फोनरवा के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी मेधा रूपम के साथ आयोजित बैठक की


फोनरवा ने जिलाधिकारी से आरडब्ल्यूए से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु किया अनुरोध

नोएडा (अमन इंडिया ) । फेडरेशन ऑफ नोएडा रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (फोनरवा) के पदाधिकारियों ने आज जिलाधिकारी  मेधा रूपम के साथ आयोजित बैठक में आरडब्ल्यूए से संबंधित विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की तथा विभिन्न सेक्टरों से प्राप्त सुझावों एवं शिकायतों का एक विस्तृत ज्ञापन उन्हें सौंपा।

फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने कहा कि आरडब्ल्यूए का सामाजिक कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं जिम्मेदारीपूर्ण होता है। आरडब्ल्यूए को क्षेत्र में व्यवस्था बनाए रखने के लिए समय-समय पर नियमानुसार आवश्यक निर्णय लेने पड़ते हैं। दुर्भाग्यवश, कई बार कुछ लोग बिना पर्याप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आरडब्ल्यूए के विरुद्ध डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायतें दर्ज करा देते हैं। ऐसी शिकायतों पर यदि प्रारंभिक जांच किए बिना कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाती है, तो आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों का बहुमूल्य समय अनावश्यक प्रक्रियाओं में व्यतीत होता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी आरडब्ल्यूए द्वारा वास्तव में कोई अनियमितता की जाती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए, किंतु किसी भी शिकायत पर कार्रवाई से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि शिकायत तथ्यों एवं पर्याप्त साक्ष्यों पर आधारित हो तथा उसकी प्राथमिक जांच के उपरांत ही आगे की कार्रवाई की जाए।

फोनरवा के महासचिव के. के. जैन ने बताया कि वर्तमान में डिप्टी रजिस्ट्रार सप्ताह में केवल तीन दिन—सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को सूरजपुर कार्यालय में बैठते हैं। अधिकांश संस्थाओं के पदाधिकारी आवश्यक दस्तावेज जमा कर अपनी समस्याओं से अवगत कराते हैं, किंतु संस्थाओं की मूल फाइलें एवं अभिलेख गाजियाबाद स्थित मुख्य कार्यालय में होने के कारण मामलों के निस्तारण एवं निर्णय लेने में अनावश्यक विलंब होता है। इसके अतिरिक्त सूरजपुर कार्यालय में स्थान की भी सीमित व्यवस्था है। उन्होंने अनुरोध किया कि या तो सूरजपुर कार्यालय में डिप्टी रजिस्ट्रार के बैठने के दिनों में कमी की जाए अथवा संबंधित संस्थाओं के अभिलेख एवं आवश्यक दस्तावेज सूरजपुर कार्यालय में उपलब्ध कराए जाएं, जिससे कार्यों का शीघ्र निस्तारण संभव हो सके।

फोनरवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष उमाशंकर ने बहुमंजिला आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले निवासियों के लिए ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग की लंबे समय से लंबित समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि अभी तक ईवी चार्जिंग की सुविधा एवं उपयोग के संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश अथवा मानक प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण निवासी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने इस विषय में शीघ्र स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाने का अनुरोध किया, ताकि समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

जिलाधिकारी श्रीमती मेधा रूपम ने फोनरवा द्वारा प्रस्तुत सभी मुद्दों एवं सुझावों को गंभीरता से सुना तथा आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों से परीक्षण कर आवश्यक एवं व्यावहारिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में फोनरवा के अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, महासचिव के. के. जैन, विजय भाटी, उमाशंकर,पवन यादव संजय चौहान  कोसिंदर यादव,  भूषण शर्मा,  सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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