जर्मनी ने भारतीय यात्रियों के लिए ट्रांज़िट वीज़ा समाप्त किया निर्यातकों के लिए बड़ी राहत : MHEA अध्यक्ष नवे़द उर रहमान
नई दिल्ली (अमन इंडिया) । जर्मनी सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए घोषणा की है कि अब जर्मन एयरपोर्ट पर ट्रांज़िट के लिए वीज़ा की आवश्यकता नहीं होगी। यह नियम 3 जून 2026 से प्रभावी हो गया है। यह बदलाव जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और आर्थिक सहयोग का संकेत माना जा रहा है।
यह निर्णय विशेष रूप से उन भारतीय यात्रियों और निर्यातकों के लिए राहत लेकर आया है जो यूरोप, अमेरिका, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका की उड़ानों में जर्मनी को ट्रांज़िट हब के रूप में उपयोग करते हैं।
MHEA अध्यक्ष नवे़द उर रहमान की प्रतिक्रिया Moradabad Handicrafts Exporters Association (MHEA) के अध्यक्ष श्री नवे़द उर रहमान ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा जर्मनी द्वारा ट्रांज़िट वीज़ा समाप्त करना भारतीय निर्यातकों, विशेषकर मोरादाबाद के हैंडीक्राफ्ट उद्योग के लिए एक बड़ी राहत है। इससे यात्रा प्रक्रिया सरल होगी, समय बचेगा और अनावश्यक औपचारिकताओं से छुटकारा मिलेगा। यह कदम भारत‑जर्मनी व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह निर्णय उन निर्यातकों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो जर्मनी के फ्रैंकफर्ट, म्यूनिख और हैम्बर्ग जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स से होकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार यात्राएँ करते हैं।
✦ इस निर्णय से निर्यातकों को होने वाले प्रमुख लाभ
• यात्रा प्रक्रिया सरल अब ट्रांज़िट वीज़ा आवेदन, दस्तावेज़ और अपॉइंटमेंट की आवश्यकता समाप्त।
• समय और लागत की बचत वीज़ा शुल्क, एजेंट शुल्क और प्रतीक्षा समय खत्म।
• तेज़ व्यापारिक यात्राएँ अचानक तय होने वाली मीटिंग्स या प्रदर्शनियों में भाग लेना आसान।
• यूरोप के लिए बेहतर कनेक्टिविटी जर्मनी यूरोप का सबसे बड़ा ट्रांज़िट हब है, जिससे निर्यातकों को अधिक उड़ान विकल्प मिलेंगे।
• भारत‑जर्मनी व्यापार संबंध मजबूत हैंडीक्राफ्ट, होम डेकोर और मेटल आर्ट उद्योग को सीधा लाभ।
MHEA अध्यक्ष नवे़द उर रहमान ने सरकार से अनुरोध किया कि ऐसे सकारात्मक अंतरराष्ट्रीय निर्णयों की जानकारी निर्यातकों तक तेज़ी से पहुँचाने के लिए एक समन्वित तंत्र बनाया जाए, ताकि उद्योग को अधिकतम लाभ मिल सके।