उत्तर प्रदेश में पंचायती राज तथा अन्य नागरिक संपर्क वाले विभागों में व्हाट्सऐप आधारित एआई चैटबॉट को नीति विकल्प के रूप में अपनाने के संबंध में कोऑपरेशन 17 का जनहित सुझाव
1. जनहित पब्लिक ट्रस्ट कोऑपरेशन 17 द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी, उत्तर प्रदेश तथा मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन को पत्र प्रेषित कर यह सुझाव प्रस्तुत किया गया है कि उत्तर प्रदेश की पंचायती राज व्यवस्था में व्हाट्सऐप आधारित एआई चैटबॉट को नीति विकल्प के रूप में अपनाने पर विचार किया जा सकता है। उद्देश्य ग्राम स्तर पर प्रामाणिक सूचना, पारदर्शी नागरिक संवाद, शिकायत निवारण की समयबद्धता तथा सेवा वितरण और नागरिक अपेक्षाओं के बीच के अंतर को कम करना है।
2. यह सुझाव पंचायत संदेश पत्रिका के फरवरी 2026 अंक में प्रकाशित लेख के व्यावहारिक खाके पर आधारित है। श्री बी एन सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त) द्वारा लिखित लेख “मौन से सेवा तक” पंचायत संदेश के पृष्ठ 5 से 10 पर प्रकाशित है। इसमें ग्राम पंचायत चैटबॉट की स्पष्ट, लागू करने योग्य रूपरेखा प्रस्तुत है, जिससे पंचायत कर्मियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की क्षमता को सहारा मिल सके और नागरिकों को प्रामाणिक जानकारी, संदर्भ संख्या आधारित ट्रैकिंग तथा समय पर अपडेट जैसी सुविधाएँ एक ही माध्यम पर उपलब्ध हो सकें।
3. यह प्रस्ताव उत्तर प्रदेश के अपने प्रशासनिक अनुभव से भी समर्थित है। श्री बी एन सिंह के परिवहन आयुक्त कार्यकाल में, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा मई 2025 के आरंभ में 24 घंटे उपलब्ध व्हाट्सऐप चैटबॉट सेवा संख्या 8005441222 पर प्रारम्भ की गई थी। विभागीय अभिलेखों में उपलब्ध क्रियान्वयन विवरण के अनुसार यह भारत के किसी भी परिवहन विभाग द्वारा परिवहन सेवाओं हेतु व्हाट्सऐप आधारित चैटबॉट की पहली पहल थी। इसका उद्देश्य अनावश्यक कार्यालय दौरे कम करना, बिचौलियों पर निर्भरता घटाना तथा नागरिकों को सरल भाषा में प्रमाणित सूचना उपलब्ध कराना था।
4. इस पहल का महत्वपूर्ण पक्ष इसका शासन और अनुपालन ढांचा रहा। भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा व्हाट्सऐप चैटबॉट हेतु एपीआई आधारित एक्सेस निर्धारित दायरे में, गोपनीय डेटा को अपवर्जित रखते हुए, ऑडिट और सुरक्षा दिशा निर्देशों तथा अंडरटेकिंग आधारित शर्तों के अधीन अनुमन्य किया गया। यह अनुभव पंचायती राज व्यवस्था के लिए एक उपयोगी सीख है कि तकनीक का उपयोग तभी विश्वसनीय बनता है जब सुरक्षा, डेटा संरक्षण और जवाबदेही को पहले दिन से ही केंद्र में रखा जाए।
5. पत्रों में यह सुझाव रखा गया है कि यदि शासन उपयुक्त समझे तो पंचायती राज विभाग विभागीय स्तर पर सीमित अवधि का पायलट प्रस्तावित कर सकता है, जिसमें आवश्यक साइबर सुरक्षा और डेटा संरक्षण मानक, चरणबद्ध क्रियान्वयन योजना तथा मापनीय परिणाम संकेतक शामिल हों। अपेक्षित परिणामों में नागरिक संतुष्टि में वृद्धि, ग्राम सभा सूचना और पंचायत कार्यों की पारदर्शिता, शिकायत निवारण की गति तथा कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ में कमी जैसे बिंदु शामिल हो सकते हैं। इसी क्रम में, यदि शासन उपयुक्त समझे, तो परिवहन विभाग के मॉडल की तरह अन्य नागरिक संपर्क वाले विभाग भी विभागीय आवश्यकता के अनुसार चैटबॉट आधारित नागरिक सहायता व्यवस्था को नीति विकल्प के रूप में विचार कर सकते हैं।
बी एन सिंह, आईएएस (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, कोऑपरेशन 17 का वक्तव्य“तकनीक का वास्तविक मूल्य तब है जब वह नागरिक की अनिश्चितता कम करे और शासन व्यवस्था की जवाबदेही बढ़ाए। यदि विभाग द्वारा आवश्यक सुरक्षा मानकों के साथ और अक्षरशः अनुपालन में व्हाट्सऐप आधारित चैटबॉट लागू किया जाए, तो पंचायत शासन अधिक पारदर्शी, अधिक उत्तरदायी और अधिक नागरिक केंद्रित बन सकता है।
जनहित स्पष्टीकरण यह सुझाव नितांत जनहित की भावना से प्रस्तुत है। इस सुझाव के संबंध में कोऑपरेशन 17 पब्लिक ट्रस्ट का कोई निजी, व्यावसायिक, संविदात्मक अथवा अन्य हित अभिप्रेत नहीं है और न ही ट्रस्ट किसी प्रकार की भूमिका या सहभागिता का आग्रह कर रहा है।
संलग्नक1. माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित पत्र की प्रति
2. मुख्य सचिव को प्रेषित पत्र की प्रति
3. पंचायत संदेश, फरवरी 2026, पृष्ठ 5 से 10, लेख “मौन से सेवा तक” की प्रति