इन्फ्लुएंजा का बच्चों के साथ बड़ो पर हमला: डॉ गुप्ता



नोएडा (अमन इंडिया ) ।


फ़ेलिक्स हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ डी के गुप्ता ने कहा की देश में इंफ्लुएंजा ए के उप-स्वरूप एच 3 एन 2 से पहली दो मौतें होने की पुष्टि हुई है। केंद्र सरकार ने भी एच 3 एन 2 के मामलों की समीक्षा कर राज्यों को सतर्क रहने को कहा है। आईसीएमआर की तरफ से मास्क पहनने की सलाह दी गई है। इसलिए जरूरी है कि खांसी, बुखार, मतली, दस्त, गले में खराश,  शरीर में दर्द और सांस फूलना, घरघराहट जैसे लक्षण दिखाई देने पर जांच कराए। फेलिक्स हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ डी. के. गुप्ता  ने बताया कि यह इन्फ्लुएंजा-ए वायरस का म्यूटेशन है। यह कोविड की तरह ही मुंह और नाक से फैल रहा है। इसे एच-3एन-2 कहा जा रहा है। यह शरीर के अंदर जाकर सीधे श्वसन प्रणाली पर हमला करता है। गले को अवरुद्ध कर देता है। खांसी लंबे समय तक ठीक नहीं होती। सूखा कफ आता है। इसमें जुकाम भी होता है, लेकिन नाक नहीं बहती। यह बच्चों को सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है। महिलाओं और फेंफड़ों के पुराने मरीजों की हालत खराब कर रहा है। टीबी मरीजों के लिए बेहद घातक है। इस सीजन हमेशा इन्फ्लुएंजा वायरस आता है। लेकिन इस बार इसमें म्यूटेशन हुआ है, इसीलिए मरीज ज्यादा आ रहे हैं। साथ ही उन्हें ठीक करने में भी देर लग रही है। मौसम में बदलाव के वक्त इन्फ्लुएंजा वायरस हमला करता है। इसमें हाईग्रेड फीवर (102 से 104) तक बुखार आता रहता है। कायदे से बुखार के लिए सिर्फ पैरासिटामोल ली जानी चाहिए। अधिक एंटीबायोटिक के प्रयोग करने से वायरस ने बचने की कला सीख ली है। इसी को म्यूटेशन कहा जाता है। जब वायरस को मारने के लिए किसी चीज की अधिकता की जाती है तो वायरस उससे बचाव के लिए अपना रूप बदल लेता है। इस बार यही हो रहा है। यही कारण है कि यह महीने भर तक खिंच रहा है। स्वस्थ बालिग को भी यह 8-10 दिन तक परेशान कर रहा है। जबकि बच्चों को ज्यादा लंबे समय तक जकड़ में रखता है। इससे भूख खत्म हो गई है। अधिक समय तक खिंचने से यह जानलेवा भी हो सकता है। इन्फ्लुएंजा-ए का म्यूटेशन खतरनाक है। किसी भी पुरानी बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को इस समय बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है। चूंकि यह बिलकुल कोविड की तरह है, इसलिए बचाव के तरीके भी लगभग वही अपनाने की जरूरत है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और मास्क लगाकर रखें। हाथों को साबुन-पानी से समय-समय पर धोते रहें। किसी भी सतह को हाथ लगाने से पहले और बाद में हाथ धोना जरूरी है। डॉक्टरों ने भी लोगों को यही सलाह दी है। छोटे बच्चों का भी बचाव रखना जरूरी है।



इन बातों का रखे ध्यान----------------------------


-भीड़ में जाने से बचें


-हाथों को सैनिटाइज कर लें।


-मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं। 


-तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें।


-इम्युनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ लें।


-अपने हाथों से नाक और मुंह को छूने से बचें।


-खांसते या छींकते समय संक्रमित मुंह को हाथ से ढक ले


-इन्फ्लूएंजा का टीका लगवाना इससे बचने का बेहतर तरीका है।

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