भव्य 55वां आईएचजीएफ दिल्ली मेला- स्प्रिंग 2023 नोएडा एक्सपो में




*15 से 19 मार्च 2023; इंडिया एक्सपो सेंटर, ग्रेटर नोयडा


*जहां वैश्विक रुझान और भारतीय परंपराएं एकजुट होती हैं वह आईएचजीएफ दिल्ली मेला


*आईएचजीएफ दिल्ली मेला- जहां ग्लोबल टेंड्र से मिलती है भारतीय परंपरा


*भारत का ग्लोबल सोर्सिंग सुपर शो

 

*इसमें अभूतपूर्व 110 से अधिक देशों के बायर ट्राफिक अपेक्षित है 16 हॉल और 900 स्थायी शोरूम में 3000 से ज्यादा प्रदर्शक, क्षेत्रीय प्रदर्शन, थीम और उत्पाद रैंप शो और बहुत कुछ*


ग्रेटर नोएडा (अमन इंडिया ) ।


 हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ने आईएचजीएफ दिल्ली मेले का आगामी 55वां संस्करण 15 से 19 मार्च 2023 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर आयोजित होगा । इस मौके पर ईपीसीएच के अध्यक्ष श्री राजकुमार मल्होत्रा ने अपना विचार साझा करते हुए कहा "अपने स्प्रिंग संस्करण में आईएचजीएफ दिल्ली मेला कहीं ज्यादा दिव्य और भव्य रूप में पेश होने को तैयार है। यह शो 16 विशाल हॉल में आयोजित होगा, जिसमें होम, फैशन, लाइफस्टाइल, टेक्सटाइल और फर्नीचर के 14 प्रमुख प्रदर्शन खंड हैं। उत्पादों के वर्गीकरण के हिसाब से हाउस वेयर, होम फर्निशिंग, फर्नीचर, उपहार और सजावट, लैंप और लाइटिंग, क्रिसमस और उत्सव की सजावट, फैशन ज्वैलरी और एक्सेसरीज, स्पा और वेलनेस, कालीन, बाथरूम एक्सेसरीज, गार्डन एक्सेसरीज, एजुकेशनल टॉयज और गेम्स, हस्तनिर्मित कागज उत्पाद, स्टेशनरी और लेदर के बैग शामिल होंगे। इस बार हस्तशिल्प और उपहार उत्पादों की एक नई श्रृंखला के साथ, सामूहिक रूप से वे एक ही मंच पर सोच-समझकर बनाई गई अवधारणाओं और उत्पादों का एक पूरा स्पेक्ट्रम पेश करने वाले हैं।"


उन्होंने हाल ही में घोषित पीएम विश्वकर्मा कौशल सम्मान (पीएम विकास) योजना पर भी अपने विचार साझा किए, जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों, विश्वकर्मा को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एक अच्छी पहल है, जो उपकरणों का उपयोग करके अपने हाथों से काम करते हैं। उनके द्वारा बनाई गई कला और हस्तकला आत्मनिर्भर भारत की सच्ची भावना का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने आगे कहा कि परिषद पहले से ही योजना में हाइलाइट किए गए अधिकांश पहलुओं पर काम कर रही है और उम्मीद है कि यह नई पहल देश के कोने-कोने में फैले कारीगरों को लाभकारी अवसर प्रदान करने की दिशा में काम करने के परिषद के संकल्प को मजबूत करेगी और भारत के माननीय प्रधान मंत्री के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण में योगदान देगी I


इस मौके पर ईपीसीएच के महानिदेशक और आईईएमएल के चेयरमैन श्री  राकेश कुमार ने 1994 से आईएचजीएफ मेले की यात्रा और पिछले 30 वर्षों में इसमें आए बदलावों के बारे में बात की। उन्होंने आगे कहा, आने वाले वर्षों में हस्तशिल्प के निर्यात को बढ़ाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हमारे निर्यातकों को महामारी के बाद विभिन्न देशों द्वारा अपनाई जा रही चीन की "प्लस वन" नीति का लाभ उठाना चाहिए। एक राष्ट्र के रूप में भारत को वह “प्लस वन” देश बनने की कोशिश करनी चाहिए और हमें जेआईटी (जस्ट इन टाइम) में निर्यात पर ध्यान देना चाहिए और विदेशी बाजारों में पूर्ति केंद्रों की ओर देखना चाहिए।

