कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में देशभर के वैश्य शामिल होगे

 


ज्ञानेश कुमार के समर्थन में 25 अक्टूबर को दिल्ली में जुटेगा सर्व समाज महारैली का ऐलान


कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में देशभर के वैश्य, अग्रवाल और व्यापारी समाज के प्रतिनिधियों की अहम बैठक; जय भगवान गोयल, नंद किशोर अग्रवाल और विकास जैन ने किया आह्वान


नई दिल्ली (अमन इंडिया) । ज्ञानेश कुमार के समर्थन में 25 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली एवं शांतिपूर्ण मार्च को लेकर सामाजिक और व्यापारी संगठनों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में दिल्ली स्थित कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में देशभर से आए वैश्य समाज, अग्रवाल समाज और व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रसिद्ध व्यापारी एवं वैश्य नेता जय भगवान गोयल, नंद किशोर अग्रवाल तथा उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन सहित विभिन्न राज्यों से पहुंचे सैकड़ों प्रतिनिधियों ने भाग लिया।


बैठक में 25 अक्टूबर को दिल्ली में अधिक से अधिक संख्या में एकत्रित होकर श्री ज्ञानेश कुमार के समर्थन में शांतिपूर्ण मार्च निकालने का आह्वान किया गया। उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज की एकजुटता, आपसी सहयोग और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने की क्षमता ही किसी भी सामाजिक अभियान की सबसे बड़ी ताकत होती है। बैठक में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।


आयोजकों ने सर्व समाज, वैश्य समाज, अग्रवाल समाज और व्यापारी वर्ग से अपील की कि वे 25 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपना समर्थन व्यक्त करें।


विकास जैन बोले—एक और एक ग्यारह नहीं, एक सौ ग्यारह होते हैं


बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश युवा व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विकास जैन ने समाज की एकता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग एक उद्देश्य के लिए एक मंच पर आते हैं, तो उनकी सामूहिक शक्ति कई गुना बढ़ जाती है।


विकास जैन ने कहा, “एक और एक ग्यारह नहीं, बल्कि एक सौ ग्यारह होते हैं। हमारी असली ताकत हमारी एकता है। यदि हम सभी अपने मतभेदों को भुलाकर एकजुट हो जाएं, तो अपनी बात को मजबूती के साथ देश के सामने रख सकते हैं। आज आवश्यकता इस बात की है कि सर्व समाज, वैश्य समाज, अग्रवाल समाज और व्यापारी वर्ग एक साथ खड़े हों तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करें।”


उन्होंने 25 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए देशभर के समाज के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रतिष्ठा और प्रभाव उसकी एकजुटता, संगठनात्मक क्षमता तथा अनुशासित सामूहिक भागीदारी से बढ़ता है।


विकास जैन ने आगे कहा कि समाज को अपने विचारों और समर्थन को स्पष्ट रूप से सामने रखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कार्यक्रम शांतिपूर्ण, अनुशासित और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए, ताकि समाज का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचे।


जय भगवान गोयल ने कहा—व्यापारी देश की आर्थिक शक्ति


बैठक में प्रसिद्ध व्यापारी एवं वैश्य नेता जय भगवान गोयल ने व्यापारी वर्ग की भूमिका और सामाजिक एकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यापारी समाज भारतीय अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। व्यापारियों का योगदान कारोबार चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे रोजगार उपलब्ध कराने, आर्थिक गतिविधियों को गति देने और समाज सेवा के कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


जय भगवान गोयल ने कहा, “बनिया देश को चलाने वाला है, बनिया देश की ताकत है। यदि आज भी हम एकजुट नहीं हुए, तो फिर कब होंगे? समाज की शक्ति उसकी एकता में है। जब हम सभी एक मंच पर आकर अपनी बात रखेंगे, तभी हमारी सामूहिक आवाज अधिक प्रभावशाली बनेगी।”


उन्होंने 25 अक्टूबर को दिल्ली में एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को साझा मुद्दों पर एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए और लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी को मजबूत बनाना चाहिए।


नंद किशोर अग्रवाल ने भी की एकजुटता की अपील


बैठक में नंद किशोर अग्रवाल की विशेष भूमिका रही। उन्होंने विभिन्न सामाजिक और व्यापारी संगठनों के बीच समन्वय तथा आपसी एकजुटता के महत्व पर जोर दिया। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि 25 अक्टूबर के प्रस्तावित कार्यक्रम को व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित करने के लिए अलग-अलग राज्यों में समाज के लोगों से संपर्क किया जाए।


बैठक का प्रमुख उद्देश्य विभिन्न सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाना, समाज के लोगों के बीच संवाद बढ़ाना और प्रस्तावित मार्च के लिए व्यापक समर्थन जुटाना रहा। उपस्थित लोगों ने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा जा सकता है।


देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे प्रतिनिधि


कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित इस बैठक में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी को समाज के बीच समन्वय बढ़ाने की पहल के रूप में देखा गया।


प्रतिनिधियों ने कहा कि वैश्य समाज, अग्रवाल समाज और व्यापारी वर्ग की सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और साझा विषयों पर एकजुट होकर अपनी बात रखना आवश्यक है।


बैठक में युवाओं, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को भी इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया। आयोजकों का कहना था कि व्यापक जनभागीदारी से कार्यक्रम का संदेश अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।


25 अक्टूबर को दिल्ली में शांतिपूर्ण मार्च का आह्वान


बैठक के अंत में आयोजकों ने 25 अक्टूबर को दिल्ली में प्रस्तावित महारैली एवं शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेने के लिए देशभर के सर्व समाज, वैश्य समाज, अग्रवाल समाज और व्यापारी वर्ग से अपील की।


आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम के माध्यम से श्री ज्ञानेश कुमार के समर्थन में अपनी बात रखी जाएगी। साथ ही, सभी प्रतिभागियों से अनुशासन बनाए रखने, कानून का पालन करने और लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप अपनी बात रखने का आग्रह किया गया।


विकास जैन ने कहा कि समाज के लोगों को अपनी सामूहिक शक्ति का सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि विभिन्न राज्यों से लोग इस आह्वान पर दिल्ली पहुंचेंगे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भागीदारी दर्ज कराएंगे।


सामाजिक एकजुटता पर केंद्रित रही बैठक


कॉन्स्टिट्यूशनल क्लब में आयोजित बैठक का मुख्य संदेश समाज की एकता, संगठनात्मक मजबूती और लोकतांत्रिक भागीदारी रहा। बैठक में उपस्थित नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि समाज के अलग-अलग वर्गों को आपसी सहयोग के साथ साझा मुद्दों पर आगे आना चाहिए।


25 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर आयोजकों ने व्यापक जनसंपर्क और समाज के लोगों से संवाद करने की योजना पर बल दिया। अब इस कार्यक्रम की तैयारियों और इसमें विभिन्न राज्यों से होने वाली भागीदारी पर सबकी नजर रहेगी।


बैठक में दिए गए संदेश का सार यही रहा कि एकजुट समाज अपनी बात अधिक मजबूती से रख सकता है। आयोजकों ने 25 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से समर्थन व्यक्त करने की अपील के साथ बैठक का समापन किया।