फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने वित्तीय सहायता को पत्र लिखा


को पत्र लिखकर  रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में निवेदन किया है।


नोएडा (अमन इंडिया) । g बताया कि  उत्तर प्रदेश के तीव्र गति से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों विशेषकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, लखनऊ आदि में रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) स्थानीय स्तर पर नागरिक सुविधाओं के संचालन एवं क्षेत्रीय विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। RWA न केवल स्वच्छता, सुरक्षा, पार्कों के रखरखाव, स्ट्रीट लाइट व्यवस्था, जल निकासी तथा सामुदायिक केंद्रों के संचालन में सहयोग करती हैं, बल्कि सामाजिक समरसता एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से शासन की विभिन्न योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुँचाने में सेतु का कार्य भी करती हैं।

अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि प्रदेश की RWA संस्थाओं को सशक्त बनाने एवं शहरी विकास को नई गति प्रदान करने हेतु इस विषय पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए आवश्यक नीति एवं वित्तीय प्रावधान करने की कृपा करें।

महासचिव के के जैन ने बताया कि वर्तमान में अधिकांश RWA सीमित संसाधनों एवं स्वैच्छिक सहयोग के आधार पर कार्य कर रही हैं। आर्थिक संसाधनों के अभाव में कई आवश्यक कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो पाते, जिससे स्थानीय निवासियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। यदि दिल्ली सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पंजीकृत एवं सक्रिय RWA को पारदर्शी, उत्तरदायी एवं निर्धारित मानकों के अंतर्गत वार्षिक अथवा परियोजना-आधारित वित्तीय सहायता प्रदान की जाए, तो स्थानीय स्तर की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान संभव हो सकेगा।

इस प्रकार की व्यवस्था से शासन एवं प्रशासन पर पड़ने वाला कार्यभार भी कम होगा, क्योंकि छोटी-छोटी स्थानीय समस्याओं का समाधान RWA स्वयं कर सकेंगी। साथ ही, विकास कार्यों में स्थानीय सहभागिता बढ़ेगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी होगा। यदि फंड आवंटन के साथ ऑडिट, प्रगति रिपोर्ट तथा डिजिटल मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तो पारदर्शिता और जवाबदेही भी बनी रहेगी।

अतः निवेदन है कि प्रदेश सरकार इस दिशा में एक स्पष्ट नीति का निर्माण कर प्रत्येक नगर निकाय क्षेत्र में पंजीकृत RWA को निर्धारित मानकों के अनुसार वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय ले। यह कदम शहरी विकास की दिशा में एक अभिनव, दूरदर्शी एवं सहभागी पहल सिद्ध होगा। इससे नागरिकों में स्वामित्व की भावना विकसित होगी तथा “जनभागीदारी से जनकल्याण” की अवधारणा को सुदृढ़ बल मिलेगा।