है - हम अब विश्वस्तरीय डीप टेक का निर्माण और निर्यात दुनिया भर में कर रहे हैं। रक्षा से लेकर ड्रोन, बायोटेक से क्वांटम और अंतरिक्ष से लेकर सेमीकंडक्टर तक, भारतीय स्टार्टअप ऐसी सफलताओं की सीढ़ी चढ़ रहे हैं, जो उद्योगों और समाजों को बदल कर रख देंगी। स्काईरूट IMECE इंडिया 2025 का हिस्सा बनकर प्रसन्न है, और हम ऐसे प्लेटफॉर्म्स का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जो भारत को नवाचार प्रदर्शित करने के लिए एक वैश्विक मंच प्रदान करें।"

ASME इंडिया के अध्यक्ष एवं निदेशक  मधुकर शर्मा ने कहा, "IMECE इंडिया 2025 भारतीय इंजीनियरों, शोधकर्ताओं और तकनीकी समुदायों के लिए एक बेहद महत्‍वपूर्ण सम्‍मेलन है। उन्हें वैश्विक नेटवर्क से जोड़कर और हमारे तकनीकी और इंजीनियरिंग समुदायों के माध्यम से अनुप्रयुक्त अनुसंधान को मजबूत करके, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग और 3डी प्रिंटिंग, उन्नत सामग्री और विनिर्माण प्रौद्योगिकियां, थर्मल प्रौद्योगिकियों में उन्नति, गैस टर्बाइन, ऑफशोर पाइपलाइन ट्रांसमिशन और वितरण प्रणाली, साइबर फिजिकल सिस्टम + एआई/एमए AI/ML, और संरचनाएं संरचनात्मक गतिशीलता और सामग्री जैसे क्षेत्रों शामिल करके, हम स्‍थायी और अधिक नवो-उत्पादों के विकास को सुगम बना रहे हैं।

ASME के अध्यक्ष लेस्टर के. सु ने कहा, "हम शोध एवं विकास में सहयोग देने, वैश्विक इंजीनियरिंग उपकरणों तक पहुँच बढ़ाने और IMECE  इंडिया जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से शिक्षा जगत और उद्योग को एक मंच पर लाने के लिए भारत के साथ साझेदारी करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण से लेकर स्मार्ट विनिर्माण और लचीले बुनियादी ढाँचे तक, स्थिरता के क्षेत्र में भारत के शानदार कार्यों से विशेष रूप से प्रेरित हैं। ये सफलताएँ अगली सदी को आकार देंगी, और भारत पहले से ही इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

 संजय कुमार, आईएएस विशेष मुख्य सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार विभाग (ITE&C) और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने कहा "ITE&C और उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तेलंगाना को नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता का केंद्र बनाने में मदद कर रहे हैं। प्रगतिशील नीतियों, मजबूत बुनियादी ढांचे और उद्योग के सहयोग से हम स्टार्टअप्स, MSMEs और वैश्विक उद्यमों के विकास के लिए एक मजबूत ईकोसिस्‍टम तैयार कर रहे हैं। IMECE इंडिया 2025 जैसे मंच न केवल भारत की इंजीनियरिंग और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रदर्शित करते हैं, बल्कि निवेश और नवाचार के लिए राज्‍य को एक पसंदीदा गंतव्य बनने की तेलंगाना की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करते हैं"।

डॉ. षणमुगा सुंदरम, कांग्रेस उपाध्यक्ष, IMECE इंडिया 2025 ने कहा। "दुनिया के सबसे बड़े मैकेनिकल इंजीनियरों के सम्मेलन में अपना शोध-पत्र प्रस्तुत करना, हर शिक्षाविद का सपना हुआ करता था, और यह अवसर कभी केवल अमेरिका की यात्रा करने वालों को मिलता था। आज, यह सपना साकार हो गया है। यह अनूठा अवसर दुनिया भर के शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों को उद्योग जगत के अग्रणी लोगों के इस सबसे बड़े सम्मेलन में शामिल होने, सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए आमंत्रित करता है। यह हमें यह भी बताता है कि शिक्षण, सीखने और इंजीनियरिंग के प्रति भारत का नवीन दृष्टिकोण देश को आत्मनिर्भर बनाने में कैसे योगदान दे रहा है। यह उद्घाटन समारोह एक शानदार अनुभव का दावा करता है, जो भविष्य के सहयोग और विचारों के लिए एक मजबूत आधार का काम करेगा।