झुग्गी झोपड़ी एवं गरीब बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए एक समर कैंप का आयोजन किया


नोएडा (अमन इंडिया ) । भारत विकास परिषद स्वर्णिम नोएडा ने सेवा भारती के साथ मिलकर भाउराव देवरस सरस्वती  विद्या मंदिर सेक्टर 12 नोएडा में 3 दिन का झुग्गी झोपड़ी एवं गरीब बस्तियों में रहने वाले बच्चों के लिए एक समर कैंप का आयोजन किया जिसमें बच्चों को नृत्य,कुकिंग ,योगा ,पेंटिंग एवं संगीत से संबंधित जानकारियां दी गई लगभग 100 बच्चों ने इसके अंदर भाग लिया  कैंप में श्री महेश बाबू गुप्ता राष्ट्रीय वित्त सचिव भारत विकास परिषद , प्रांतीय महिला संयोजक श्रीमती मुक्ता अग्रवाल, स्वर्णिम शाखा के अध्यक्ष श्री अजय अग्रवाल ,मंत्री श्री प्रमोद शर्मा एवं कोषाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश बंसल ,श्री अजय गुप्ता  प्रांतीय उपाध्यक्ष , पूर्व सचिव श्री विनय कृष्ण चतुर्वेदी, प्रांतीय उपाध्यक्ष ,संपर्क श्री राजीव अजमानी, श्री बलराज गोयल एवं सेवा भारती से श्री ज्ञान प्रकाश गुप्ता श्री अमृत सिंगला  के अलावा श्री मुकुल बाजपेई जी का भी आना रहा ।


 कार्यक्रम में भारत विकास परिषद स्वर्णिम की महिला संयोजिका श्रीमती स्मृति भगवान दास गुप्ता ने बताया कि भारत विकास परिषद पूरे भारतवर्ष में इस तरह के समर कैंप का आयोजन करती है और हमारा यह प्रयास रहता है कि हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे  और उनके दुख दर्द एवं आवश्यकताओं का एहसास करें और इस तरह के कार्यक्रमों से उनको रोजगार के लायक बनाएं ताकि वह आम समाज में अपनी भागीदारी की सार्थकता को बढ़ा सकें।


 भारत विकास परिषद की पर्व प्रमुख श्रीमती सुमन महेश बाबू गुप्ता ने बताया की आने वाले समय में हम इस तरह के कार्यक्रमों का समय-समय पर आयोजन करते रहेंगे और अधिक से अधिक बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

 बच्चों को सिखाने के लिए  श्रीमती नैना ,मोनिका, अंशु अग्रवाल, मीनू अग्रवाल,सुप्रिया शर्मा,सपना बंसल, मीना बजाज, सीमा खंडेलवाल, अनीता शर्मा , अंजली शर्मा एवं शालू गोयल एवं बेटी रिदिमा  रहीं।


कार्यक्रम में तीनों ही दिन अल्पाहार की व्यवस्था रखी गई थी और पराक्रम के अंतिम दिन प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री अजय गुप्ता जी ने सेवा भारती की कार्यकर्ता के द्वारा सिखाए जा रहे युवा से प्रभावित होकर उनको आगे बढ़ने के लिए ₹25000 का नगद पुरस्कार दिया

यह कैंप 15 जून से 17 जून 3 दिन तक सुचारू रूप से चला और तीनों ही दिन कैंप की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं सम्मान वंदे मातरम के साथ हुआ।