खुला आसमान है पंख पसारने के लिए बस उड़ान भरनी है - डॉ. संदीप मारवाह




नोएडा (अमन इंडिया ) । एशियन अकादेमी ऑफ़ आर्ट्स द्वारा आयोजित 9वें ग्लोबल साहित्य महोत्सव नोएडा के अंतिम दिन एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसका विषय था  भारतीय साहित्यिक परिदृश्य में महिला लेखिकाओं का  योगदान और   चुनौतियां, इस विषय पर  चर्चा करते हुए  ए.ए.एफ.टी यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. संदीप मारवाह ने कहा वैसे तो हमारा साहित्य महिला लेखिकाओं से भरा हुआ है फिर चाहे वो सुभद्राकुमारी चौहान, महादेवी वर्मा, शिवानी,  कृष्णा सोबती,  उषा प्रियंवदा, मन्नू भंडारी या अमृता प्रीतम हो लेकिन जहां तक मेरी सोच जाती है हिंदी साहित्य में अपनी पहचान बनाने के लिए अभी भी महिलाये संघर्ष कर रही है जबकि उनकी लेखनी में वो ओजस्विता होती है जो किसी भी इंसान का मार्गदर्शन कर सकती है।  इस अवसर पर कुछ कुछ होता है, बेटा, साजन, राजा हिंदुस्तानी, देवदास, कभी ख़ुशी कभी गम, जैसी फिल्मो के गीतकार समीर अंजान,  सिनीसा पविक दिल्ली में सर्बिया गणराज्य का दूतावास के प्रभारी ,  हिंदी उर्दू व अवधी के कवि प्रताप सहगल,  लेखक तन्मय दुबे, उपन्यासकार ज्योति झा, जे.पी. सिंह साहनी, नरेश मुद्गल  और  भाजपा वरिष्ठ नेता विजय जौली ने इस विषय पर अपने अपने विचार रखे व छात्रों के सवालों के जवाब दिये। गीतकार समीर ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा  अगर आपके अंदर रिदम है,  प्रेम, और संगीत के प्रति रूचि है तो लेखन में गीत ग़ज़ल लिखना आसान है,  ऐसा नहीं की गीत वही  है जिसका दिल टुटा हो बल्कि  वो भी अच्छा लिख सकता जो अपने आपसे प्यार करता हो। विजय जौली ने कहा आज का युवा हर क्षेत्र में आगे है और मेहनत करना जानता है इस तरह के आयोजन में मुझे बहुत कुछ नया सीखने को मिलता है  और सीखने की कोई उम्र नहीं होती। तन्मय दुबे ने कहा आज छात्रों के सामने बहुत सारे अवसर है स्वयं की  काबिलियत दिखाने के लिए सिर्फ डॉक्टर इंजिनियर नहीं आज के युवाओं के पास खुला आसमान है पंख पसारने के लिए बस सही उड़ान भरने की जरूरत है।

अंत में डॉ. रमा सिंह  को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से नवाजा गया  साथ ही कवि कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए  भरतनाट्यम नृत्यांगना कुमारी सोमशेखरी, उस्ताद अकरम खान, तबला समीर शीतला पांडे,  बॉलीवुड गीतकार पं. राम दयाल शर्मा, नौटंकी लोक कलाकार कृष्ण कन्हाई, चित्रकार देवेन्द्र राज अंकुर, रंगमंच सीतेश आलोक,  लेखक डॉली डबराल, कवयित्री और लेखिका आदित्य आर्य, फोटोग्राफर को अटल बिहारी वाजपेयी पुरस्कार से नवाज़ा गया