सिरदर्द के साथ उल्टी और धुंधलापन ब्रेन ट्यूमर के लक्षण हो सकते :डॉ सुमित



नोएडा (अमन इंडिया ) ।अगर आप लगातार सिरदर्द और आंखों में धुंधलेपन की समस्या हैं, तो इसे हल्के में न लें। यह ब्रेन ट्यूमर की शुरूआत हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि समय पर अस्पताल पहुंचकर इलाज कराए। जिससे भविष्य के जोखिम से बचा जा सके। 

फेलिक्स अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ सुमित शर्मा  ने बताया कि ब्रेन ट्यूमर एक बेहद खतरनाक और जानलेवा समस्या है। जिसके कारण हर साल दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत हो जाती है। ब्रेन ट्यूमर, मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं में होने वाली अनियंत्रित वृद्धि की समस्या है। जरूरी नहीं है कि हर ब्रेन ट्यूमर कैंसर कारक हो कुछ नानकैंसर भी हो सकते हैं। हालांकि जब ट्यूमर बढ़ने लगता है तो यह खोपड़ी के अंदर दबाव बढ़ा सकता है। इससे ब्रेन डैमेज का खतरा रहा है। जिसके कारण मृत्यु का जोखिम हो सकता है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रहे ब्रेन ट्यूमर के बारे में लोगों को जागरूक करने और बचाव के उपायों को लेकर शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का मकसद यही है कि लोग ब्रेन ट्यूमर जैसी गंभीर समस्या के बारे में जानें और जागरूक हों। ब्रेन ट्यूमर को मुख्य रूप से दो प्रकार का माना जाता है। पहला जिसमें ट्यूमर आपके मस्तिष्क में उत्पन्न होता है और इससे मस्तिष्क के हिस्सों को क्षति का जोखिम हो सकता है। वहीं दूसरे ब्रेन ट्यूमर को मेटास्टैटिक ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है इसमें कैंसर कोशिकाएं फेफड़े या स्तन जैसे अन्य अंगों से मस्तिष्क में फैलती हैं। इस प्रकार के कैंसर के विकसित होने के कई जोखिम कारक हो सकते हैं। पांच से 10 प्रतिशत मामले आनुवांशिक हो सकते हैं। उम्र के साथ भी ब्रेन ट्यूमर होने का जोखिम बढ़ने लगता है। ब्रेन ट्यूमर की प्रारंभिक स्थिति में लोगों को कुछ ऐसी दिक्कतों का अनुभव हो सकता है, जिसे सामान्यतौर पर नजरअंदाज कर दिया जाता है। हालांकि यदि लगातार कुछ समय तक ऐसी समस्याएं बनी रहती हैं, तो इस बारे में तुरंत किसी विशेषज्ञ से सलाह ले लेनी चाहिए। समय पर स्थिति का पता चल जाने से मृत्यु के खतरे को कम किया जा सकता है। ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क में असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि की समस्या है। ट्यूमर के आकार और यह किस हिस्से में है, इसके आधार पर इसके लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं। इसका समय पर निदान और उपचार किया जाना आवश्यक है।

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण मस्तिष्क के उस हिस्से पर निर्भर करती हैं, जहां कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ रही होती हैं। उदाहरण के लिए मस्तिष्क के सेरिबैलम में  ट्यूमर बढ़ रहा है, तो रोगी को शारीरिक समन्वय बनाने, चलने और सामान्य कार्यों को करने में भी कठिनाई का अनुभव हो सकता है। ट्यूमर का आकार बढ़ने के साथ इसके लक्षण गंभीर होते जाते हैं। सामान्यतौर पर शुरुआत में कुछ लक्षणों को अगर ध्यान में रखा जाए तो समय पर स्थिति का निदान और इलाज आसान हो जाता है। रेन ट्यूमर का इलाज करने के ल‍िए सर्जरी, रेड‍िएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, दवा, पैलिएटिव केयर की मदद ली जाती है। मरीज के ल‍िए कौन सा व‍िकल्‍प सही है, यह डॉक्‍टर तय करते हैं। उम्‍मीद करते हैं आपको यह जानकारी पसंद आई होगी। इस लेख को शेयर करना न भूलें।