दिल्ली–नोएडा में सुपरटेक फ्लैट बायर्स को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने एनबीसीसी को सौंपे सुपरटेक के 16 अधूरे प्रोजेक्ट
नई दिल्ली (अमन इंडिया) । दिल्ली–नोएडा सहित विभिन्न राज्यों में सुपरटेक के अधूरे प्रोजेक्ट्स में फँसे करीब 51,000 होमबायर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सुपरटेक लिमिटेड के 16 अधूरे आवासीय प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी NBCC (नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन ) को सौंप दी है। इन प्रोजेक्ट्स का काम दो वर्ष के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
यह आदेश जस्टिस सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ द्वारा पारित किया गया, जिसे घर खरीदारों के लिए ऐतिहासिक और मील का पत्थर माना जा रहा है। एक दशक से अधिक समय से कब्जे का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों के लिए यह फैसला उम्मीद और न्याय की नई शुरुआत है।
कोर्ट का स्पष्ट रुख सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि घर खरीदार सर्वोपरि हैं फ्लैट्स का निर्माण पूरा कर कब्जा दिलाना पहली प्राथमिकता होगी ।वित्तीय व अन्य लेनदारों के दावों पर बाद में विचार किया जाएगा।
न्यायालय ने NCLAT के उस आदेश को पूरी तरह सही ठहराया, जिसके तहत NBCC को Supertech के 16 अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि इन प्रोजेक्ट्स के निर्माण में कोई भी न्यायिक या प्रशासनिक बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। न्यायालय ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का प्रयोग करते हुए कहा कि यह मामला केवल कानून का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के जीवन, भविष्य और विश्वास से जुड़ा हुआ है। वर्षों से किराया, EMI और मानसिक तनाव झेल रहे खरीदारों को अब वास्तविक और समयबद्ध राहत मिलनी चाहिए।
सीनियर एडवोकेट एम .एल . लाहोटी का बयान इको विलेज -2 वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से पीड़ित घर खरीदारों की पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता एम .एल . लाहोटी ने इस फैसले को घर खरीदारों की जीत और न्यायपालिका की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया।
लाहोटी ने NDTV सहित अन्य प्रमुख मीडिया चैनलों को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि यह आदेश केवल सुपरटेक तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे रियल एस्टेट सेक्टर के लिए मिसाल बनेगा।
अब बिल्डर्स खरीदारों के पैसों के साथ मनमानी नहीं कर पाएंगे।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संदेश दिया है कि घर खरीदार कोई निवेशक नहीं, बल्कि अपने घर का सपना देखने वाला आम नागरिक है।उन्होंने यह भी कहा कि NBCC जैसी सरकारी एजेंसी के जुड़ने से पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित होगा।
इको विलेज -2 में खुशी की लहर इस ऐतिहासिक फैसले के बाद इको विलेज -2 वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं निवासियों में जबरदस्त उत्साह और खुशी का माहौल है।
एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मोहन लाल सिंह ,सेक्रेटरी के .के . कालरा ,योगेश शर्मा , लता , अशोक , मनोज वर्मा , राकेश , आरबी सिंह तथा मॉनिटरिंग टीम के सदस्य विजय बिष्ट , दिनेश गुप्ता , आशीष बहुखंडी ने एक-दूसरे को फोन कर बधाइयाँ दीं और इस लंबे संघर्ष की सफलता का जश्न मनाया। खुशी और उत्सुकता के माहौल में इको विलेज -2 वेलफेयर एसोसिएशन के ऑफिस बियरर्स अपने सीनियर एडवोकेट एम .एल . लाहोटी के कार्यालय पहुँच उन्हें फूलों के गुलदस्ते भेंट किए और मिठाइयाँ खिलाकर आभार व्यक्त किया। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह जीत एकजुटता, धैर्य और सही कानूनी मार्ग अपनाने का परिणाम है।
निष्कर्ष सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न केवल सुपरटेक के हजारों पीड़ित घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत है बल्कि पूरे देश में रियल एस्टेट सेक्टर के लिए एक मजबूत चेतावनी और दिशा-निर्देशक भी है।यह फैसला साबित करता है कि न्याय देर से मिल सकता है, लेकिन मिलता ज़रूर है, और जब घर खरीदार एकजुट होकर सही नेतृत्व और कानूनी रास्ता अपनाते हैं। तो सबसे बड़ी लड़ाई भी जीती जा सकती है।