ग्रेटर नोएडा (अमन इंडिया) । तिलक बस्ती सैक्टर ईटा टू ग्रेटर नोएडा में विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि साध्वी प्रज्ञा भारती, अध्यक्षा संभव इंटरनेशनल फाउंडेशन, पदम क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्य वक्ता, शिवकुमार रामानुजाचार्य कार्यक्रम अध्यक्ष तथा श्री हरिश्चंद्र सिंह संयोजक समिति के अध्यक्ष रहे।
कार्यक्रम का विधिवत प्रारंभ पाणिनि वेद वेदांग गुरुकुल के ब्रह्मचारियों द्वारा समस्त हिंदू समाज के शुभ एवं मंगलकारी कामना के लिए हवन तथा अतिथियों द्वारा मां भारती के चित्र के सम्मुख पुष्पांजलि अर्पण कर किया गया।
मुख्य वक्ता पदम जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि हिंदू सम्मेलन हिंदुओं को संगठित करने के पुण्य प्रयास का ही प्रतिफल है। संपूर्ण भारतवर्ष में एक साथ एक लाख से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किया जा रहे हैं। उन्होंने हिंदू समाज की हीनता को हर कर हिंदुत्व को जागृत करने वाले और संगठित हिंदुत्व की नींद रखने वाले डॉ केशव बलिराम हेडगेवार को नमन किया। उन्होंने कहा कि सज्जनों को समाज का दर्पण बनना पड़ेगा। भारतवर्ष के विभाजन, दंगों के कष्टदायक समय तथा कोरोना में भी संघ का स्वयंसेवक सेवा भावी व्यवहार करते हुए समाज को प्रेरणा दे रहा था। उन्होंने समाज के सम्मुख परतंत्रता की हीनता को त्याग कर गर्व का अनुभव करने का भाव जागृत किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक के पंच परिवर्तन का मूल मंत्र हिंदू समाज के सर्वोन्मुखी अभ्युदय का कारण बनेगा।
साध्वी प्रज्ञा भारती जी ने अपने उद्बोधन में कहा की विशाल हिंदू सम्मेलन सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण है। भारत हमारी संवेदना , राष्ट्र निर्माण के संकल्प की भावना है। आज हमें अखंडित भारत के एक अंग बांग्लादेश और दूसरे अंग पाकिस्तान की स्थिति से सीखने की आवश्यकता है। समाज में मातृशक्ति सृजन की परिचायक है। मातृशक्ति एक संतान तो देश के नाम कर दे। पूर्व में भी जीजाबाई जैसी माता ने ही शिवाजी राजे जैसे पुत्र उत्पन्न कर, हिंदवी साम्राज्य की स्थापना करने वाले का निर्माण किया था।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कवि मुकेश शर्मा, शुभम मंगला, संस्थापक साइबर सिपाही, महेश आर्य, धर्मेंद्र ने अपने कविता पाठ द्वारा सूत्र श्रोताओं के मन को राष्ट्र प्रेम से भर दिया।
इस्कॉन के श्रद्धालुओं ने हरे कृष्णा हरे राम महामंत्र का वाचन कर वातावरण को अध्यात्म मय कर दिया। विद्यार्थियों के अनेकों समूहों ने सरस्वती वंदना ,गणेश वंदना ,शिव तांडव स्तोत्र पर नित्य नाटिका तथा एक लघु नाटक द्वारा समाज को एकता के सूत्र में बांधने का मूलमंत्र दिया।ब्रह्म कुमारी संस्था की साध्वी ललिता जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज को जोश के साथ होश का भी ध्यान रखना चाहिए। जागृत मन की अपार शांति के प्रभाव से हम महिला उत्पीड़न, नशे की प्रवृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों से छुटकारा पा सकेंगे।
अंत में हरिश्चंद्र सिंह संयोजक समिति के अध्यक्ष ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग करने वाले सभी सम्मानित साथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान द्वारा कार्यक्रम का विधिवत समापन किया गया। आज कार्यक्रम की संख्या 1500 रही।