आईएमएस नोएडा में एआई टूल्स के नैतिक उपयोग पर कार्यशाला


नोएडा (अमन इंडिया ) । सेक्टर 62 स्थित आईएमएस नोएडा में एआई टूल्स के नैतिक उपयोग पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। शुक्रवार को संस्थान के  स्कूल ऑफ आईटी एवं सेंटर फॉर स्किल डेवलपमेंट ने एमआईसी-एआईसीटीई के अमृत भारत पहल तथा संस्थान के इनोवेशन काउंसिल के अंतर्गत इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा एवं उद्योग जगत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार, नैतिक एवं पारदर्शी उपयोग के प्रति जागरूक करना है।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए एसओआईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज शिक्षा और उद्योग दोनों क्षेत्रों में तेजी से बदलाव ला रहा है, लेकिन इसके साथ नैतिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को एआई टूल्स का उपयोग सीखने के साथ-साथ ईमानदारी, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व जैसे मूल्यों को भी अपनाना चाहिए, ताकि तकनीकी मानवता के हित में उपयोग हो सके।

कार्यशाला के मुख्य वक्ता डुकाट एआई सॉल्यूशंस के डेटा साइंटिस्ट  प्रतीक गुप्ता ने ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक सत्र में एआई से जुड़ी नैतिक चुनौतियां, एल्गोरिदम में पक्षपात, जनरेटिव एआई टूल्स का जिम्मेदारी पूर्ण उपयोग, डेटा गोपनीयता तथा वास्तविक जीवन के केस स्टडी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और चर्चा में हिस्सा लिया।

 कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. ज्योति त्रिपाठी ने बताया कि कार्यशाला के दौरान आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर(डॉ.) विकास धवन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को भविष्य की तकनीक बताया। उन्होंने कहा कि इसके प्रभावी उपयोग के लिए नैतिकता और मानवीय मूल्यों का समावेश अत्यंत आवश्यक है। वहीं डीन एकेडमिक्स प्रोफेसर (डॉ.) नीलम सक्सेना ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में एआई टूल्स का उपयोग तभी सार्थक है, जब वह शैक्षणिक ईमानदारी, डेटा गोपनीयता और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर आधारित हो। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे एआई को सहायक उपकरण के रूप में अपनाएं, न कि उसके दुरुपयोग का माध्यम बनाएं।