दिल्ली (अमन इंडिया) । नई सोच और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी ने मेडिकैप्स इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (MII Foundation) का शुभारंभ किया है। यह एक आधुनिक स्टार्टअप इनक्यूबेटर है, जिसका उद्देश्य शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को ज़रूरी संसाधन, मार्गदर्शन और नेटवर्किंग के माध्यम से सशक्त बनाना है।
इस पहल के जरिए यूनिवर्सिटी अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता को एक सक्रिय और प्रभावशाली स्टार्टअप इकोसिस्टम में बदलना चाहती है, जहां इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप और इंडस्ट्री इम्पैक्ट को बढ़ावा मिल सके।
MII फाउंडेशन स्टार्टअप्स को एक सम्पूर्ण प्लेटफ़ॉर्म प्रदान करता है — जिसमें अनुभवी मेंटर्स से मार्गदर्शन, फंडिंग तक पहुंच, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री से जुड़े संपर्क शामिल हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस में स्थित यह फाउंडेशन शिक्षा, शोध और उद्यमिता के बीच एक सेतु की तरह काम करेगा। कस्टमाइज्ड बिज़नेस सपोर्ट, इन्वेस्टर कनेक्ट और स्केलेबिलिटी पर खास फोकस के साथ यह फाउंडेशन इंदौर को एक उभरते स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करना चाहता है।
मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी के चांसलर के विशेष कार्याधिकारी और MII फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक श्री पलाश गर्ग ने कहा,
“मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी अपनी 25 वर्षों की मजबूत विरासत और 12,000 से अधिक विद्यार्थियों की प्रतिभा के साथ इस फाउंडेशन को एक ठोस आधार प्रदान कर रही है। यहां स्टार्टअप्स को नई सोच वाले युवाओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे एक सहयोगी और नवाचारपूर्ण माहौल बनता है। हमारा मल्टीडिसिप्लिनरी एजुकेशन मॉडल भी विभिन्न सेक्टर्स में स्टार्टअप्स के लिए नई संभावनाएं खोलता है।”
फाउंडेशन में आधुनिक ऑफिस स्पेस, सेमिनार हॉल और अत्याधुनिक तकनीक जैसे 3D प्रिंटर, स्कैनर, CNC मशीन, कुका रोबोट्स और फ्लेक्सिबल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम (FMS) की सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे स्टार्टअप्स अपने आइडियाज़ को जल्दी प्रोटोटाइप कर सकते हैं, टेस्ट कर सकते हैं और बड़े स्तर पर लॉन्च कर सकते हैं। साथ ही, फाउंडेशन का बिजनेस मॉडल इक्विटी इन्वेस्टमेंट, सर्विस-बेस्ड कंसल्टिंग, मेंबरशिप और सरकारी व कॉर्पोरेट साझेदारियों पर आधारित है।
वैश्विक निवेशकों और इंडस्ट्री लीडर्स से जुड़ाव के चलते, MII फाउंडेशन उन स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत लॉन्चपैड बनकर उभर रहा है जो इनोवेशन के साथ स्थायी प्रभाव छोड़ना चाहते हैं। यहां विश्वस्तरीय संसाधनों को व्यावहारिक मार्गदर्शन और रणनीतिक निवेश अवसरों से जोड़ा जा रहा है, जिससे यह साबित होता है कि उच्च शिक्षा सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य के उद्यमियों की नींव भी बन सकती है।