ईद मिलाद-उन-नबी के मौके पर शांति का पैगाम दिया



ईद मिलाद-उन-नबी के शुभ अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता अल्हाज इरफान अहमद की ओर से दी गई शुभकामनाएं:

नई दिल्ली (अमन इंडिया )। (प्रतिनिधि) भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अल्हाज इरफान अहमद ने ईद मिलादुन्नबी (सल्ल.) के मौके पर भारत के मुसलमानों को बधाई देते हुए कहा कि इस्लाम के पैगम्बर (सल्ल.) पूरी दुनिया के लिए है। वह एक दर्पण है, जिसकी रोशनी में दुनिया और आख़िरत के लोग अपने आख़िरत और जीवन का सामना सफलता के साथ कर सकते हैं। दुनिया से आतंकवाद को ख़त्म करना केवल उनकी शिक्षाओं से ही संभव है पैगम्बर (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का नेक जीवन पूरी मानवता के लिए एक प्रकाशस्तंभ है। देशभर के सैकड़ों शैक्षणिक, सामाजिक और कल्याणकारी संगठनों से जुड़े अलहाज इरफान जी ने सरवर कुनैन ﷺ से प्यार करने और उनके तरीकों को अपनाने की जोरदार सलाह दी और अपने बयान में कहा कि पवित्र पैगंबर (ﷺ) का जन्म पूरे मुस्लिम उम्माह के लिए एक आशीर्वाद है। वह महान हैं और ब्रह्मांड के भगवान ने सरवर कुनैन की शिक्षाओं में सांसारिक जीवन में सफलता को रखा है, हमें अपने जीवन का हरपल दीनी व दुनियावी एतबार से दो दुनियाओं के मालिक अल्लाह के बताये अनुसार बिताना चाहिए। भाजपा सदस्य के रूप में विशेष कर अखिल भारतीय हज समिति और सेंट्रल वक्फ कौंसिल व रेलवे मंत्रालय की सर्वोच्च समिति पीएसी में भी विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके अल्हाज इरफान अहमद ने मुसलमानों को ईश्वर की इच्छा में समय बिताने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि वह सरवर कुनैन ताजदारे मदीना हजरत मोहम्मद (सल.) को अल्लाह ने आशीर्वाद से अपनी उम्मत को एक ऐसा सबक सिखाया है जो कहीं नहीं पाया जा सकता है और उसकी महिमा और कृपा की कविताएं और आशीर्वाद इंसानों, स्वर्गदूतों और यहां तक ​​​​कि इंसानों द्वारा भी पढ़े जाते हैं। पसमांदा मुस्लिम समाज उत्थान समिति संघ (पंजीकृत) के राष्ट्रीय मुख्य संरक्षक इरफान अहमद ने कहा कि कायनात के मालिक ने अपने प्यारे पैगम्बर को बनाकर पूरी उम्मत के लिए रहमत बनाकर भेजा है। इरफान अहमद ने आगे कहा कि जब मानवता का जनाजा उठ रहा था, हर शब्द पर तलवारे निकाल रहे थे तब ऐसी दुखद स्थितियों में पूरी दुनिया में शांति  प्रेम और मानवीय मूल्यों को कुचला जा रहा था तो सर्वशक्तिमान ईश्वर ने अपने प्रिय पैगंबर को दुनिया में भेजकर न केवल स्थिति को सुधारने पर जोर दिया, बल्कि एकता की मोमबत्ती भी जलाई और प्रभु के प्यारे की बातों और आचरण को पूरी दुनिया तक पहुंचाया। मुहम्मद इरफान अहमद ने यह भी कहा कि पवित्र पैगंबर (PBUH) द्वारा शिक्षा, संगठन और व्यापार पर जोर दिया गया था और आपसी एकता और भाईचारे के साथ रहने पर जोर दिया गया था, साथ ही आपसी संबंधों को कैसे सुधारा और मजबूत किया जाए और पड़ोसियों के क्या अधिकार हैं आदि चीजों पर शिक्षित किया !! माता-पिता की महानता और सम्मान के संबंध में दिया गया उनका संदेश स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाने योग्य है।

मनुष्यता के जिन आदर्शों पर आज यह दुनिया खड़ी है उसका निर्माण किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं हुआ है। आज हम जो और जैसे हैं वह हमारे सैकड़ों अवतारों, पैग़म्बरों और महान लोगों की हज़ारों सालों की कोशिशों और संघर्षों की देन है। आज का दिन दुनिया की एक बड़ी आबादी को दिशा देने वाले ऐसे ही एक महान पैगंबर हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का जन्मदिन है। मानवता, प्रेम, अमन और भाईचारे के संदेशवाहक हज़रत साहब इस्लाम धर्म के प्रवर्तक और उसके आखिरी नबी हैं।

दयालुता धार्मिकता की पहचान है जिसमें दयाभाव नहीं वह धार्मिक हरगिज़ नहीं हो सकता जिसने एक मानव की हत्या की, उसने गोया पूरी मानवता की हत्या की। जिस किसी ने एक मनुष्य को बचा लिया उसने मानवता को बचा लिया।

सच्चा मुसलमान वह है जिसके हाथ और ज़ुबान से दूसरे लोग महफ़ूज रहें। किसी कौम की दुश्मनी आपको इस बात पर आमादा न कर दे कि आप उनके साथ अन्याय करने लग जाओ हर एक के साथ इन्साफ करो चाहे वह दूसरे मज़हब का मानने वाला ही क्यों न हो !

अगर किसी मुसलमान ने किसी गैर मुस्लिम पर ज़ुल्म किया तो मै क़यामत के दिन उस मुसलमान के विरुद्ध उसका वकील बनकर खड़ा होऊंगा और उसे इन्साफ दिलाऊंगा !!