महारैली से पहले गरजे डॉ. संजय निषाद कहा-हक के लिए निर्णायक लड़ाई का वक्त
नोएडा (अमन इंडिया) । उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ संजय निषाद बृहस्पतिवार को नोएडा मीडिया क्लब पहुंचे ।जहां उन्होंने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 5 अप्रैल को नोएडा इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाली निषाद पार्टी की महारैली की तैयारियों और उद्देश्यों पर विस्तार से जानकारी दी।
डॉ. निषाद ने कहा कि पार्टी अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन का विस्तार करने जा रही है और नोएडा की यह रैली उसी दिशा में एक बड़ा कदम होगी। उन्होंने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों ने मछुआ/कश्यप/निषाद समाज से केवल वोट लिया, लेकिन उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन बेहद मजबूत और पवित्र है, जो समाज के विकास और सम्मान के लिए कार्य कर रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि पार्टी द्वारा पहले गोरखपुर और प्रयागराज में सफल रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मछुआ समाज के लोगों ने भाग लिया और अपने अधिकारों की मांग उठाई।
डॉ. निषाद ने जानकारी दी कि मेरठ में प्रस्तावित रैली को अब गौतमबुद्ध नगर में स्थानांतरित किया गया है। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि दनकौर क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से वीर एकलव्य से जुड़ा है, जहां उनके साथ छल का प्रसंग जुड़ा रहा है। इसी ऐतिहासिक संदर्भ को ध्यान में रखते हुए रैली का स्थान बदला गया है। उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल को महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर होने वाली यह सभा निषाद पार्टी की पश्चिमांचल में ताकत का प्रदर्शन करेगी और उन लोगों को जवाब देगी, जो पार्टी को केवल पूर्वांचल तक सीमित मानते हैं। निषाद पार्टी को आज प्रदेश में मछुआ समाज की सभी उपजातियों केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, धीवर, कश्यप, तुरैहा, रायकवार समेत अन्य पिछड़ी जातियों का भी समर्थन मिल रहा है, क्योंकि वे जातियां भी अपने आप को पूर्व की सरकारों से ठगा हुआ महसूस करती हैं। गौतमबुद्ध नगर में होने वाली रैली में जनपद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री वीरेंद्र डाढा जी एवं हमारे युवा मोर्चा के सुमित गुर्जर, ई० प्रवीण निषाद जी, रविन्द्रमणि निषाद, व्यास मुनि निषाद, पूरन सिंह कश्यप, प्रदीप कश्यप, जोगेंद्र विकल, के नेतृत्व में हजारों की संख्या में गुर्जर समाज के लोग भी शामिल होंगे।