सर्दी में गर्दन और कमर दर्द के मामले तेजी से बढ़े : डॉ पीयूष



नोएडा (अमन इंडिया)। बढ़ती सर्दी के साथ लोगों को गर्दन के आसपास कड़ापन और दर्द महसूस होने की समस्या हो रही है। यह सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं। अगर समय रहते सही दिशा में इलाज के उपाय न किए जाएं तो यह समस्या बढ़ सकती है। नियमित जीवनशैली में आए बदलाव के कारण समस्या बढ़ी है।

फेलिक्स अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ पीयूष कुमार सिंह ने कहा कि चूंकि सर्दी के दौरान खून की धमनियां संकुचित हो जाती हैं, जिससे खून का प्रवाह सामान्य ढंग से नहीं हो पाता। शरीर के विभिन्न अंगों तक खून,पानी व ऑक्सीजन की पूर्ति कम हो जाती है। इसकी वजह है कि खून में हीमोग्लोबिन होता है, जो ऑक्सीजन को एक जगह से दूसरी जगह तक ले जाता है। ऑक्सीजन की मात्रा कम होने पर शरीर की तंत्रिकाओं में तनाव पैदा हो जाता है, जिससे दर्द की अनुभूति होने लगती है। नियमित व्यायाम न करना, कंप्यूटर या मोबाइल लंबे समय तक गलत पोजीशन में बैठकर काम करने से लोगों में सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस की समस्या बढ़ी है। इस बीमारी को सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है। दूसरे नाम सर्वाइकल ऑस्टियोऑर्थराइटिस, नेक ऑर्थराइटिस और क्रॉनिक नेक पेन हैं। इसमें गर्दन व कंधों में दर्द तथा जकड़न के साथ-साथ सिर में पीड़ा तथा तनाव बना रहता है। ऐसा अक्सर अधिक बार ऊपर या नीचे देखने के कारण, गाड़ी चलाने, किताबें पढ़ने के कारण, मोबाइल व कंप्यूटर के अधिक प्रयोग करने से, गलत पोस्चर में लेटने या बैठने से हो सकता है। गर्दन दर्द होने पर अमूमन लोग दर्द निवारक गोलियों का इस्तेमाल करते हैं जो थोड़े समय के लिए दर्द से निजात दिला सकती है, लेकिन ज्यादा दवाई लेने से नुकसान हो सकता है। इसके लिए फिजियोथेरेपी, व्यायाम बेहतर इलाज है।