आशा स्‍कूल के साथ आर्मी वाइव्‍स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) के सहयोग स्‍कूल को आधुनिक बनायेगे











आशा स्‍कूल में सम्पूर्ण व्यक्तित्व का निर्माण होता है : रेलिगेयर एंटरप्राइजेज और AWWA ने नई दिल्‍ली के आशा स्‍कूल को आधुनिक बनाने के लिये सहयोग किया


दूसरे शहरों में भी जमीनी-स्‍तर पर उल्‍लेखनीय प्रगति हुई है


दिल्‍ली में आशा स्‍कूल के साथ आर्मी वाइव्‍स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) के सहयोग की शुरुआत दिसंबर 2022 में हुई थी, इसके अंतर्गत पुणे, बेंगलुरु, लखनऊ, सिकंदराबाद और उधमपुर के स्कूलों को भी शामिल किया गया है

रेलिगेयर ने दिव्‍यांग बच्‍चों के लिये स्‍कूल को अपना पूरा सहयोग दिया है। इसमें पाठ्यक्रम, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर, शिक्षकों और बच्‍चों का स्‍वास्‍थ्‍य आदि शामिल हैं

रेलिगेयर इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के बाद स्‍टूडेंट्स को नौकरी के अवसर भी प्रदान करेगी

रेलिगेयर ने अगले साल सभी आशा स्‍कूलों के साथ सहयोग करने की योजना बनाई है, इसकी शुरुआत 5 अतिरिक्‍त सेंटर्स के साथ की जाएगी 


नई दिल्‍ली (अमन इंडिया ) ।  रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (REL) और AWWA ने आज नई दिल्‍ली और दूसरे शहरों में आशा स्‍कूलों को आधुनिक बनाकर एवं उनका संपूर्ण विकास करके दिव्‍यांग बच्‍चों की भलाई के लिये अपनी लंबे समय की प्रतिबद्धता की घोषणा की है। देश में AWWA द्वारा 32 आशा स्‍कूल चलाये जाते हैं, जो दिव्‍यांग बच्‍चों की क्षमता को निखारने का काम करते हैं। आशा स्‍कूल भारत के विभिन्‍न शहरों में लगभग 1200 बच्‍चों का पोषण कर रहे हैं, जिनमें 500 बच्‍चे सेवारत और  पुराने सैनिकों के बच्‍चे हैं और 500 बच्चे असैनिक पृष्ठभूमि से हैं। इसके अलावा, रेलिगेयर ने घोषणा की है कि कंपनी आगरा, हिसार, मथुरा, जालंधर और गुवाहाटी में 5 अतिरिक्‍त स्‍कूलों को सहयोग देगी। 


दिसंबर 2022 और अप्रैल 2023 में REL और AWWA के बीच शुरू हुए एक महत्‍वपूर्ण सहयोग के माध्‍यम से REL द्वारा नई दिल्‍ली, पुणे, बेंगलुरु, लखनऊ, सिकंदराबाद और उधमपुर के आशा स्‍कूलों को आधुनिक और बेहतर बनाने के लिये एमओयू पर हस्‍ताक्षर किये गये थे। REL ने दिल्‍ली के आशा स्‍कूल को नया रंगरूप देने  के लिये एक वर्ष से भी कम समय में इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर को बेहतर बनाने का उल्‍लेखनीय काम किया। दूसरे शहरों में भी स्‍कूलों को अपग्रेड करने के कार्य में जमीनी स्‍तर पर अच्‍छी प्रगति हुई है।  


यह घोषणा पहले फेज़ के सफल समापन के बाद हुई है, जिसमें आशा स्‍कूल, दिल्‍ली का आधुनिकीकरण हुआ था। दिल्‍ली में लागू मॉड्यूल-बेस्‍ड तरीके को दोहराते हुए, REL पाठ्यक्रम का विकास करने, इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर और अन्‍य स्‍कूलों में भी शिक्षकों की क्षमता को बढ़ाने जैसे विभिन्‍न हस्‍तक्षेप के जरिये अपना पूरा सहयोग प्रदान करती है। रेलिगेयर परिवहन सुविधाओं, व्यावसायिक मार्गदर्शन और नियुक्ति तथा इंटर्नशिप संबंधी सहायता का प्रावधान करने के अलावा स्टूडेंट्स की चिकित्सीय और पोषण संबंधी ज़रूरतों के साथ इन स्कूलों की मदद करना भी चाहती है । 


