यूजेनिक्स हेयर साइंसेज ने एक ही हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया (सिटिंग) मेंसबसे अधिक ग्राफ़्ट्स लगाकर वैश्विक चिकित्सा इतिहास में अपनानाम दर्ज कराया

 'यूजेनिक्स हेयर साइंसेजने एक ही हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया (सिटिंग)में सबसे अधिक ग्राफ़्ट्स लगाने का नया विश्व कीर्तिमान स्थापितकिया है। इस असाधारण उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर 'वर्ल्डरिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडियामें दर्ज किया गया है।

 

दिल्ली/गुरुग्राम (अमन इंडिया) । यूजेनिक्स हेयर साइंसेज ने एक ही हेयर ट्रांसप्लांट प्रक्रिया (सिटिंग) मेंसबसे अधिक ग्राफ़्ट्स लगाकर वैश्विक चिकित्सा इतिहास में अपनानाम दर्ज करा लिया हैइसलिए 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ़ इंडियाकेप्रतिनिधियों ने आधिकारिक तौर उन्हें यह ख़िताब प्रदान किया है। इसऐतिहासिक कार्यक्रम मेंप्रतिनिधियों ने इस प्रक्रिया को प्रमाणित कियाऔर औपचारिक रूप से यूजेनिक्स हेयर साइंसेज को अपने प्रतिष्ठितरिकॉर्ड/ कीर्तिमान संकलन में शामिल कर लियाइस प्रकार, उनकीउन्नत केश पुनःस्थापना के क्षेत्र में हासिल की गई अभूतपूर्व उपलब्धि कोमान्यता दी गई।

 

यह पहचान यूजेनिक्स हेयर साइंसेज के लिए एक अहम घटना हैक्योंकि इस ब्रांड ने  सिर्फ़ एक नया वैश्विक मापदंड निर्माण किया हैबल्कि 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ इंडियाके अधिकारियों से मौके परमान्यता भी पाई है

 

'शक्तिमानऔर 'महाभारतमें अपनी भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर एक्टर सुरेंद्र पाल सिंह इनके केश प्रत्यारोपण प्रक्रिया के दौरान यह कीर्तिमान स्थापित हुआ है। सुरेंद्र पाल सिंह जी का केश प्रत्यारोपण 29 मई, 2025 से शुरू हुआजिसमें दो हफ़्तों तक चली एकही सिटिंग में कुल 11,423 ग्राफ़्ट लगाए गए। इस तरह की सबसे बड़ीप्रक्रियाओं में से एक यह मामला है। यह प्रमाणीकरण क्लिनिक कीबारीकीनएपन और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता को मान्यतादेता हैजिससे भारत में केश प्रत्यारोपण के क्षेत्र में एक मार्गदर्शक केतौर पर उसकी ्थिति और मज़बूत होती हैऔर उसे दुनिया की सबसेशानदार उपलब्धियों में से एक माना जाता है।

 

सुरेंद्र पाल सिंह ने अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए कहा कि, “मेरेलिएयह सिर्फ़ बालों के बारे में नहीं थायह फिर से पहले जैसा महसूसकरने के बारे में था। मैंने देखा है कि लोग मेरे बारे में कैसे बोलते थे,लेकिन अब इसमें सचमुच बदलाव आया हैकई लोग तो यह भी कहतेहैं कि उन्हें फि से पहले वाला जवान सुरेंद्र पाल दिखाई दे रहा है। मैं डॉप्रदीप सेठी और डॉअरिका बंसल को उनके सहयोग के लिए धन्यवाददेता हूँ। केश प्रत्यारोपण करवाने पर विचार कर रहे सभी लोगों के लिएमेरी एकमात्र सलाह यह है कि यदि आप प्रत्यारोपण करने का फ़ैसलाकरते हैंतो इसे एक ही बार और सही तरीके से करें। ऐसे योग्य डॉक्टरको चुनें जो आपकी सुरक्षादेखभाल और लंबे समय तक रहने वालेपरिणामों को प्राथमिकता दे।

 

यूजेनिक्स हेयर साइंसेज के सह-संस्थापक और चेयरमैनडॉप्रदीपसेठी ने इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “यह उपलब्धिआधुनिक केश पुनःस्थापना (बालों को फिर से उगानेके विज्ञान औरउसकी मापनीयता में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। यूजेनिक्स मेंहमारा ध्यान हमेशा से ही सटीक दाता संचालनबेहतर निकासतकनीकों और सौंदर्यपूर्ण पुनर्निर्माण की गहरी समझ के माध्यम सेजिम्मेदारी के साथ चिकित्सकीय सीमाओं का विस्तार करने पर रहाहै।

 

यह सम्मान हमारे इस विश्वास को और मजबूत करता है कि भारत केवल वैश्विक चिकित्सा नवाचार में हिस्सा ले रहा हैबल्कि तेजी सेअपने खुद के मानक भी स्थापित कर रहा है।

 

यूजेनिक्स हेयर साइंसेज की सह-संस्थापकडॉअरिका बंसल ने इसबारे में कहा कि “इतने बड़े पैमाने पर की जा रही इस प्रक्रिया के लिएसिर्फ़ तकनीकी काबिलियत से कहीं ज़्यादा चीज़ों की ज़रूरत होती हैइनमें बारीकी से किया गया नियोजनअनुशासित तरीके से काम करनाऔर हर कदम पर मरीज़ के आराम पर पूरा ध्यान देना ज़रूरी होता है।यूजेनिक्स मेंहमारा नज़रिया हमेशा से ही पूरी तरह से मरीज़-केंद्रित रहाहैहम लंबे समय तक रहने वाले नतीजोंदाता क्षेत्र को सुरक्षित रखनेऔर प्रक्रिया के हर चरण में एक जैसी गुणवत्ता बनाए रखने को सबसेज़्यादा प्राथमिकता देते हैं।

 

वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ़ इंडिया के वरिष्ठ परीक्षक और वक्ताप्रतिनिधिलक्ष दीप मिश्रा ने कहा कि “वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बुक ऑफ़ इंडियामेंदी जाने वाली हर मान्यता कड़ी जांच-पड़तालप्रामाणिकता औरबेहतर उत्कृष्टता पर आधारित होती है। यूजेनिक्स हेयर साइंसेज की यहउपलब्धि एक ही केश प्रत्यारोपण सिटिंग में 11,423 ग्राफ़्ट लगानाआधुनिक चिकित्सा विज्ञान में क्लिनिकल सटीकतामजबूती औरनवाचार का एक शानदार उदाहरण है।

 

पूरी जांच और सत्यापन प्रक्रिया के बादहमें से एक रिकॉर्ड तोड़उपलब्धि के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता देते हुए खुशी हो रही है।यह उपलब्धि  केवल केश पुनःस्थापना (बालों को फिर से उगानेकेक्षेत्र में संभावनाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाता हैबल्कि वैश्विक मंचपर भारत की चिकित्सा उत्कृष्टता के लिए एक नया मानक भी स्थापितकरता है।