वास्तविक स्थिति को सही तरीके से दर्ज नहीं किया: नागेंद्र


*दादरी में सरकारी जमीन की पैमाइश को लेकर गंभीर आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग


*शिकायतकर्ता ने पटवारी पर रिपोर्ट में हेरफेर और प्राधिकरण की जमीन पर कब्जे के लगाए आरोप


नोएडा। दादरी तहसील क्षेत्र में सरकारी एवं नोएडा प्राधिकरण की जमीन से जुड़े कथित कब्जे और पैमाइश में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता नागेंद्र पुत्र प्रताप ने बृहस्पतिवार को नोएडा मीडिया क्लब में प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।


प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि खसरा संख्या-47 की करीब 0.4810 हेक्टेयर एलएमसी/एलएंडएम सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान कथित रूप से वास्तविक स्थिति को सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया। उनके अनुसार, 30 नवंबर को तहसीलदार द्वारा पटवारी राकेश नागर को पुलिस बल के साथ मौके पर जाकर पैमाइश करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि मौके की स्थिति के विपरीत रिपोर्ट तैयार कर अधिकारियों को भेजी गई, जिससे कथित कब्जेदारों को लाभ पहुंचा।


शिकायतकर्ता ने खसरा संख्या-42 और 45 से जुड़ी जमीन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि निजी भूमि का बैनामा कराने के बाद कथित रूप से कब्जा नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर कराया गया। इससे सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचने और सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति की आशंका जताई गई है।


प्रेस वार्ता में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के चलते संबंधित विभागों में उनके पक्ष में रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।


शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मांग की कि संबंधित खसरा नंबरों की भूमि की दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, राजस्व अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान किया जाए तथा यदि किसी स्तर पर अनियमितता या सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।