कृषि वैज्ञानिकों की भर्ती से देश बनेगा अव्वल


आरटीआई से समाजसेवी रंजन तोमर ने माँगा पिछले दस वर्षों का ब्यौरा 


नोएडा(अमन इंडिया)।  कृषि के क्षेत्र में देश की पैदावार और गुणवत्ता को बढ़ाने की ज़रूरत को समझते हुए सरकार द्वारा लगातार कृषि वैज्ञानिक तैयार किये जा रहे हैं जो कृषि के विभिन्न आयामों में अनुसन्धान कर देश को अव्वल लाने में मदद कर रहे हैं , भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के भीतर आने वाले कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड से एक आरटीआई में मिली जानकारी से यह खुलासा हुआ है , जिसके अनुसार कृषि अनुसन्धान सेवा द्वारा 2011 , 2012 ,2013 ,2014 , 2015 , 2016 एवं 2017 में करवाई गई परीक्षाओं में सैंकड़ों वैज्ञानिकों को सेवा के लिए चुना गया जिनमें पौध प्रजनन , आर्थिक वनस्पति विज्ञानं , बीज प्रौद्योगिकी , प्लांट पैथोलॉजी , कृषि कीट विज्ञानं , कृषि जैव प्रौद्योगिकी , जीव रसायन , पशु चिकित्सा रोगविज्ञान , कृषि विज्ञानं , मत्स्य संसाधन प्रबंधन जैसे विषयों में वैज्ञानिक भर्ती किये जा रहे हैं। 

 तोमर के पास आई लिस्ट में प्रत्येक वर्ष चुने गए अभ्यर्थियों की लिस्ट है जिसमें पेपर में दो सौ के करीब वैज्ञानिक चुने गए। जानकारी के अनुसार 2011 में जहाँ 176 वैज्ञानिकों का चयन हुआ , वहीँ 2012 के पेपर से 322 अभ्यर्थी चुने गए , 2013 में यह आंकड़ा 361 रहा , 2014 में 228 वैज्ञानिक चुने गए , 2015 में 78 का ही चुनाव हो सका , 2016 में 179 और 2017 में 181 वैज्ञानिक चयनित हुए , कुल मिलकर हाल के दस वर्षों में 1525 के करीब वैज्ञानिक चुने गए हैं।