नोएडा (अमन इंडिया) । सनातनी त्योहारों को सनातनी पद्धति से मनाने की परंपरा को बढ़ाने और बाजार के खेल से दूर रखने के उद्देश्य से मौलिक भारत और भारतीय धरोहर निरंतर जागरूकता अभियान चलाती रहती है । होली के पावन पर्व पर होलिका दहन गाय के गोबर से बने उपलों से किया जाए इस अभियान को संस्थाओं ने पूज्य संत अतुल कृष्ण जी महाराज के माध्यम से जन जन में प्रसारित किया है । पूज्य संत अतुल कृष्ण जी ने सभी सनातनियों से अनुरोध किया है कि पर्यावरण की शुद्धता और संरक्षण परंपरागत भारतीय पद्धतियों से ही संभव हो सकता है । गाय को सनातन धर्म में इसीलिए पूजनीय माना गया है क्योंकि यह सम्पूर्ण रूप से मानव और प्रकृति के लिए शुद्ध और लाभकारी है । इसीलिए हम सभी को होलिका दहन गाय के गोबर से बने उपलों से करना चाहिए साथ ही यथासंभव होली खेलने के समय प्राकृतिक रंगों का उपयोग ही करना चाहिए । मनीष गुप्ता (मौलिक भारत (दिल्ली एनसीआर सचिव) ने बताया कि गाय के गोबर से बने उपले प्रत्येक गौशाला में उपलब्ध हैं और वहाँ से लाए या मँगाए जा सकते हैं ।
इस अवसर पर अनेक धर्मप्रेमी यथा प्रवीण शर्मा, अनुज अग्रवाल, प्रमोद शर्मा, हरिकृष्ण शर्मा और समाज के अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने पूज्य महाराज जी के आह्वान का समर्थन किया और इसको एक बड़े अभियान के रूप में चलाने का संकल्प लिया ।