IHGF दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 को लेकर उद्योग संघों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित


एनसीआर (अमन इंडिया ) । आगामी IHGF दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 के आयोजन को लेकर एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट्स (EPCH) द्वारा आज ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (TFC), बोरानाडा, जोधपुर में उद्योग संघों एवं प्रमुख निर्यातकों के साथ एक संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया।


कार्यक्रम की शुरुआत EPCH के उप निदेशक  नवीन गौड़ के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने EPCH के चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना, CoA सदस्य  नावेद उर रहमान,  रोहित धल्ल एवं  निर्मल भंडारी का स्वागत किया। बैठक में जोधपुर हैंडीक्राफ्ट फेडरेशन के अध्यक्ष  नरेश बोथरा, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष  भरत दिनेश, यंग एंटरप्रेन्योर्स सोसायटी के अध्यक्ष  राजेश गुप्ता, पूर्व EPCH CoA सदस्य श्री हंसराज बाहेती, तथा प्रमुख निर्यातक श्री राधेश्याम रंगा एवं श्री गौरव जैन सहित अन्य उद्योग प्रतिनिधि एवं हितधारक उपस्थित रहे।


EPCH चेयरमैन डॉ. नीरज खन्ना ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक बाजार परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों के बीच चल रहे युद्ध, टैरिफ, व्यापारिक बाधाओं तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के कारण वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है, जिसका असर हस्तशिल्प निर्यात क्षेत्र पर भी पड़ा है। उन्होंने कहा कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में EPCH निर्यातकों को अधिक सहयोग एवं राहत प्रदान करने तथा IHGF दिल्ली फेयर की व्यवस्थाओं को और बेहतर एवं सुचारू बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।


उन्होंने बताया कि निर्यातकों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से IHGF दिल्ली फेयर की सहभागिता दर में ₹4,000 की कमी करने का प्रस्ताव रखा गया है। डॉ. खन्ना ने कहा कि जोधपुर देश का दूसरा सबसे बड़ा हस्तशिल्प क्लस्टर है और यहां के निर्यातकों की राय एवं सहयोग इस पहल के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपस्थित निर्यातकों एवं उद्योग प्रतिनिधियों ने प्रस्तावित शुल्क कमी का स्वागत करते हुए अपना समर्थन व्यक्त किया।


संवाद के दौरान श्री निर्मल भंडारी, श्री नरेश बोथरा, श्री हंसराज बाहेती एवं श्री भरत दिनेश ने हस्तशिल्प निर्यात उद्योग के समक्ष आ रही विभिन्न चुनौतियों पर अपने विचार रखे तथा निर्यातकों के हित में EPCH द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। श्री भरत दिनेश ने IHGF दिल्ली फेयर की अवधि को वर्तमान 5 दिनों से घटाकर 4 दिन करने का सुझाव दिया, जिसे उपस्थित निर्यातकों का भी समर्थन मिला।

डॉ. नीरज खन्ना ने IHGF दिल्ली फेयर में टेंडर एवं स्टॉल आवंटन प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में निर्यातकों की अधिक भागीदारी तथा स्टॉल आवंटन के ड्रॉ के समय निर्यातकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने जैसे कदमों से प्रक्रिया में विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत किया जा सकता है।


कार्यक्रम के पश्चात प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें EPCH चेयरमैन ने मीडिया प्रतिनिधियों को वैश्विक व्यापार की वर्तमान स्थिति तथा युद्ध, टैरिफ एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण उत्पन्न चुनौतियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि EPCH भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक बाजार में बढ़ावा देने तथा निर्यातकों को मौजूदा कठिन परिस्थितियों में सहयोग प्रदान करने के लिए विभिन्न आर्थिक एवं प्रशासनिक पहल कर रहा है।


उन्होंने बताया कि IHGF दिल्ली फेयर का वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, भारतीय दूतावासों तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक विदेशी खरीदारों को मेले से जोड़ा जा सके और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को बढ़ाया जा सके।


EPCH चेयरमैन ने यह भी कहा कि भारत सरकार द्वारा किए जा रहे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) सहित विभिन्न नीतिगत प्रयास भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजारों के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय हस्तशिल्प की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बढ़ाना और निर्यातकों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराना EPCH की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सत्र के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों और EPCH के बीच खुले एवं सकारात्मक संवाद के माध्यम से आगामी IHGF दिल्ली फेयर–ऑटम 2026 को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं निर्यातक हितैषी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझावों पर चर्चा हुई।