फेलिक्स अस्पताल में ड्राई रन से परखी जाएंगे बूस्टर डोज के इंतजाम



नोएडा (अमन इंडिया)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद 10 जनवरी से स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन वर्कर और बुजुर्गों को कोरोना की बूस्टर यानि प्रिकॉशन डोज दी जाएगी। सेक्टर 137 फेलिक्स अस्पताल में आज वैक्सीनेशन का ड्राई रन किया जाएगा। ड्राई रन से बूस्टर डोज के इंतजाम को परखी जाएंगा। फेलिक्स अस्पताल के चेयरमैन डॉ डीके गुप्ता ने बताया कि बूस्टर डोज के वैक्सीनेशन से पहले सभी जरूरी तैयारियों को परखना जरूरी है। इसलिए ड्राई रन किया जाएगा। सुबह 8 बजे से ये प्रक्रिया आरंभ होगी। ड्राई रन का मतलब टीकाकरण प्रोसेस की मॉकड्र्रिल से है। ड्राई रन के जरिये प्रकिया की जांच की जाती है कि पूरा सिस्टम सही से काम कर रहा है या नहीं। यानी सबकुछ वैसा ही होगा जैसा टीकाकरण अभियान में होने वाला है।मतलब यह कि डमी वैक्‍सीन कोल्‍ड स्‍टोरेज से निकलकर वैक्‍सीनेशन सेंटर तक पहुंचेगी। साइट पर क्राउड मैनेजमेंट को भी टेस्‍ट किया जाएगा। वैक्‍सीन की रियल-टाइम मॉनिटरिंग को भी परखा जाएगा। कुल मिलाकर असली वैक्‍सीन देने को छोड़कर बाकी हर एक चीज होगी। ड्राई रन चलने के बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी। अगर प्‍लान में बदलाव की जरूरत महसूस हुई तो वह भी किया जाएगा। अगर सबकुछ ठीक रहता है तो अभी के प्‍लान के हिसाब से ही 10 जनवरी से टीकाकरण अभियान लॉन्च कर दिया जाएगा। अस्पताल में वैक्सीन के लिए आने वाले लाभार्थियों के लिए फ्री फुल बॉडी चेकअप की व्यवस्था की गई है। जिसमें किडनी, लीवर, हृदय, डायबिटीज एवं फ्री हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श सम्मिलित है। वैक्सीन से पहले बीमार लोगों को निशुल्क परामर्श दिया जाएगा।


कौन-२ ले सकता है बूस्टर डोज़ ?

६० + नागरिकों के साथ-साथ हेल्थकेयर वर्कर एवं फ्रंट लाइन वारियर्स 10 तारीख से ले सकेंगे बूस्टर डोज़ | गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग बुजुर्ग लोग और कमजोर इम्युनिटी के शिकार लोगों को बूस्टर डोज देने की सलाह दी जा रही है। ऐसे लोग जिन्हें हाल ही में कोरोना वायरस हुआ है, उनके शरीर में वायरस से लड़ने के लिए एक नेचुरल तंत्र तैयार हो गया है इसलिए उन्हें अभी वैक्सीन की जरूरत नहीं है।


बूस्टर डोज़ के रूप में कोन सी वैक्सीन दी जाएगी?

अगर आप कभी भी बूस्टर डोज लगवाए तो वहीं वैक्सीन की लगाएं। यानी अगर आपने कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज ली हैं तो बूस्टर डोज के तौर पर कोविशील्ड ही लगवाए। इसी तरह अगर आपने कोवैक्सीन की दोनों डोज ली है तो अब आपको को कोवैक्सीन की बूस्टर डोज के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। अस्पताल में इसी प्रक्रिया को अपनाया जाएगा।

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