साहित्य को सिनेमा की मां कहना कोई अतिशयोक्ति न होगा- अरुण बख्शी



नोएडा (अमन इंडिया ) । नोएडा फिल्म सिटी मारवाह स्टूडियो में 16वें तीन दिवसीय ग्लोबल फिल्म फेस्टिवल के अंतिम दिन साहित्य और सिनेमा के बीच संबंध के विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसमें देश की कई जानी मानी हस्तियों ने भाग लिया जिनमे के. एल. गंजू, फ़िल्म निर्देशक राजू पारसेकर, संगीतकार रिजु रॉय, एक्टर अभिषेक दूहन, सिंगर व कलाकार अरुण बख्शी, लेखिका सहर ज़मान व सिंगर रीमा मिथेलिया व अक्षय चौबे ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर मारवाह स्टूडियोज के चेयरमैन  संदीप मारवाह ने कहा कि फिल्में साहित्य पर बनती है, सिनेमा और साहित्य में कोई फर्क नहीं है बस हमें अपनी सोच बदलनी है बाकी सब कुछ अपने आप बदलता चला जाएगा। गायक व फ़िल्म कलाकार अरुण बख्शी ने कहा कि साहित्य ना होता तो सिनेमा भी नहीं होता हमें हमेशा अपने साहित्य को और अपने कल्चर को जीवित रखना चाहिए ताकि हम सब और आने वाली पीढ़ी भी उससे बहुत कुछ सीख सके, साहित्य को सिनेमा की मां कहना कोई अतिशयोक्ति न होगा। अभिषेक दुहन  ने कहा जिंदगी में सीखते रहना बहुत जरूरी है मैं वह काम करता हूं जो मुझे डराता है ताकि मैं उससे आगे बढ़कर अपने आप को स्थापित कर सकूं और हर काम को अच्छे तरीके से कर सकूं यही मेरी कोशिश रहती है।रीमा मिथेलिया ने कहा संदीप मारवाह हमेशा नए लोगों को एक मंच देते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। राजू पासेकर ने कहा कि साहित्य और सिनेमा का पूरी दुनिया से एक नाता है चाहे बॉलीवुड हो या हॉलीवुड हर जगह साहित्य के द्वारा ही फिल्म लिखी जा सकती है और अच्छी फिल्म और अच्छा साहित्य हमेशा ही लोगों को पसंद आता है। पंकज पराशर ने कहा कि मैं मारवाह स्टूडियो साल में एक बार जरूर आता हूं ताकि पूरे साल के लिए एनर्जी ले जा सकूं, मुझे किताबें पढ़ने का शौक है और मेरे इस शौक ने मुझे निर्देशन के पद पर ला खड़ा कर दिया,  मैंने 13 साल की उम्र से ही नाटक लिखने शुरू कर दिए थे। माइक बेरी ने कहा सफलता मिलना अच्छे लेखन की गारंटी नहीं है लेकिन अच्छा साहित्य पढ़ने से अच्छे इंसान होने की गारंटी जरूर है, रिजु राय ने कहा बिना साहित्य के संगीत भी संभव नहीं है। के. एल. गंजू ने कहा कि साहित्य लिखना अपने आप में एक कला है लेकिन उसका डायरेक्शन करना उतना ही जटिल है। इस अवसर पर सहर ज़मान द्वारा लिखी पुस्तक तलत महमूद की जीवन कथा द डेफिनिटिव बायोग्राफी का विमोचन किया गया, सहर ज़मान ने कहा की तलत महमूद अपनी मखमली आवाज के लिए प्रसिद्ध थे और उन्होंने लोगों के दिलों में वह जगह बनाई जिसे आज भी हर कोई पसंद करता है। 

इस अवसर  निर्देशक  अशोक त्यागी की आने वाली फिल्म गोदान का भी पोस्टर लॉन्च  किया गया जिसके निर्माता संदीप मारवाह है और स्क्रीनप्ले व डायलॉग सुशील भारती ने  लिखे है। अंत में संदीप मारवाह ने आए हुए सभी अतिथियों को फेस्टिवल मोमेंटो दिया गया साथ ही अभिषेक दुहन व  राजू  पासलेकर को हिंदी सिनेमा गौरव अवार्ड से सम्मानित किया गया।