फोर्टिस शालीमार बाग ने फ्लैट-लाइन के साथ से लाए 42 वर्षीय पुरुष को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित किया



- रोगी अचेतन अवस्था में था और जीवित होने के कोई संकेत नहीं था - सांस नहीं चल रही थीं, हार्ट भी हरकत में नहीं था और ईसीजी फ्लैट-लाइन थी 


नई दिल्‍ली (अमन इंडिया ) ।  इसे चमत्कार ही कहा जा सकता है कि फोर्टिस शालीमार बाग के चिकित्‍सकों ने 42 वर्षीय ऐसे व्यक्ति को दूसरा जीवन दिया, जिसे ऐसी अवस्‍था में अस्‍पताल लाया गया था जिसके जीवित रहने का कोई भी लक्षण नहीं था। गंभीर दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने के कारण रोगी के हार्ट ने धड़कना बंद कर दिया था। परिजनों ने बताया कि उसे एक घंटे तक सीने में दर्द का अनुभव हुआ था, जिसे शुरू में उन्होंने गैस्ट्रिक परेशानी समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन उसके इस निर्णय ने उन्हें लगभग मौत की दइहलीज पर लाकर खड़ा कर दिया। फोर्टिस शालीमार बाग पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही उनकी सांसें थम गईं। समय की अहमियत को देखते हुए डॉ. नरेश कुमार गोयल, निदेशक और एचओडी - कार्डियोलॉजी और हार्ट फेल्‍यर, डॉ. मशहद हैदर रिज़वी, हेड इमरजेंसी और डॉ. अरविंद सेठी, अतिरिक्त निदेशक - कार्डियोलॉजी, फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग के नेतृत्व में चिकित्‍सकों की टीम ने तुरंत इलाज किया और 20 मिनट के भीतर रोगी की सांसें चलने लगीं। समय पर निदान और त्वरित चिकित्सा रोगी को पुनर्जीवित करने में अहम कारक रही। 

मरीज को बेहोशी और अचेतन अवस्था में फोर्टिस शालीमार बाग के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया। उनकी सांस नहीं चल रही थी, पलक तक नहीं झपक रहे थे और हार्ट में कोई गतिविधि नहीं थी और ईसीजी भी फ्लैट-लाइन दिखा रहा था। आपातकालीन विभाग में चिकित्‍सकों की टीम ने तुरंत रोगी को सीपीआर, इंटुबैशन और मैकेनिकल वेंटिलेशन दिया तथा 20 मिनट के अथक पुनर्जीवन प्रयासों के बाद, रोगी की सांसें वापस चलने लगीं। इसके बाद उसे कैथ लैब ले जाया गया, जहां आवश्यक जांच की गई, जिससे उनके हार्ट की बाईं एंटीरियर अवरोही धमनी में गंभीर ब्‍लॉकेज का पता चला।

डॉ. मशहद हैदर रिज़वी, प्रमुख-इमरजेंसी, फोर्टिस शालीमार बाग ने कहा, ‘‘कार्डियक अरेस्ट के दौरान अस्पताल में इमरजेंसी केयर आम तौर पर आगे के नुकसान को रोकने के लिए मस्तिष्क और अन्य महत्वपूर्ण अंगों में रक्त के प्रवाह को सुचारू करने पर केंद्रित होता है। जब रोगी आपातकालीन विभाग में पहुंचा तो हमने उसे पुनर्जीवित करने का फैसला किया क्योंकि अस्पताल पहुंचने से 6-7 मिनट पहले ही उसके हार्ट ने पंप करना बंद कर दिया था, ऐसी स्थिति में रोगी का बचना बहुत दुर्लभ है। यह भी संभव है कि कार्डियक अरेस्ट तब शुरू हुआ हो जब रोगी को हार्ट में दर्द का अहसास हुआ हो, जिसे उसने एसिडिटी समझा था। अगर वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंचता तो उसकी जान नहीं बच पाती।

