विश्व ट्राॅमा दिवस पर जेएंडजे व आईआरएससी ने भारत में ईएमएस को मजबूत करने का लिया संकल्प

 


 


 नई दिल्ली (अमन इंडिया)। विश्व ट्राॅमा दिवस के अवसर पर, जाॅनसन एंड जाॅनसन और इंडियन रोड सेफ्टी कैंपेन (आईआरएससी) ने सड़क सुरक्षा गोल्डन अवर एवं गुड सैमरिटन लाॅ पर जागरुकता अभियान चलाने के लिए साझेदारी की है।


सड़क सुरक्षा 2018 पर डब्लूएचओ की ग्लोबल रिपोर्ट के अनुसार भारत सड़क दुर्घटनाओं के मामले में 199 देशों में पहले स्थान पर आता है। वर्तमान में मौजूद प्रभावशाली व एक्सपर्ट ट्राॅमा केयर एवं केयर के अपेक्षित स्तर के बीच का अंतर बहुत बड़ा है। पिछले 9 महीनों में कोविड-19 ने भारत के ट्राॅमा केयर सेंटर्स में अप्रत्याशित स्थिति उत्पन्न कर इस समस्या को और ज्यादा बढ़ा दिया है।


 


डाॅक्टर रमनीक महाजन, डायरेक्टर- आॅर्थोपीडिक्स एंड ज्वाईंट रिप्लेसमेंट, इंस्टीट्यूट आॅफ आॅर्थोपीडिक्स एंड ज्वाईंट रिप्लेसमेंट, मैक्स स्मार्ट सुपरस्पेशियल्टी हाॅस्पिटल नई दिल्ली ने कहा कि विश्व ट्राॅमा दिवस पर हमें ट्राॅमा से होने वाली मौतों को रोकने और सबसे गंभीर परिस्थिति में जीवन की सुरक्षा करने के महत्व पर बल देना है।


 विशेषज्ञों के अनुसार बेसिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे ट्राॅमा के मामले में महामारी के दौरान भी कोई समझौता नहीं किया जा सकता। ट्राॅमा के मरीजों के लिए एक समर्पित ट्राईएज़ क्षेत्र होना चाहिए, ताकि ट्राॅमा के मरीजों को हर वक्स समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके। कोविड-19 ने दुनिया में परिवर्तन ला दिया है। इसलिए ट्राॅमा केयर प्रदाताओं को इन दबावपूर्ण परिस्थितियों, मरीज की चोट व वातावरण की बदलती स्थितियों के अनुरूप समायोजित होने व सुधार करने की जरूरत है। इस अभियान द्वारा जेएंडजे, इंडिया और आईआरएससी ‘गोल्डन अवर’ के महत्व पर बल दे रहे हैं और यह जागरुकता बढ़ा रहे हैं कि गुड सैमरिटन लाॅ सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने वाले व्यक्ति को कानूनी उलझनों से सुरक्षा प्रदान करता है।