अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर चिंता व्यक्तकी

 ईरान–इज़राइल तनाव बढ़ा तेहरान में धमाका तेल अवीव में सायरन वैश्विक बाज़ार में अनिश्चितता गहराई


नोएडा (अमन इंडिया) । मध्य‑पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान में धमाके की आवाज़ें सुनी गईं, जबकि तेल अवीव में मिसाइल हमले की आशंका के चलते सायरन बजाए गए। क्षेत्र में सैन्य गतिविधि बढ़ने से वैश्विक बाज़ारों में अस्थिरता देखी जा रही है, विशेषकर तेल, धातु और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े क्षेत्रों में।


विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव बढ़ता है, तो इसका प्रभाव विश्व‑व्यापार, शिपिंग रूट्स और निर्यात‑आयात लागतों पर पड़ सकता है जिसका सीधा असर भारत के MSME और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर पर भी होगा।

मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट उद्योग पर प्रभाव मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट उद्योग, जो मुख्यतः अमेरिका, यूरोप और मध्य‑पूर्व में निर्यात करता है, वैश्विक भू‑राजनीतिक तनावों से संवेदनशील रहता है।

• शिपिंग लागत में वृद्धि मध्य‑पूर्व रूट अस्थिर होने पर माल ढुलाई महंगी हो सकती है।

• ऑर्डर में देरी अंतरराष्ट्रीय खरीदार जोखिम‑मूल्यांकन के कारण नए ऑर्डर धीमे कर सकते हैं।

• कच्चे माल की कीमतों में उतार‑चढ़ाव धातु और ऊर्जा की कीमतें बढ़ने की संभावना।

• निर्यातकों के लिए भुगतान चक्र लंबा होना बैंकिंग और अंतरराष्ट्रीय लेन‑देन में सतर्कता बढ़ सकती 

MHEA (Moradabad Handicrafts Exporters Association) के अध्यक्ष नावेद उर रहमान ने वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा “मध्य‑पूर्व में बढ़ता तनाव केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है यह वैश्विक व्यापार की रीढ़ को प्रभावित करता है। मुरादाबाद का हैंडीक्राफ्ट उद्योग विश्व‑बाज़ार पर निर्भर है, और ऐसी परिस्थितियाँ शिपिंग, कच्चे माल और ऑर्डर फ्लो पर सीधा असर डालती हैं।

उन्होंने आगे कहा हमारे कारीगर और निर्यातक पहले ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं—कच्चे माल की लागत, प्रतिस्पर्धा, और लॉजिस्टिक समस्याएँ। यदि अंतरराष्ट्रीय तनाव बढ़ता है, तो यह उद्योग के लिए अतिरिक्त दबाव पैदा करेगा। MHEA सरकार से अनुरोध करता है कि निर्यातकों को राहत देने के लिए विशेष सहायता और स्थिर लॉजिस्टिक विकल्प उपलब्ध कराए जाएँ।

 रहमान ने यह भी कहा इसके बावजूद, मुरादाबाद की कारीगरी और गुणवत्ता विश्व‑स्तर पर अपनी पहचान बनाए हुए है। हम आशावादी हैं कि उद्योग इस चुनौतीपूर्ण समय में भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।

आगे की संभावनाएँ और आवश्यक कदम

• निर्यातकों के लिए सरकारी सब्सिडी और लॉजिस्टिक सहायता

• वैकल्पिक शिपिंग रूट्स की पहचान

• अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के साथ लंबी अवधि के अनुबंध

• कारीगरों के लिए स्थिर उत्पादन लागत सुनिश्चित करना

• डिजिटल मार्केटिंग और नए बाज़ारों में विस्तार