नोएडा (अमन इंडिया) । नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक सोमवार सेक्टर-6 स्थित प्राधिकरण सभागार में सम्पन्न हुई। जिसकी अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त एवं प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। बैठक में नोएडा सीईओ कृष्णा करूणेश, ग्रेटर नोएडा सीईओ एनजी रवि कुमार और यमुना प्राधिकरण सीईओ राकेश कुमार सिंह समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 10,290 करोड़ रुपये की आय और 10,004 करोड़ रुपये के व्यय का लक्ष्य निर्धारित किया गया। वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले कम प्राप्ति दर्ज की गई।
प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
1-फंसी परियोजनाओं को राहत
लंबित रियल एस्टेट परियोजनाओं के समाधान पर भी चर्चा हुई। अब तक 57 में से 36 परियोजनाओं को राहत मिली है और 4,364 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।
2-वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी
शहर के विकास को गति देने के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026’ को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इससे आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक संपत्तियों से जुड़े मामलों का निपटारा आसान होगा।
3-स्पोर्ट्स सिटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश
सेक्टर-150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के संशोधित लेआउट प्लान को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में मंजूरी दी गई। साथ ही पूर्व के कुछ फैसलों को वापस लेने का निर्णय भी लिया गया।
4-ब्याज में छूट की घोषणा
जल राजस्व के बकायेदारों के लिए तीन महीने की एमनेस्टी योजना लागू की गई है, जिसमें अलग-अलग अवधि के अनुसार 20ः से 40ः तक ब्याज में छूट दी जाएगी।
5-फायर सेफ्टी पर बड़ा निवेश
नोएडा क्षेत्र में अग्निशमन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 154.42 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला लिया गया है, जिससे आधुनिक उपकरण और वाहन खरीदे जाएंगे।
6-ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर
शहर में रोजाना निकलने वाले लगभग 100 टन ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
7- अन्य महत्वपूर्ण फैसले
-मिश्रित भूमि उपयोग की अनुमति के लिए नए शुल्क तय
-12 साल से लंबित भवन निर्माण मामलों को अंतिम अवसर
-सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के रखरखाव के लिए 107.77 करोड़ रुपये मंजूर
-नोटिस वापसी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एकल समिति का गठन
बैठक में लिए गए फैसले नोएडा के शहरी विकास, बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं।