टेंट-बैंक्वेट कारोबारियों ने सरकार से मांगा उद्योग का दर्जा

 टेंट-बैंक्वेट कारोबारियों का महाधिवेशन, केंद्र-प्रदेश सरकार से राहत की मांग



टेंट-बैंक्वेट कारोबारियों ने सरकार से मांगा उद्योग का दर्जा, GST में राहत समेत 11 मांगें उठाईं


ग्रेटर नोएडा। टेंट, बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, कैटरिंग और वेडिंग इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों ने 19-20 सितंबर को गोल्डन ड्रीम विस्टा, ग्रेटर नोएडा में होने वाले महाधिवेशन से पहले शुक्रवार को नोएडा मीडिया क्लब में प्रेस वार्ता कर केंद्र और प्रदेश सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं। कारोबारियों ने कहा कि यह क्षेत्र लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देता है, इसके बावजूद इसे अब तक उद्योग का दर्जा नहीं मिला है।


प्रदेश सरकार से टेंट का सामान ले जाने वाले वाहनों को नो-एंट्री से मुक्त करने की मांग की गई। साथ ही बैंक्वेट हॉल और फार्म हाउस को सराय एक्ट के दायरे से बाहर रखने की मांग उठाई गई। कारोबारियों का कहना है कि इन स्थानों पर लोग ठहरने के लिए नहीं, बल्कि शादी-विवाह और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने आते हैं, इसलिए सराय एक्ट की औपचारिकताएं व्यावहारिक नहीं हैं।


नए विकसित क्षेत्रों में टेंट, बैंक्वेट हॉल, फार्म हाउस, कैटरिंग और इवेंट कारोबार के लिए रियायती दरों पर भूखंड उपलब्ध कराने तथा यूपीएसआईडीसी के प्लॉटों को फ्रीहोल्ड करने की मांग भी की गई। कारोबारियों ने ऐसे व्यवसायों के लिए अलग से ‘टेंट नगर’ विकसित करने का सुझाव दिया।


*GST में बड़ी राहत की मांग

केंद्र सरकार से सेवा प्रदाताओं के लिए GST पंजीकरण की सीमा सामान्य राज्यों में 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये और विशेष राज्यों में 10 लाख से 25 लाख रुपये करने का सुझाव दिया गया। वहीं कंपोजिशन स्कीम की सीमा 50 लाख से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये तथा कर की दर 6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की मांग रखी गई।

वेडिंग सेवाओं पर वर्तमान 18 प्रतिशत GST को तर्कसंगत करने की मांग करते हुए कारोबारियों ने 5 प्रतिशत बिना ITC या 18 प्रतिशत ITC सहित का विकल्प देने का सुझाव दिया। इसके अलावा सरकारी विभागों से भुगतान मिलने के बाद GST जमा करने की व्यवस्था, दूसरे राज्यों में काम करने पर ITC की समस्या दूर करने और वेडिंग इंडस्ट्री को विधिवत उद्योग का दर्जा देने की मांग की गई।

कारोबारियों ने ई-वे बिल की व्यवस्था में टेंट कारोबार की प्रकृति के अनुरूप बदलाव की मांग भी रखी। उनका कहना है कि टेंट का सामान कई बार बिक्री के लिए नहीं, बल्कि कार्यक्रमों में इस्तेमाल के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, इसलिए मौजूदा ई-वे बिल व्यवस्था में व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं।


प्रेसवार्ता में अध्यक्ष अशोक चावला, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरुण शर्मा, महामंत्री अभिलेश वर्मा, कोषाध्यक्ष महेश गुप्ता, संयुक्त महामंत्री मुकेश त्यागी, उपाध्यक्ष मुकेश सिंगल, युवा कोषाध्यक्ष पश्चिम क्षेत्र विनोद पाल, नोएडा अध्यक्ष जगदीश नागर, नोएडा महामंत्री विनोद शर्मा और नोएडा कोषाध्यक्ष प्रवीण चौहान सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।