स्‍टूडेंट्स को आर्थिक रूप से आत्‍मनिर्भर बनाने के उद्देश्‍य से, रेलिगेयर ने इंटर्नशिप और प्रशिक्षण के मौके देकर धीरे-धीरे उनका कॉर्पोरेशंस से परिचय कराने की योजना भी बनाई है। प्रशिक्षण के बाद रेलिगेयर भारत की 100 से ज्‍यादा जगहों पर मौजूद रेलिगेयर ग्रुप कंपनियों में नौकरी की पेशकश भी करेगी। 

इस पहल के बारे में AWWA की प्रेसिडेंट, श्रीमती अर्चना पांडे ने कहा, “हमें शुरूआत में छह आशा स्‍कूलों के लिये अपने लंबे समय के सहयोग की घोषणा करके खुशी हो रही है और हम उम्‍मीद करते हैं कि इस पहल का विस्तार दूसरे आशा स्‍कूलों तक भी होगा। इस बेहद कम समय में हुई प्रगति हम दोनों ही भागीदारों के नेक इरादों का प्रमाण है। आशा स्‍कूल्‍स दिव्‍यांग बच्‍चों के लिये उम्‍मीद की किरण और पढ़ाई का केन्‍द्र रहे हैं। हम उन्‍हें सबसे बेहतरीन सुविधाएं एवं मौके देने के लिये प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे अपनी क्षमता को जान सकें और समाज में अपनी पहचान बना सकें।‘’  श्रीमती पांडे ने आशा स्‍कूलों की उपलब्धियों और AWWA के प्रयासों पर प्रकाश डाला और बताया कि दिव्‍यांग बच्‍चों की भलाई हमेशा से उनकी संस्‍था का केन्‍द्र-बिन्‍दु रहा है। REL ने AWWA की इस पहल में शानदार सहयोग दिया है और यह गठजोड़ इन बच्‍चों के लिये उज्‍जवल भविष्‍य की शुरूआत करेगा।

इस पहल के बारे में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड की एक्‍जीक्‍यूटिव चेयरपर्सन, डॉ. रश्मि सलूजा ने कहा, “हमें आशा स्‍कूलों के विकास में सहयोग देकर खुशी हो रही है। रेलिगेयर में, हम अपने परिचालन क्षेत्रों के समुदायों पर सकारात्‍मक प्रभाव लाने में यकीन रखते हैं और इस पहल को आशा स्‍कूलों के प्रयास में योगदान देने का एक मौका मान रहे हैं, ताकि दिव्‍यांग बच्‍चे सशक्‍त हो सकें। यह स्‍कूल बच्‍चों को प्रशंसनीय तरीके से शिक्षा एवं बढ़ावा देते हैं और अपनी पूरी क्षमता हासिल करने में उनकी सहायता करते हैं। इन बच्‍चों की शिक्षा एवं स्‍वास्‍थ्‍य में सहयोग देकर, हम उनके और अपने समाज के बेहतर भविष्‍य की आशा करते हैं। हमारा मकसद अगले साल तक सभी आशा स्‍कूलों के साथ साझेदारी करना है।

“इस भागीदारी से हम उद्योग में अपने जैसों के लिये एक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहे हैं, जो कि इन बच्‍चों के लिये समावेशी समाज बनाने में योगदान दे सकते हैं।

दिल्‍ल‍ी के आशा स्‍कूल के साथ दिसंबर 2022 में शुरू हुए सहयोग में पुणे, बेंगलुरु, लखनऊ, सिकंदराबाद और उधमपुर के स्‍कूल भी शामिल हो चुके हैं। इस भागीदारी को दूसरे स्‍कूलों तक पहुंचाने की भी योजना है।