दिल्ली में 13–20 सितंबर तक 30वां विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन : संत राजिन्दरसिंह जी महाराज का 80वां जन्मदिन मनाया जाएगा
• कृपाल बाग और संत दर्शन सिंह जी धाम में आठ दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलनमें अमेरिका, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, कनाडा और कई अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिलहोंगे।
• सम्मेलन के दौरान कई प्रकार के समाज–कल्याण के कार्यक्रम भी आयोजित कियेजाएंगे, जैसे कि 68वां रक्तदान शिविर, 43वां मुफ्त नेत्र जांच और मोतियाबिन्द सर्जरीशिविर और 23वां वस्त्र वितरण शिविर आदि।
नई दिल्ली (अमन इंडिया) । सावन कृपाल रूहानी मिशन के प्रमुख संत राजिन्दरसिंह जी महाराज के मार्गदर्शन और उनकी दिव्य उपस्थिति में दिल्ली में 13 से 20 सितंबर, 2026 तक 30वां विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इससाल यह सम्मेलन खास महत्व रखता है क्योंकि इस अवसर पर संत राजिन्दर सिंह जीमहाराज का 80वां जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा, जो उनके दिव्य–प्रेम, करुणा, आध्यात्मिकता और मानव एकता के संदेश के आठ दशकों का प्रतीक है।
यह वार्षिक सम्मेलन दुनिया भर के आध्यात्मिक नेताओं, गणमान्य व्यक्तियों औरप्रतिनिधियों को एक साथ बैठने का मौका देता है – जिनमें अमेरिका, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, कनाडा और पूरे भारत के लोग शामिल हैं – ताकि वे इस बात पर आपसमें अपने विचार साझा कर सकें कि आध्यात्मिकता और ध्यान–अभ्यास समाज मेंआंतरिक शांति, करुणा और सद्भाव की भावना जगाने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिकानिभाते हैं। यह सम्मेलन विभिन्नआध्यात्मिक नेताओं को मानव एकता पर विचार करनेऔर प्रेम और करुणा का संदेश साझा करने के लिए एक साझा मंच प्रदान करती है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ इस अवसर कीशोभा बढ़ाएंगी। आठ दिनों के इस कार्यक्रम में कृपाल बाग (13–18 सितंबर) औरदिल्ली के बुराड़ी में स्थित संत दर्शन सिंह जी धाम (19–20 सितंबर) में आध्यात्मिकप्रवचन, ध्यान–अभ्यास की कार्यशालाएं और अन्य कार्यक्रम भी आयोजित कियेजाएंगे।
30वें विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन की शुरुआत संत राजिन्दर सिंह जी महाराज केसत्संग प्रवचन से होगी, जिसके बाद एक आध्यात्मिक मुशायरा आयोजित कियाजाएगा। 14 सितंबर को, संत दर्शन सिंह जी महाराज के 105वें जन्मोत्सव के अवसरपर, महान सूफी–संत शायर के सम्मान में ‘दर्शन–अनंत प्रेम और करुणा के सागर’ विषय पर एक सेमिनार आयोजित की जाएगी।
सम्मेलन में कई समाज–कल्याण के कार्यक्रम भी आयोजित किये जाएंगे। स्वास्थ्यकी देखभाल और निष्काम सेवा कार्यों के जरिए समाज की सेवा करने की परंपरा कोआगे बढ़ाते हुए, 12 सितंबर को 68वां रक्तदान शिविर और उसके बाद 13 सितंबर को43वां मुफ्त नेत्र जांच और मोतियाबिंद सर्जरी शिविर आयोजित किया जाएगा।
संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के 80वें जन्मदिन के खास समारोह के अवसर पर, 19 सितंबर को एक रूहानी कव्वाली का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। 20 सितंबरको सम्मेलन के समापन सत्र वाले दिन 23वां वस्त्र वितरण शिविर का आयोजन कियाजाएगा और उसके बाद 30वें विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन का समापन सत्र होगा, जिसमें इस खास मौके पर आध्यात्मिक और मानव–कल्याण के कार्यक्रमों को एकसाथ अमल में लाया जाएगा।
इस सम्मेलन ने पिछले कुछ सालों में भारत और दुनिया भर के लोगों को एक साथआने और आध्यात्मिकता, ध्यान–अभ्यास और आंतरिक शांति की खोज पर विचारकरने के लिए एक मंच प्रदान किया है। 30वां विश्व आध्यात्मिक सम्मेलन, संतराजिन्दर सिंह जी महाराज के 80वें जन्मदिवस के साथ, आध्यात्मिक जागृति, सेवा, करुणा और मानव एकता पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस परंपरा को जारी रखेगा।