दिगम्बर जैन समाज के दस दिवसीय दशलक्षण पर्व (पर्यूषण पर्व) का आयोजन
नोएडा (अमन इंडिया) । परम पूज्य आचार्य 108 श्री श्रुतसागर जी मुनिराज के पावन सान्निध्य में इस वर्ष 16 सितंबर से 25 सितंबर तक श्रद्धा, तप, साधना एवं धार्मिक भावना के साथ किया गया। दशलक्षण पर्व जैन समाज का अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण पर्व है।
इन दस दिनों में जैन धर्म के दस लक्षणों क्षमा, मार्दव (मान का अभाव), आर्जव (छल-कपट से दूर रहना), शौच/शुचिता (पवित्रता), सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य (परिग्रह से दूर रहना) और ब्रह्मचर्य (सदाचार) की आराधना एवं आत्मचिंतन किया जाता है। इसी कारण दिगम्बर जैन समाज इसे दशलक्षण पर्व के रूप में मनाता है।
दशलक्षण पर्व का समापन अनंत चतुर्दशी एवं क्षमावाणी पर्व के साथ होता है। इस अवसर पर जैन धर्मावलंबी उपवास, तप, साधना, स्वाध्याय एवं धार्मिक आराधना करते हैं। जैन धर्म में अहिंसा को सर्वोच्च धर्म माना गया है तथा जीव मात्र के प्रति दया और करुणा इसकी मूल भावना है।
नोएडा के सेक्टर-27 एवं सेक्टर-50 स्थित जैन मंदिरों में क्षमावाणी पर्व श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। दोनों मंदिरों में बड़ी संख्या में जैन समाज के महिला, पुरुष एवं बच्चों ने भाग लिया। धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान लोगों ने आत्मचिंतन करते हुए एक-दूसरे से अपने जाने-अनजाने में हुई भूलों के लिए क्षमा याचना की और परस्पर प्रेम, मैत्री एवं सद्भाव का संदेश दिया।
इस अवसर पर समाज के लोगों ने एक-दूसरे से “मिच्छामि दुक्कडम्” कहते हुए क्षमा मांगी और आपसी मन-मुटाव समाप्त कर प्रेम एवं भाईचारे के साथ आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संगठन के अध्यक्ष के के जैन ने कहा कि क्षमावाणी केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, विनम्रता, क्षमा और आपसी सद्भाव का संदेश देने वाला पर्व है। आज के समय में क्षमा एवं अहिंसा की यह भावना समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
इस अवसर श्री दिगम्बर जैन भगवान पार्श्वनाथ प्रभावना समिति, सेक्टर-50, नोएडा के संरक्षक दिनेश जैन,अरुण जैन, अध्यक्ष प्रदीप जैन,सचिव पंकज जैनकोषाध्यक्ष विपिन जैन, विश्व जैन संगठन नोएडा के अध्यक्ष के के जैन, महासचिव दिनेश जैन, सीएमए पंकज जैन,राजेश जैन,गौरव जैन अनिल जैन तथा बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष व बच्चों ने भाग लिया।