दिल्ली-एनसीआर में फेलिक्स हॉस्पिटल बना नंबर 1


 दिल्ली-एनसीआर में नंबर-1 बना फेलिक्स हॉस्पिटल, रैंकिंग सर्वे 2025-26 में मिला शीर्ष स्थान

- डेस्क रिसर्च, मेडिकल विशेषज्ञों की राय, मरीजों के अनुभव और गुणवत्ता मानकों के आधार पर तैयार हुई रैंकिंग

- 300 प्लस डॉक्टर, 800 प्लस बेड और लाखों का किया सफल उपचार

नोएडा (अमन इंडिया ) । दैनिक जागरण के दिल्ली-एनसीआर के मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों के लिए किए गए वर्ष 2025-26 के रैंकिंग सर्वे में फेलिक्स हॉस्पिटल, नोएडा को नंबर-1 स्थान मिलने का दावा किया गया है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार यह रैंकिंग एक विस्तृत और बहु-स्तरीय प्रक्रिया के आधार पर तैयार की गई। जिसमें डेस्क रिसर्च, मेडिकल विशेषज्ञों की राय, मरीजों के अनुभव और अस्पतालों के तथ्य एवं गुणवत्ता मानकों को शामिल किया गया।

अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डी.के. गुप्ता ने इस उपलब्धि को मरीजों के विश्वास और चिकित्सा टीम की प्रतिबद्धता का परिणाम बताया। लगातार शीर्ष पर बने रहना केवल सम्मान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है। हमारा लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों की टीम और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अस्पताल की पहचान है। अस्पताल को विभिन्न राष्ट्रीय मंचों पर भी सम्मान मिल चुका है और अब उसे ‘ट्रस्टेड हॉस्पिटल’ जैसे खिताबों से नवाजा गया है। अस्पताल आज भी पारदर्शिता, गुणवत्ता नियंत्रण और क्लिनिकल प्रोटोकॉल के सख्त पालन के कारण वह मरीजों के बीच भरोसे का केंद्र बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर जैसे प्रतिस्पर्धी क्षेत्र में किसी अस्पताल का शीर्ष स्थान पाना उसकी सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल आउटकम का संकेतक होता है। इसलिए मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल चुनते समय अपनी व्यक्तिगत जरूरतों, डॉक्टर की विशेषज्ञता और उपलब्ध सुविधाओं का भी ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मरीजों, डॉक्टरों और सहयोगी स्टाफ का आभार जताया है। आने वाले समय में भी अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार करेगा और गुणवत्ता मानकों को और मजबूत बनाएगा, ताकि क्षेत्र के मरीजों को बेहतर और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। फेलिक्स हॉस्पिटल का नंबर-1 स्थान पर आना निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता सुधार की दिशा में एक उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है। अस्पताल में 300 से अधिक टॉप-रेटेड डॉक्टर कार्यरत हैं और 800 से अधिक बेड की सुविधा उपलब्ध है। अब तक 15 लाख से अधिक मरीजों के उपचार और 5 लाख से अधिक सफल सर्जरी का दावा किया गया है। अस्पताल 24x7 हेल्पलाइन सुविधा के साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रदान करता है। 

सर्वे के लिए अपनाए गए चार प्रमुख मॉड्यूल फेलिक्स हॉस्पिटल प्रबंधन के मुताबिक सर्वे का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के प्रमुख मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों का तुलनात्मक मूल्यांकन कर एक विश्वसनीय सूची तैयार करना था। इसके लिए चार प्रमुख मॉड्यूल अपनाए गए थे। पहले चरण में इंटरनेट, पत्र-पत्रिकाओं और अन्य प्रकाशित स्रोतों की मदद से अस्पतालों की विस्तृत सूची तैयार की गई थी। दूसरे चरण में विभिन्न क्रिटिकल केयर और अन्य विशेषज्ञताओं के डॉक्टरों से एक तय प्रश्नावली के माध्यम से राय ली गई थी। इस मूल्यांकन में अस्पतालों की सुविधाओं, उपचार की गुणवत्ता और चिकित्सा ढांचे को आधार बनाया गया, जबकि स्वयं के अस्पताल की सिफारिश की अनुमति नहीं थी। तीसरे मॉड्यूल में मरीजों और उनके परिजनों से संरचित प्रश्नावली के जरिए अनुभव साझा किए गए थे। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, डॉक्टर-मरीज संवाद, उपचार की गुणवत्ता और समग्र संतुष्टि जैसे पहलुओं को शामिल किया गया। यहां भी स्वयं-सिफारिश को मान्यता नहीं दी गई। चौथे और अंतिम मॉड्यूल में अस्पतालों को विस्तृत प्रश्नावली भेजकर उनकी सेवाओं, उपलब्ध सुविधाओं और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी सूचनाएं एकत्र की गईं थी। इसके बाद सांख्यिकीय विश्लेषण के माध्यम से अंतिम स्कोर और रैंक तय किए गए। सर्वे से जुड़ी शर्तों के अनुसार सरकारी या आंशिक रूप से सरकारी, गैर-लाभकारी और चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित अस्पतालों को रैंकिंग में शामिल नहीं किया गया। जिन अस्पतालों ने तय समय में पूर्ण जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, उन्हें औसत तथ्यों के आधार पर स्कोर दिया गया। यदि दो अस्पतालों के बीच स्कोर का अंतर बहुत कम रहा तो उन्हें समान रैंक दी गई। हाल के वर्षों में स्थापित अस्पतालों को ‘उभरती श्रेणी’ में रखा गया।