प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस में सहरानीय योगदान देने वाले वॉलंटियर डॉक्टरो चिकित्सकोप्रशस्ति पत्र सील्ड , मेडल देकर सम्मानित किया

 उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मीयो का हुआ सम्मान 



 गौतमबुद्ध नगर (अमन इंडिया)। सांसद सदस्य डॉ महेश शर्मा द्वारा पुरस्कार समरोह का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस में सहरानीय योगदान देने वाले वॉलंटियर डॉक्टरो,चिकित्सको, स्टाफ नर्स , ए एन एम , आशा , बी पी एम , डाटा एंट्री ऑपरेटर , टेक्नीशियन को डॉ महेश शर्मा दवारा आई एम ए भवन , नोएडा के सभागार में वर्ष 2020-21 के पुरस्कार में प्रशस्ति पत्र, सील्ड , मेडल देकर सम्मानित किया


गया। देश की राजधानी से सटा जिला होने के बावजूद मातृ शिशु मृत्यु दर की स्थिति चिंताजनक है। जच्चा बच्चा की मौतों को कम करने के लिए प्रधानमत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस पर विशेष जोर दिया गया। 

आई एम ए भवन , नोएडा के सभागार में आयोजित सम्मानित समारोह में माननीय सांसद सदस्य डॉ महेश शर्मा व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी एवं आई अम ए अध्यक्ष डॉ एन के शर्मा द्वारा 02 वॉलंटियर डॉक्टरो, 06 चिकित्सको ( चिकित्सक, बेस्ट MOIC ) , 08 स्टाफ नर्स ,05 ए एन एम , 05 आशा ,02 बी पी एम ,02 लैब टेक्नेसियन , 04 फार्मासिस्ट , 01 हेल्थ विज़िटर , फैमली प्लानिंग स्पेशलिस्ट , डी आई सी मैनेजर ,कंसलटेंट , प्रोग्राम एडमिन , ऑपरेटर को प्रशस्ति पत्र, सील्ड , मेडल देकर सम्मानित किया। सामुदयिक स्वास्थ्य केंद्र दादरी के अधीक्षक डॉ संजीव श्रीवास्तव व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिसरख के एम ओ आई सी डॉ सचिंद्र मिश्रा को अव्वल रहने के लिए सम्मानित किया। डाक्टर महेश शर्मा, सांसद सदस्य, लोक सभा, भारत सरकार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी , PMSMA नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नेपाल सिंह , डी टी ओ डॉ शिरीष जैन ,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भरत भूषण, की मंच पर गरिमामय उपस्थिति में उत्कृष्ट कार्य करने वालो को सम्मानित किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी ने सभा के सम्बोधित करते हुए बताया की हम सब का दायित्व है कि प्रत्येक गर्भवती को पांच निशुल्क जांचे ब्लड टेस्ट , ब्लड प्रेशर , यूरिन टेस्ट , हीमोग्लोबिन , अल्ट्रासाउंड जो ज़िले की 22 फैसिलिटी पर उपलब्ध है प्रत्येक महीने की 9 तारीख को प्रत्येक गर्भवती महिला को उपलब्ध करवाने में बढ़ चढ़कर भाग लेना चाहिए।आई अम ए अध्यक्ष डॉ एन के शर्मा ने बताया कि आई अम ए प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को सहयोग करेगा तथा इसके सभी सदस्यों से हर महीने की 9 वीं तारीख को सुबह 9:00 बजे से 11:00 बजे तक नि:शुल्क परामर्श प्रदान करने का अनुरोध किया करेगा । सभी आईएमए के राज्य/स्थानीय शाखा अध्यक्षों एवं सचिवों, पदाधिकारियों, केंद्रीय परिषद के सदस्यों से इस संदेश को सभी सदस्यों एवं मित्रों को पारित एवं पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जायेगा 