उन्होंने आगे जानकारी दी की “आईएचजीएफ दिल्ली मेले में उत्पाद की पेशकश में सस्टेनेबिल्टी पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया गया है। इस बार, सस्टेनेबल और पर्यावरण के अनुकूल ऐसे हस्तशिल्प पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित किया गया है, जिन्हें मानव और पशु स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण और इकोलॉजी के अनुकूल सामग्रियों और प्रक्रियाओं के साथ बनाया गया है। इस तरह के उत्पाद सतत जीवन और जीवन शैली हाल के दिनों में बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं, क्योंकि ज्यादातर लोगों में अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए जागरूकता आई है और वो इसके लिए प्रयास कर रहे हैं। इन सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त करने हेतु सस्टेनेबल और रीसाइकल्ड उत्पादों को लेकर एक पैनल चर्चा और उत्पाद गैलरी का प्रदर्शन भी आयोजित किया जा रहा है।”


आईएचजीएफ दिल्ली मेला- स्प्रिंग 2023 स्वागत समिति के अध्यक्ष श्री अवधेश अग्रवाल ने बताया, “पूरे भारत से कुल मिलाकर, 3000 से अधिक प्रदर्शक आएंगे, इससे हस्तकला समूहों, उत्पादन केंद्रों और शिल्पी ग्रामों को मजबूत प्रतिनिधित्व मिलेगा। सामूहिक रूप से, वे 2000 से अधिक नए उत्पाद और 300 से अधिक डिज़ाइन प्रस्तुत करने वाले हैं। इस आयोजन में हॉल में स्थापित प्रदर्शक बूथों के अलावा, आगंतुकों को इंडिया एक्सपो सेंटर के विभिन्न स्तरों पर स्थित प्रमुख निर्यातकों के 900 स्थायी शोरूम भी देखने को मिलेंगे। बायर लाउंज और रिफ्रेशमेंट जोन के अलावा थीम पवेलियन, ट्रेंड एरिया, क्राफ्ट डिमॉन्स्ट्रेशन,फैशन शो और पैनल डिस्कशन, नॉलेज सेमिनार जैसे अतिरिक्त आकर्षण शो में शामिल होने वालों के लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित होंगे। शो के केंद्र में महाराष्ट्र, उत्तर पूर्व क्षेत्र और तमिलनाडु और देश के अन्य हिस्सों से शिल्प आधारित जीवंत थीम प्रस्तुतियों हैं, जो विदेशी खरीदार समुदाय के लिए आकर्षण का केंद्र होंगी।


इस अवसर पर ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर.के वर्मा ने बात को विस्तार देते हुए कहा, “आईएचजीएफ दिल्ली मेला सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भारत की क्षमता और शक्ति  को होम, जीवन शैली, फैशन, टेक्सटाइल और फर्नीचर बाजारों को वैश्विक स्तर पर पेश करने का प्रयास करता है। यही वजह पूरी दुनिया को उनके अपने 'नवीनतम और सबसे बेहतरीन उत्पादों के लिए वन-स्टॉप सोर्सिंग प्लेटफॉर्म' तक लाती है। इसलिए, मौजूदा खरीदारों की मांग को पूरा करने और नए खरीदारों को आकर्षित करने के लिए, मध्यम और छोटे निर्यातकों, कारीगर उद्यमियों और डिजाइनरों से लेकर भारत के प्रमुख निर्माता निर्यातकों और प्रदर्शकों तक की समावेशी भागीदारी देखने को मिलती है।” शो में आने वाले आगंतुकों में दुनिया भर के विदेशी खरीदार शामिल हैं जिनमें थोक व्यापारी, वितरक, चेन स्टोर, डिपार्टमेंटल स्टोर, खुदरा विक्रेता, मेल-ऑर्डर कंपनियां, ब्रांड मालिक, घर खरीदने वाले और डिजाइनर और ट्रेंड फोरकास्टर्स शामिल हैं। इनमें यूनाइटेड किंगडम, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, स्पेन, नॉर्वे, ग्रीस, इटली, स्वीडन, तुर्की, नीदरलैंड, बेल्जियम, पोलैंड, स्लोवेनिया, संयुक्त अरब अमीरात, ब्राजील, जापान, लिथुआनिया, अर्जेंटीना,ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, कतर, रूसी संघ, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, मैक्सिको, पनामा, पेरू, मोरक्को, जॉर्जिया, चिली, कोलंबिया, उरुग्वे, इज़राइल, ताइवान, हांगकांग, मिस्र, जॉर्डन, फिलीपींस, कुवैत, लेबनान, मलेशिया, अल्जीरिया, घाना, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान, मॉरीशस, नाइजीरिया, ओमान, वियतनाम सहित 110 से अधिक देशों के विदेशी खरीदार और कई अन्य लोगों ने मेले में आने के लिए पहले से ही पंजीकरण कराया है।


ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक श्री आर.के. वर्मा ने सूचित किया कि कुछ कंपनियों/डिपार्टमेंटल स्टोर्स के खरीदार और प्रतिनिधि जिन्होंने पहले ही शो में आने की पुष्टि कर दी है उनमें अर्जेंटीना  के अल्फा टैंगो होम डेकोर; ऑस्ट्रेलिया के जेमार्क इम्पोर्ट्स, ग्लोबल रिटेल ब्रांड्स; बेल्जियम के जोलीपा बीवी, पोमैक्स; कनाडा के एबॉट, फोरपोस्ट ट्रेड इंक; चिक एंटीक, डेनमार्क; जर्मनी की केएजजी जीएमबीएच एंड कंपनी, केजी, बर्क जीएमबीएच एंड कंपनी केजी; जापान की पॉश लिविंग कंपनी लिमिटेड, सुगिता एस कंपनी, लिमिटेड;मेक्सिको के ग्रुपो सेरिग्रैफिको एसए डी सीवी; नीदरलैंड्स की हैको वोनन एन स्लैपन; स्पेन के स्कलम; यूके की चेयर्स लिमिटेड टी/ए कोच हाउस, बार्कर एंड स्टोनहाउस; यूएई की बीएमए इंटरनेशनल ग्रुप, सेंसेशन ट्रेडिंग एलएलसी, ट्रेजर पैलेस एलएलसी; यूएसए के बेंजारा इंक, हॉटे आर्टे, लोलोई इंक, नाडेउ, इंडिया कनेक्शन, वन हंड्रेड 80 डिग्रीस, बाली डिजाइन इंक, द इंपोर्ट कलेक्शन, टीजीएक्स कॉर्प और जॉयफुलमूस आदि।


दुनिया भर के खरीदार अपनी सोर्सिंग आवश्यकताओं के लिए आईएचजीएफ दिल्ली मेले में आना पसंद करते हैं क्योंकि यह एक उत्कृष्ट उत्पाद रेंज, आकर्षक कीमत, विभिन्न किस्म, विशिष्ट गुणवत्ता और नई उत्पाद लाइनों के साथ अग्रणी भारतीय निर्माताओं से एक विशेष जुड़ाव प्रस्तुत करता है।


श्री दिलीप बैद, उपाध्यक्ष, ईपीसीएच ने सूचित किया कि अपने पिछले कुछ संस्करणों के बाद से, शो ने प्रसिद्ध घरेलू खिलाड़ियों से बड़ी मात्रा में खुदरा खरीद के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। भारत में तेजी से बदलते खुदरा परिदृश्य का स्वागत करते हुए और अंतरराष्ट्रीय डिजाइनों और प्रीमियम उत्पादों के लिए नए सिरे से खरीदारी की गतिशीलता और खोज को बढ़ावा देने के लिए, आईएचजीएफ दिल्ली मेला आर्चीज लिमिटेड, डीएलएफ ब्रांड्स प्राइवेट लिमिटेड, फैबइंडिया लिमिटेड, गुडअर्थ डिजाइन स्टू़डियो प्राइवेट लिमिटेड, जैनसन्स, लूलू ग्रुप इंडिया, मसपर इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, मिंत्रा, निकोबार डिजाइन प्राइवेट लिमिटेड, रैडिसन होटल, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, शॉपर्स स्टॉप लिमिटेड, स्नैपडील इंडिया ट्रेंट लिमिटेड आदि समेत प्रमुख भारतीय खुदरा / ऑनलाइन ब्रांडों से आगंतुकों की मेजबानी इस बार भी करने वाला है।


ईपीसीएच के उपाध्यक्ष श्री नीरज खन्ना ने सूचित किया, इस आयोजन का व्यापक प्रचार करने के लिए, परिषद ने अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं, उनके डिजिटल प्रकाशनों, ऑनलाइन पोर्टलों, वेब बैनरों में डिजिटल विज्ञापनों आदि के माध्यम से दुनिया भर में व्यापक प्रचार और प्रचार अभियान चलाया है। इसके अलावा, भारतीय दूतावासों ने अपने-अपने देशों में खरीदारों और आयातकों को निमंत्रण दिया। मेले को व्यापक रूप से डिजिटल प्रकाशनों और सोशल मीडिया में शामिल किया गया है।


इस अवसर पर ईपीसीएच के महानिदेशक श्री राकेश कुमार ने सूचित किया कि ईपीसीएच दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारतीय हस्तशिल्प निर्यात को बढ़ावा देने और उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पादों और सेवाओं के एक विश्वसनीय आपूर्तिकर्ता के रूप में  विदेशों में भारत की छवि बनाने के लिए जिम्मेदार एक नोडल संस्थान है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान हस्तशिल्प निर्यात 33253.00 करोड़ (4459.76 मिलियन अमेरिकी डॉलर) रहा और अप्रैल-फरवरी '2022-23 के दौरान रु 28727.91 करोड़ और 3505.84 मिलियन अमरीकी डॉलर रहा ।

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श्री राकेश कुमार, महानिदेशक – ईपीसीएच एवं चेयरमैन आईईएमएल – 

+91- 9818272171