नोएडा / दिल्ली (अमन इंडिया ) । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि आज विश्व कई चुनौतियों से गुजर रहा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनावैश्विक आर्थिक ढांचा अब चरमरा चुका है। ऐसे में चुनौतियों के बीचमजबूती से उभरने वाले देश ही आगे बढ़ेंगे और इस कठिन वैश्विक माहौलमें भारत का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा है।भारत की अर्थव्यवस्था इस वर्ष 7.4% की अनुमानित वार्षिक वृद्धि दरदिखा रही है। पिछले वर्ष के Q4 में 7.4%, Q1 में 7.8% और Q2 में8.2% की वृद्धि दर ने साफ संकेत दिया है कि भारत की अर्थव्यवस्थालगातार तेजी से आगे बढ़ रही है।कृषि क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था 3.1 प्रतिशत की गतिसे आगे बढ़ रही है। वहीं रोजगार सृजन वाला निर्माण क्षेत्र 7 प्रतिशत औरसेवा क्षेत्र 9.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज कर रहा है।वर्तमान व्यापक आर्थिक संकेतक भारत की मजबूती को स्पष्ट रूप सेदर्शाते हैं। एफडीआई आकर्षण रिकॉर्ड स्तर पर है और नेक्स्ट जेनरेशनटैक्स सुधारों व दरों में कटौती के बावजूद जीएसटी संग्रह लगातार बढ़ रहाहै, जो दिसंबर में 1.77 लाख करोड़ रुपये रहा।वैश्विक संरक्षणवाद और व्यापार शुल्क की चुनौतियों के बावजूद भारत नेमजबूती दिखाई है। बाहरी दबावों को पीछे छोड़ते हुए अप्रैल से सितंबर केदौरान देश का निर्यात रिकॉर्ड 419 बिलियन डॉलर रहा।आम आदमी के लिए सबसे अहम मुद्दा महंगाई है और इस मोर्चे पर भीस्थिति मजबूत है। खाद्य और समग्र महंगाई 1 प्रतिशत से भी नीचे है।राजकोषीय घाटा भी नियंत्रण में है।यह उपलब्धियां उस समय हासिल हुई हैं जब बजट में प्रत्यक्ष करों में बड़ीकटौती कर मूल छूट सीमा 12 लाख रुपये कर दी गई है। इसके बावजूद भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहाहै प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि जीडीपीग्रोथ बनाए रखने के लिए निरंतर सुधार जरूरी हैं। भारत की ‘रिफॉर्मएक्सप्रेस’ रुकने वाली नहीं है और एनडीए सरकार की आर्थिक नीतियांअर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के कार्य करतीरहेंगी।
वर्तमान में रक्षा क्षेत्र की लगभग 70 प्रतिशत जरूरतें देश में ही पूरी हो रहीहैं। स्पेस टेक्नोलॉजी में भी तेज उछाल आया है, जहां 100 से अधिकस्टार्टअप्स उभरते स्पेस इकोसिस्टम के तहत नई इंडस्ट्रीज का निर्माण कररहे हैं।मोदी सरकार ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु क्षेत्र को निजी निवेश के लिएखोलकर बड़े सुधार किए हैं। सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक सेक्टर परविशेष फोकस है और इसके साथ ही देश में डिजिटल लेनदेन में भी तेज़बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ईज ऑफ डूइंग बिजनेसको प्रभावी बनाने के लिए प्रशासनिक सुधार के लिए डिरेगुलेशन आयोगबनाया गया। 1500 अप्रासंगिक कानून हटाए गए, भ्रष्टाचार-मुक्त, सरलऔर प्रभावी प्रशासन की दिशा में निरंतर सुधार जारी है।
आईबीसी में अब व्यापक संशोधन किए जा रहे हैं। जीएसटी की तरहनेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म्स की तर्ज पर प्रक्रियाओं और रजिस्ट्रेशन में सुधारकर मेगा रिफॉर्म्स के जरिए इसे और प्रभावी बनाया जाएगा।
भारत ने यूके, यूएई, पश्चिम एशिया और न्यूजीलैंड के साथ एफटीए किएहैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार बढ़ा और भारतीय विनिर्माण वैश्विक आपूर्तिश्रृंखला से मजबूती से जुड़ा है ।