मामले की जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजी और हार्ट फेल्‍यर विभाग के निदेशक और एचओडी, डॉ. नरेश कुमार गोयल ने कहा, "रोगी की स्थिति को देखते हुए, हमने मस्तिष्क और अन्‍य महत्‍वपूर्ण अंगों में रक्त के प्रवाह को बनाए रखने के लिए बार-बार बिजली के झटके और छाती को दबाने के बीच एंजियोप्लास्टी करने का फैसला किया। 4 दिन बाद मरीज धीरे-धीरे ठीक हो गया। बाईं एंटेरियर अवरोही धमनी (एलएडी) में ज्‍यादा ब्‍लॉकेज एक गंभीर स्थिति है जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। एलएडी सबसे बड़ी कोरोनरी धमनी है और यह हृदय का मुख्य पंपिंग चैंबर बाएं वेंट्रिकल के सामने रक्त की आपूर्ति करती है। एलएडी में ब्‍लॉकेज के कारण हार्ट से मांसपेशियों में रक्त का प्रवाह कम या रुक सकता है, जो हार्ट टिश्‍यू को नुकसान पहुंचा सकता है या नष्ट कर सकता है।

 दीपक नारंग, फैसिलिटी डायरेक्टर, फोर्टिस हॉस्पीटल, शालीमार बाग ने कहा, “इस मामले में मल्टी-डिसिप्लीनरी एप्रोच की जरूरत थी क्योंकि मरीज़ की हालत काफी नाजुक थी। लेकिन तमाम चुनौतियों के बावजूद, मरीज़ को समय पर अस्पताल में भर्ती कराने, उनकी स्थिति का सही मूल्यांकन होने और उचित उपचार मिलने से मरीज़ की जान बचायी जा सकी। क्लीनिकल विशेषज्ञता और अपनी श्रेणी में सर्वोत्तम इमरजेंसी देखभाल फोर्टिस हॉस्पीलटल शालीमार बाग की पहचान है, और हम लगातार अपने मरीज़ों की जीवन रक्षा के लिए यह सुनिश्चित करते रहे हैं जिससे नतीजे भी बेहतर मिलते हैं।” 

फोर्टिस हैल्‍थकेयर लिमिटेड के बारे में 

फोर्टिस हैल्‍थकेयर लिमिटेड, जो कि आईएचएच बेरहाड हैल्‍थकेयर कंपनी है, भारत में अग्रणी एकीकृत स्‍वास्‍थ्‍य सेवा प्रदाता है। यह देश के सबसे बड़े स्‍वास्‍थ्‍यसेवा संगठनों में से एक है जिसके तहत् 28 हैल्‍थकेयर सुविधाएं, 4,500+ बिस्‍तरों की सुविधा (ओ एंड एम सुविधाओं समेत) तथा 400 से अधिक डायग्‍नॉस्टिक केंद्र (संयुक्‍त उपक्रम सहित) हैं। भारत के अलावा, संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) तथा नेपाल एवं श्रीलंका में भी फोर्टिस के परिचालन है। कंपनी भारत में बीएसई लिमिटेड तथा नेशनल स्‍टॉक एक्‍सचेंज (एनएसई) पर सूचीबद्ध है। यह अपनी ग्‍लोबल पेरेंट कंपनी आईएचएच से प्रेरित है तथा मरीज़ों की विश्‍वस्‍तरीय देखभाल एवं क्‍लीनिकल उत्‍कृष्‍टता के उनके ऊंचे मानकों से प्रेरणा लेती है। फोर्टिस के पास ~23,000 कर्मचारी (एगिलस डायग्‍नॉस्टिक्‍स लिमिटेड समेत) हैं जो दुनिया में सर्वाधिक भरोसेमंद हैल्‍थकेयर नेटवर्क के तौर पर कंपनी की साख बनाने में लगातार योगदान देते हैं। फोर्टिस के पास क्‍लीनिक्‍स से लेकर क्‍वाटरनरी केयर सुविधाओं समेत संपूर्ण एकीकृत स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्‍ध हैं।   



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