व्यपारियो ने लॉकडाउन से प्रभावित सूक्ष्म-लघु- मध्यम उद्योग- धंधों पर विस्तार से चर्चा की गई



नोएडा (अमन इंडिया)। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, नोएडा इकाई द्वारा वर्चुअल मीटिंग कर कोरोना की दूसरी लहर और लॉकडाउन से प्रभावित सूक्ष्म-लघु- मध्यम उद्योग- धंधों पर विस्तार से चर्चा की गई


। साथ ही प्रतिनिधि मंडल द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक पत्र भेजकर ऐसे व्यापारियों को मोरेटोरियम की सुविधा और रेहड़ी- पटरी -ठेले वाले छोटे दुकानदारों को ब्याज मुक्त कर्ज देने की मांग की गई है।

वर्चुअल मीटिंग में प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि गत वर्ष से कोरोना महामारी के कारण जहां देश में बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है, वहीं देश के उद्यमियों, उद्योगपतियों और व्यापारियों की आर्थिक कमर टूट गई है। फिर भी वे सरकार को सहयोग देने में आगे रहे हैं।

प्रतिनिधि मंडल के चेयरमैन रामअवतार सिंह ने कहा कि अनेक उद्यमी, उद्योगपति और व्यापारियों ने बैंक से कर्ज लेकर अपना उद्योग- धंधा, व्यापार को शुरू कर रखा है और लॉकडाउन के बंदी के कारण वे बिजली का बिल, सरकार का टैक्स, कर्मचारियों का वेतन, बैंक का ब्याज, टर्म लोन पर ईएमआई समय पर दे रहे हैं।

अध्यक्ष नरेश कुच्छल ने कहा कि उद्योग जगत के लिए वर्ष 2020- 2021 वैसे ही बिना काम-धंधे, रोजगार का चला गया, लेकिन 2021- 2022 में उम्मीद थी कि सरकार द्वारा उन्हें घाटे का भरपाई किया जाएगा। परंतु, अप्रैल माह में जैसे ही नए व्यवसायिक सत्र का प्रारंभ हुआ वैसे ही देश में फिर से लॉकडाउन घोषित कर दिया गया तथा देश- प्रदेश में कोविड की दूसरी लहर से हाहाकार मच गया।

 वर्चुअल मीटिंग के दौरान अन्य वक्ताओं का कहना था कि लॉकडाउन से उद्योग जगत, छोटे उद्यमी, व्यापारी, एमएसएमई आदि जो बैंक से लोन लेकर तथा छोटे व्यवसाई जैसे सड़क, पटरी पर ठेली लगाने वाले प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत लोन लेकर व्यापार कर रहे हैं, उन्हें कोविड-19 की दूसरी लहर व लॉकडाउन से उनका व्यापार पूरी तरह खत्म हो गया है और उनकी आजीविका चलाने का संकट पैदा हो गया है। आज उनके सामने सबसे बड़ी समस्या बिजली का बिल, सरकार को टैक्स, कर्मचारियों का वेतन, बैंक ब्याज व टर्म लोन पर ईएमआई का भार वहन करना संभव नहीं है।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि बैंक का लोन समय से भुगतान न करने के कारण जहां उनका क्रेडिट खराब हो जाएगी और भविष्य में बैंक उन्हें लोन भी न मिल सकेगा। ऐसी स्थिति में मोरेटोरियम को फिर से लागू करना आवश्यक है।

 वक्ताओं ने कहा कि सूक्ष्म- छोटे- मझोले उद्योग इकाइयों को ईएमआई का संजीवनी देते हुए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत जिन्होंने लोन ले रखा है, उन्हें सशर्त 2 वर्ष तक की कर्ज अदायगी का समय बढ़ाया जाए ताकि उन्हें राहत मिल सके। साथ ही रेहड़ी-पटरी- ठेले वाले दुकानदारों को पुनः व्यापार चलाने के लिए ब्याज रहित लोन भी देने का आदेश सरकार द्वारा जारी किया जाए।

 इस मौके पर अध्यक्ष नरेश कुच्छल,चेयरमैन रामअवतार सिंह, सत्यनारायण गोयल, संदीप चौहान, मनोज भाटी, मूलचंद गुप्ता, दिनेश महावर, सुशील सिंघल, संजय चौहान, महेंद्र कटारिया, सोमवीर सिंह, मुकेश गर्ग, अजय गर्ग आदि शामिल रहे।

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