19वें ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन ‘बियॉन्ड ग्लिटर एंड ग्लैमर’ में एक्टर्स की हालत पर विचारगोष्ठी
नोएडा (अमन इंडिया) । 19वें ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल नोएडा 2026 के दूसरे दिन नोएडा फिल्म सिटी स्थित मारवाह स्टूडियो में ‘बियॉन्ड ग्लिटर एंड ग्लैमर–फिल्म इंडस्ट्री में एक्टर्स की क्या हालत है’ विषय पर विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में फिल्म, टेलीविजन, आर्ट, कल्चर और मीडिया जगत से जुड़े कलाकारों एवं विशेषज्ञों ने फिल्म इंडस्ट्री की चकाचौंध के पीछे कलाकारों की वास्तविक स्थिति, संघर्ष, रोजगार के अवसरों और बदलते समय की चुनौतियों पर विचार साझा किए।
फेस्टिवल के प्रेसिडेंट एवं इंटरनेशनल चैंबर ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (ICMEI) के अध्यक्ष डॉ. संदीप मारवाह ने कहा कि ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल केवल फिल्मों की स्क्रीनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और युवा फिल्ममेकर्स को फिल्म इंडस्ट्री की विभिन्न बारीकियों से परिचित कराना भी है। उन्होंने कहा कि यह फेस्टिवल सीखने, अनुभव साझा करने और रचनात्मक संवाद का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने विद्यार्थियों से फेस्टिवल में आयोजित सेमिनार, वर्कशॉप और मास्टरक्लास का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
फेस्टिवल डायरेक्टर अशोक त्यागी ने कहा कि कलाकारों के सामने आने वाली वास्तविक चुनौतियों पर खुलकर बातचीत होनी चाहिए। फिल्म इंडस्ट्री लगातार बदल रही है और कलाकारों को नए माध्यमों, तकनीक तथा दर्शकों की बदलती पसंद के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।
सेमिनार में अरुण बख्शी, अमित बहल, मेहुल कुमार, फिल्म निर्देशक पंकज पाराशर, मनु ऋषि चड्ढा, दीप्ति ढिल्लों, दीपिंदर सिंह, सुचिता पिल्लई, सहित फिल्म एवं टेलीविजन जगत से जुड़े कलाकारों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।
इस अवसर पर राजीव सोलंकी, स्टिल फोटोग्राफर (इवेंट एवं वाइल्डलाइफ), गिरीश जैन, आर्टिस्ट एवं एक्टर, लोकेश अग्रवाल, एक्टर, कैप्टन याशिका हटवाल त्यागी, अनूप लाठर, एक्टर एवं चेयरपर्सन, कल्चर काउंसिल एवं पीआरओ, दिल्ली यूनिवर्सिटी, प्रो. मधु खन्ना और मुकुल कुमार सहित आर्ट एवं कल्चर क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
फेस्टिवल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भागीदारी देखने को मिली। निकारागुआ की एम्बेसडर नादेस्का इमारा कथबर्ट कार्लसन, निकारागुआ एम्बेसी की शायरॉन टावर्स, पब्लिक डिप्लोमेसी की हेड कैटरीन फखेरलादीन तथा सूरीनाम की एम्बेसडर हनीशा जयराम की मौजूदगी ने समारोह के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप को और मजबूत किया।
अरुण बख्शी ने कहा कि जब भी हम यहां आते हैं तो और अधिक समृद्ध होकर जाते हैं, क्योंकि यहां मिलने वाली ऊर्जा कहीं और नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि कलाकार वह होता है जो आने वाले कल को आकार देता है। आज की युवा पीढ़ी ही आने वाले समय के सिनेमा और कला को नई दिशा देगी।
मेहुल कुमार ने कहा कि फिल्म तिरंगा और क्रांतिवीर जैसी फिल्मों से जुड़े अनुभवों से यह स्पष्ट है कि मेहनत और अध्ययन कलाकार तथा फिल्ममेकर की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने युवा कलाकारों और निर्देशकों से भारतीय संस्कारों एवं मूल्यों को अपनी रचनात्मकता में बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हर बात को यह कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि ‘आजकल यही चलता है।’ नई पीढ़ी के कलाकारों और निर्देशकों को यह जिम्मेदारी समझनी होगी कि वे आने वाले समय के सिनेमा को किस दिशा में ले जाते हैं।
मारवाह स्टूडियोज द्वारा ICMEI के सहयोग तथा फिल्म, टेलीविजन, मीडिया, कला और संस्कृति जगत से जुड़े विभिन्न संगठनों के समर्थन से आयोजित 19वां ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल नोएडा 2026 16 से 18 सितंबर तक नोएडा फिल्म सिटी में आयोजित किया जा रहा है। तीन दिवसीय फेस्टिवल में फिल्म स्क्रीनिंग, सेमिनार, मास्टरक्लास, वर्कशॉप, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा फिल्म और मीडिया से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद आयोजित किए जा रहे हैं।