एड्स से खुद भी बचे और दूसरे को भी बचाइये : डॉ डीके गुप्ता

 जागरूकता ही एड्स से बचाव : डॉ डीके गुप्ता  

नोएडा (अमन इंडिया)। एचआईवी एड्स के संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता ही अहम उपाय है। अगर समय पर ध्यान नहीं दिया तो एड्स के कारण शरीर में रोगों के साथ लड़ने की साम‌र्थ्य कम जाती है, जिस कारण पीडि़त को टीबी सहित कई और बीमारियां होने का खतरा अधिक हो जाता है। यह बातें फेलिक्स अस्पताल के डॉक्टरों ने विश्व एड्स दिवस पर कही।

चेयरमैन डॉक्टर डीके गुप्ता ने बताया कि 1 दिसंबर को पूरे विश्व में एड्स दिवस मनाया जाता है। ह्यूमन इम्यूनोडेफिशियेंसी वायरस (एचआईवी) एक प्रकार का वायरस होता है जो इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है। एचआईवी शरीर में मौजूद सीडी-4 कोशिकाओं को नष्ट करने का कार्य करता है। सीडी-4 कोशिकाओं को टी सेल या टी कोशिका भी कहा जाता है। इस बीमारी के प्रति जागरूक होना हर व्यक्ति का प्राथमिक फर्ज है एड्स हाथ मिलाने, छूने, चुंबन या किसी के साथ बैठ कर खाना खाने साथ नहीं होता। एड्स एक ऐसी बीमारी है, जिसके साथ व्यक्ति के शरीर में बीमारियों के साथ लड़ने की शक्ति बिल्कुल खत्म हो जाती है और उसे अनेक बीमारियां अपनी जकड़ में ले लेती हैं। इस बीमारी के बारे जागरूकता की कमी होना, मरीज में इस बीमारी के प्रति डर और पीड़ित का सामाजिक बायकाट बहुत ही चिंताजनक है।

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एचआईवी का कारण-

-एचआईवी पीड़ित व्यक्ति का सीमेन किसी नार्मल स्त्री के शरीर में जाता है तो ऐसे में एचआईवी का संक्रमण हो सकता है।

-पीड़ित माता के दूध में एचआईवी वायरस मौजूद होता है। यदि एचआईवी पीड़ित माता अपने शिशु को स्तनपान कराती है तो शिशु को एचआईवी का संक्रमण हो जाता है।

-यदि किसी एचआईवी पीड़ित व्यक्ति का रक्त किसी नॉर्मल व्यक्ति को डोनेट किया जाता है या चढ़ाया जाता है तो ऐसे में नॉर्मल व्यक्ति के शरीर में एचआईवी वायरस प्रवेश कर जाता है।

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बचाव

-संभोग के दौरान कंडोम का प्रयोग अवश्य करें।

-किसी ऐसे व्यक्ति या महिला के साथ संभोग न करें जिसे पहले से ही एचआईवी का संक्रमण है

-संभोग करने से पहले पर्सनल हाइजीन पर ध्यान दें और अपने हाथों तथा प्राइवेट पार्ट्स को साफ रखें

-एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी के द्वारा एचआईवी वायरस से पीड़ित व्यक्ति को कई सालों तक और जीवनदान दिया जा सकता है

-एचआईवी वायरस से बचाव करना ही इसका एकमात्र इलाज है।क्योंकि, अब तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं खोजी जा सकी है

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एड्स से कारण इन बीमारियों का बढ़ता है खतरा

-कैंसर

-न्यूमोनिया

-ट्यूबरकुलोसिस या टीबी

-ओरल थ्रस यानि मुंह और गले में होने वाला एक प्रकार का फंगल इन्फेक्शन

-टोक्सोप्लाज्मोसिस यानि मस्तिष्क से संबंधित समस्या जो एक परजीवी के कारण होती है

-क्रिप्टोस्पोरिडियोसिस यानि आंतों में पाए जाने वाले एक परजीवी के कारण होने वाली समस्या