डाक्टर महेश शर्मा, सांसद सदस्य ने बताया कि किसी भी योजना को सफल बनाने के लिए सामूहिक सहभागिता बहुत जरुरी है। टीम की भावना से काम करके ही हम किसी लक्ष्य को हासिल कर सकते है। डाक्टर महेश शर्मा, सांसद सदस्य ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस में कमजोर गर्भवती कि पहचान कर उनकी देखभाल की जाती है। जरूरत पड़ने पर इलाज किया जाता है, इसके साथ डॉ शर्मा ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से निवेदन किया कि वर्तमान में ज़िले के 22 अस्पतालों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस मनाया जा रहा है इन 22 अस्पतालों से सांख्य बढ़या जाये जिससे और अधिक गर्भवती महिलाओं को चिकित्सीय सुविधा मिल सके । यह बहुत ही प्रसंसनीय कदम है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 31 जुलाई 2016 को देश के प्राइवेट डॉक्टरों से अपील की कि- "साल में 12 दिन गरीब गर्भवती महिलाओं के समर्पित करे। " इसके बाद देश के लाखो डाक्टर इस मुहीम में शामिल हो गए। इस तरह देश के प्रधानमंत्री जी ने एक इतिहास लिख दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक ओहरी ने बताया कि इस 2020-21 में प्रधानमंत्री सुरक्षित अभियान दिवस में कुल 8 वॉलंटियर डॉक्टर ने सेवा दी, 1421 गर्भवती महिलाओं को वॉलंटियर डॉक्टर ने चिकित्सीय परामर्श दिया, 30753 कुल गर्भवती महिलाये आई , 3623 कुल एच आर पी आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भारत सरकार की एक नई पहल है, जिसके तहत प्रत्येक माह की निश्चित 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं को व्यापक और गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करना सुनिश्चित किया गया है। इस अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर उनकी गर्भावस्था के दूसरी और तीसरी तिमाही की अवधि (गर्भावस्था के 4 महीने के बाद) के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाता है । इस कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता यह हैं कि प्रसव पूर्व जांच सेवाएं ओबीजीवाई विशेषज्ञों/चिकित्सा अधिकारियों द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी।

PMSMA नोडल अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ नेपाल सिंह ने बताया माननीय प्रधानमंत्री ने सभी चिकित्सकों से गर्भवती महिलाओं के लिए प्रतिवर्ष 12 दिन मुफ्त सेवाएं देने का आग्रह किया है | इस नेक काम के लिए हम पूरी तरह से प्रतिबद्ध है तथा अपने सभी साथियों से हर महीने की 9 वीं तारीख़ को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान करने का आग्रह करता हूँ तथा मैंने यह दिन प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को समर्पित किया गया है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भरत भूषण ने बताया इस पहल में उच्च ज़ोखिम गर्भधारण का पता लगाने की क्षमता है तथा इसके फलस्वरूप यह हमारे सतत विकास के लक्ष्य के लिए मातृ मृत्यु दर में कमी लाने में सहायता करेगा। इसके लिए प्रत्येक एवं हर डॉक्टर का सहयोग आवश्यक है तथा इसके माध्यम से हमारे देश की सबसे कमजोर आबादी के लिए प्रसव पूर्व देखभाल प्रदान करने में अंतर किया जा सकता हैं। तो हम सभी इसलिए हर महीने की 9 वीं तारीख़ को समर्पित करने की प्रतिज्ञा लेते हैं।

जिला कर्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, प्रजनन मातृ नवजात शिशु एवं किशोर स्वास्थ्य (आरएमएनसीएच + A) रणनीति के तहत निदान तथा परामर्श सेवाओं सहित गुणवत्तायुक्त प्रसव पूर्व देखभाल की कवरेज़ (एएनसी) के लिये परिकल्पना की गयी है। इस कार्यक्रम के निम्नलिखित उद्देश्य हैं: चिकित्सकों/विशेषज्ञों द्वारा दूसरी या तीसरी तिमाही की सभी गर्भवती महिलाओं को कम से कम एक प्रसव पूर्व जांच सुनिश्चित करना हैं। प्रसव पूर्व जाँच के दौरान देखभाल की गुणवत्ता सुधारना, जिसमें निम्नलिखित सेवाएं शामिल हैं:सभी उपयुक्त नैदानिक सेवाएं। उपयुक्त नैदानिक स्थितियों के लिए स्क्रीनिंग। कोई भी नैदानिक स्थितियां जैसे कि रक्ताल्पता, गर्भावस्था प्रेरित उच्च रक्तचाप, गर्भावधि मधुमेह आदि का उचित प्रबंधन। उचित परामर्श सेवाएं एवं सेवाओं का उचित प्रलेखन रखना। उन गर्भवती महिलाओं को, जो किसी भी कारण से अपनी प्रसव पूर्व जाँच नहीं करा पायी, उन्हें अतिरिक्त अवसर प्रदान करना। प्रसूति/चिकित्सा के इतिहास और मौजूदा नैदानिक स्थिति के आधार पर उच्च ज़ोखिम गर्भधारण की पहचान और लाइन-सूची करना। हर गर्भवती महिला को विशेषत रूप से जिनकी पहचान किसी भी ज़ोखिम कारक या सहरुग्णता स्थिति में की गयी हैं, उनके लिए उचित जन्म योजना और जटिलता की तैयारी करना। कुपोषण से पीड़ित महिलाओं में रोग का जल्दी पता लगाने, पर्याप्त और उचित प्रबंधन पर विशेष ज़ोर देना। किशोर और जल्दी गर्भधारण पर विशेष ध्यान देना, क्योंकि इन गर्भधारणों में अतिरिक्त एवं विशेष देखभाल की ज़रूरत होती है।

