अवैध बैंक्वेट हॉलों को लेकर प्राधिकरण मौन : शालिनी सिंह



नोएडा में जनसमस्याओं पर गरजा नौएडा सिटीजन फोरम, SIT जांच और अवैध निर्माणों पर उठाए सवाल


नोएडा (अमन इंडिया ) । सामाजिक संस्था नौएडा सिटीजन फोरम की कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने बुधवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शहर के कई अहम जनहित मुद्दों को उठाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और त्वरित, पारदर्शी कार्रवाई की मांग की।

सबसे प्रमुख मुद्दे के रूप में सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले को उठाया गया। शालिनी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित SIT द्वारा तय समय सीमा के बजाय करीब तीन महीने में रिपोर्ट प्रस्तुत करना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिपोर्ट में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया गया, जबकि उच्च अधिकारियों की भूमिका की अनदेखी की गई। फोरम ने जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए इस मामले में न्यायिक जांच की मांग की, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। प्रेस कॉन्फ्रेंस में दूसरा बड़ा मुद्दा शहर में संचालित अवैध बैंक्वेट हॉल और बारात घरों का रहा। शालिनी सिंह ने कहा कि जिन बैंक्वेट हॉलों को प्राधिकरण पहले ही अवैध घोषित कर चुका है, वहां सार्वजनिक कार्यक्रमों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि ऐसे भवनों को ध्वस्तीकरण तक सील किया जाए और संबंधित थाना व प्राधिकरण अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी सरकारी या जनप्रतिनिधियों के कार्यक्रम अवैध भवनों में आयोजित नहीं होने चाहिए, इससे सरकार की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। फोरम ने शहर में बढ़ती पर्यावरणीय समस्या पर भी चिंता जताई। सेक्टर-145 समेत कई क्षेत्रों में अवैध डंपिंग ग्राउंड में लगातार लग रही आग को गंभीर बताते हुए शालिनी सिंह ने कहा कि इससे लोगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने सभी अवैध डंपिंग साइट्स को तुरंत बंद करने और कचरा निस्तारण के लिए स्थायी एवं वैज्ञानिक व्यवस्था लागू करने की मांग की।

पेयजल संकट को लेकर भी फोरम ने नाराजगी जाहिर की। शालिनी सिंह ने कहा कि कई सेक्टर, गांव और सोसाइटी लंबे समय से स्वच्छ पेयजल से वंचित हैं, जो कि एक मूलभूत अधिकार है। उन्होंने नियमित और साफ जल आपूर्ति सुनिश्चित करने, जल गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करने और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा शहर की पुरानी सीवर व्यवस्था को भी गंभीर समस्या बताते हुए नई सीवर लाइनें बिछाने की आवश्यकता बताई गई। उन्होंने कहा कि जर्जर सीवर लाइनों के कारण कई जगह सीवर जाम रहते हैं, जिससे गंदा पानी घरों में घुसने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। शालिनी सिंह ने अंत में कहा कि प्रशासन को जनसमस्याओं के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता अपनानी होगी, क्योंकि “न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है।” उन्होंने चेतावनी दी कि फोरम लापरवाह अधिकारियों की पहचान कर उनकी शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचाएगा, ताकि नोएडा में सुशासन सुनिश्चित किया जा सके। इस अवसर पर फोरम के महासचिव प्रशांत त्यागी, सचिव गरिमा त्रिपाठी, गिरीश कपूर, मधु मेहरा, छाया राय, प्रदीप यादव, रेणु बाला शर्मा ज्योत्सना पमनानी एवं एडवोकेट कमल कौशिक आदि उपस्थित थे।