एयरपोर्ट के लिए नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह और निर्माण कंपनी के सीईओ क्रिसटॉप स्केलमन ने दस्तखत किए

 


 


- 30 हजार करोड़ की लागत से बनेगा एयरपोर्ट, वर्ष-2023-24 में होगी पहली उड़ान


 


ग्रेटर नोएडा।  यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का दफ्तर नोएडा ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट निर्माण के करार का साक्षी बना। एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी के बड़े अफसर मलेश्यिा और स्विटजरलैंड से ऑनलाइन जुड़े। करार पर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह और ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी के सीईओ क्रिसटॉप स्केलमन ने एग्रीमेंट पर दस्तखत किए। इस पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना से तकरीबन चार लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। यहां से वर्ष-2023-24 में पहली उड़ान भरी जाएगी। 


नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि यह एयरपोर्ट चार फेज में बनकर तैयार होगा। इसकी क्षमता 70 मिलियन होगी। यहां से एक रनवे और 12 मिलियन कैपेसिटी के साथ साल 2023-24 में पहली उड़ान भरी जाएगी। पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर में एयरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट के लिए बनी सरकारी कंपनी में अब चार हिस्सेदार होंगे। इनमें उत्तर प्रदेश सरकार और नोएडा प्राधिकरण की हिस्सेदारी 37.5-37.5 फीसदी हिस्सेदारी होगी। जबकि ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण की हिस्सेदारी 12.5-12.5 प्रतिशत होगी। 


यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के अथक प्रयास और कुशल नेतृत्व के कारण ही इस काम को अंजाम तक पहुंचाने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि जेवर एयरपोर्ट चार चरणों में बनकर तैयार होगा। इसकी कुल लागत 30 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। इस परियोजना के पूरा होने से आर्थिक गतिविधियों में लगभग सात गुना इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि जेवर में बनने वाले नोएडा ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना की बदौलत एक दशक में यहां लगभग पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। यहां एमआरओ, कार्गो और वेयर हाउसिंग हब विकसित किए जाएंगे। यहां निवेश के लिए बड़ी संख्या में स्वदेशी और विदेश कंपनियों ने निवेश का खाका तैयार कर लिया है। कुछ कंपनियों ने तो भूमि का आवंटन भी करा लिया है। यहां पर फिल्म सिटी, ट्वाय सिटी, मेट्रो कोच निर्माण फैक्ट्री, अपैरल पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क, एमएसएमई पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क बनेगा। इसका निर्माण पूरा होने के बाद लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। एयरपोर्ट से भी लगभग एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। 


सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जेवर से दिल्ली और अन्य शहरों के लिए मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। इसके तहत मेट्रो, अल्ट्रा पीआरटी, एलिवेटेड रोड और रैपिड रेल समेत अन्य कई विकल्पों पर काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, मेट्रो, पीआरटी, बुलेट ट्रेन (दिल्ली से वाराणसी) डीपीआर में स्टॉपेज तय किए गए हैं। पलवल खुर्जा एक्सप्रेसवे और इसके साथ ही 100 मीटर की समानांतर रोड भी तैयार की जा रही है। डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि साल 2023-24 में पहली उड़ान भरी जाएगी। 1,334 हेक्टेयर में पहले चरण में काम शुरू होगा। कुल चार चरणों में काम होना है। समय-समय पर जरूरत के मुताबिक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।


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