जिला मातृ स्वस्थ्य सलाहकार ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) देश में तीन करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व देखभाल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत लाभार्थियों को हर महीने की नवीं तारीख़ को प्रसव पूर्व देखभाल सेवाओं (जांच और दवाओं सहित) का न्यूनतम पैकेज प्रदान किया जाएगा। यदि किसी माह में नवीं तारीख को रविवार या राजकीय अवकाश होने की स्थिति में अगले कार्यदिवस पर यह दिवस आयोजित किया जाएगा। इन सेवाओं को स्वास्थ्य सुविधा/आउटरीच पर नियमित एएनसी के अतिरिक्त प्रदान किया जा रहा है । इन सेवाओं को शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निर्धारित सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी/सीएचसी,डीएच/शहरी स्वास्थ्य केंद्रों आदि) पर उपलब्ध कराया जा रहा है । जब कि इसका लक्ष्य सभी गर्भवती महिलाओं तक पहुंचना है, पर विशेष रूप से यह प्रयास होगा कि वे महिलाएं जिन्होंने एएनसी के लिए रजिस्टर नहीं किया है, तथा जिन्होंने रजिस्टर किया है, लेकिन एएनसी सेवाओं का लाभ नहीं उठाया है, एवं उच्च ज़ोखिम गर्भवती महिलाओं तक पहुंचें। आवश्यक रूप से, ये सेवाएं ओबीजीवाई विशेषज्ञों/चिकित्सकों द्वारा उपलब्ध करायी जाएगी। निजी क्षेत्र के ओबीजीवाई विशेषज्ञों/चिकित्सकों को, जहां सरकारी क्षेत्र के चिकित्सक उपलब्ध या पर्याप्त नहीं हैं, वहां सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वैच्छिक सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। एकल खिड़की प्रणाली के सिद्धांतों का उपयोग करते हुए, यह सुनिश्चित किया गया है, कि पीएमएसएमए क्लीनिक में आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं को जांच का न्यूनतम पैकेज (गर्भावस्था की दूसरी तिमाही के दौरान अल्ट्रासाउंड सहित) तथा दवाएं जैसे कि आइएफए सप्लीमेंट, कैल्शियम सप्लीमेंट आदि प्रदान की जाएगी। गर्भवती महिलाओं को मातृ एवं बाल संरक्षण कार्ड तथा सुरक्षित मातृत्व पुस्तिकाएं दी जा रही है । उच्च ज़ोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं फॉलो-अप करना अभियान के महत्वपूर्ण घटकों में से एक है। स्टीकर, जो कि गर्भवती महिला की स्थिति एवं ज़ोखिम के कारक को दर्शाएगा, इस स्टीकर को एमसीपी कार्ड पर हर जाँच के दौरान जोड़ा जा रहा है । हरा स्टीकर- सामान्य गर्भावस्था वाली महिला होने पर। लाल स्टीकर- उच्च ज़ोखिम वाली महिला होने पर। निज़ी/स्वैच्छिक क्षेत्रों को शामिल करने के लिए पीएमएसएमए एवं मोबाइल एप्लीकेशन को राष्ट्रीय पोर्टल पर विकसित किया गया है।


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